भारतीय दूतावास ने बुधवार को बताया कि कतर में फंसे 500 से अधिक भारतीयों को नयी दिल्ली और अन्य स्थानों पर पहुंचाया गया है।
दूतावास ने पश्चिम एशियाई देश में अब भी फंसे लोगों को किसी भी अज्ञात वस्तु, मलबे या टुकड़ों के पास जाने के खिलाफ चेतावनी दी है।
कतर स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक परामर्श में कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कतर एयरवेज बृहस्पतिवार को भारत के लिए दो उड़ानें संचालित करने वाली है।
दूतावास ने कहा, कतर में फंसे 500 से अधिक भारतीय 11 मार्च को कतर एयरवेज की उड़ानों से नयी दिल्ली और अन्य गंतव्यों के लिए रवाना हुए।
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संघर्ष के कारण उड़ानें रद्द होने से दुबई में फंसे ओडिशा के 35 पर्यटक बुधवार को सुरक्षित घर लौट आए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान के अनुसार, फंसे हुए पर्यटकों में से नौ पर्यटक सात मार्च को केरल के कोच्चि होते हुए भुवनेश्वर लौट आए। बयान में बताया गया कि बाकी पर्यटक आठ मार्च को मुंबई होते हुए ‘एअर इंडिया एक्सप्रेस’ की विशेष उड़ान से राज्य की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचे। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस बात पर चिंता जताई कि क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में ओडिशा के कई लोग फंसे हुए हैं।
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मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि माझी ने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्य सचिव अनु गर्ग को स्थिति पर बारीकी से नजर रखने और उडिया लोगों की वापसी को सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। वहीं, विपक्षी दलों ने विधानसभा में ओडिशा सरकार पर खाड़ी देशों में जारी संघर्ष के बीच फंसे राज्य के लोगों के प्रति कोई चिंता न दिखाने का बुधवार को आरोप लगाया।
मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक और प्रताप केशरी देब द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से सदन में इस मुद्दे पर बहस हुई। बीजू जनता दल (बीजद) विधायक अरुण कुमार साहू ने बहस की शुरुआत करते हुए पूछा कि क्या राज्य सरकार के पास युद्ध के बीच फंसे उडिया लोगों को वापस लाने की कोई योजना है? बीजद सदस्य ध्रुव चरण साहू ने आरोप लगाया कि खाड़ी देशों में रह रहे लोगों के परिवार गंभीर मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने के लिए सदन में प्रस्ताव लाए।
साहू ने कहा, “ओडिशा विधानसभा युद्ध रोकने की अपील करने वाली देश की पहली विधानसभा बने।” विपक्षी विधायकों ने कहा कि हवाई संपर्क रद्द होने के कारण खाड़ी देशों में लगभग तीन से चार लाख उडिया लोग फंसे हुए हैं, जिनमें से अधिकांश केंद्रपाड़ा, गंजाम और पुरी जिलों से हैं।
