प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा की और क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना पर हुए हमलों की निंदा की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से बात की और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा की। मैंने क्षेत्रीय ऊर्जा अवसंरचना पर हुए हमलों की भारत की निंदा दोहराई। हम नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और जहाजरानी मार्गों को खुला और सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर सहमत हुए। सऊदी अरब में भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए उनके निरंतर समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
यह बातचीत पिछले एक महीने में कई विश्व नेताओं के साथ मोदी की हुई कई फोन कॉलों की कड़ी में नवीनतम है। ये कॉल 28 फरवरी को इजरायल समर्थित ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से जारी हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में, मंगलवार, 24 मार्च को, मोदी ने कहा कि उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का फोन आया था और दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का उपयोगी आदान-प्रदान किया।
उन्होंने आगे कहा कि भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है और यह सुनिश्चित करना कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला, सुरक्षित और सुलभ बना रहे, पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। मोदी ने लिखा कि हमने शांति और स्थिरता के प्रयासों के संबंध में संपर्क में रहने पर सहमति जताई है। नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि पश्चिमी एशिया में एक महीने से युद्ध जारी है और भारत देशवासियों के भरोसे के साथ इस संकट का पूरी शक्ति से मुकाबला कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रथम चरण समेत कार्गो हब का उद्घाटन करने के बाद जेवर में एक समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व चिंतित हैं, पश्चिम एशिया में एक महीने से युद्ध जारी है। युद्ध की वजह से कई सारे देशों में खाने-पीने के सामान, डीजल, खाद का संकट सामने आया है।