रिलायंस समूह (ADAG) के चेयरमैन अनिल अंबानी के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी और धनशोधन (Money Laundering) के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है। बृहस्पतिवार को अनिल अंबानी दिल्ली स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए, जबकि इससे ठीक एक दिन पहले एजेंसी ने उनके मुंबई स्थित आलीशान आवास पर बड़ी कार्रवाई की थी।
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अंबानी (66) पूर्वाह्न करीब साढ़े 10 बजे मध्य दिल्ली स्थित संघीय जांच एजेंसी के कार्यालय पहुंचे। इससे पहले उनसे अगस्त 2025 में पूछताछ की गई थी।
एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत उनका बयान दर्ज किया है।
यह जांच उनकी समूह कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) द्वारा कथित रूप से 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले से संबंधित है।
इस जांच के तहत जनवरी में ईडी ने आरकॉम के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने पहले दावा किया था कि कथित तौर पर हेराफेरी की गई धनराशि को आरकॉम की कई विदेशी अनुषंगी कंपनियों और विदेशी संस्थाओं के माध्यम से ‘‘डायवर्ट’’ किया गया था।
अंबानी और उनके समूह की विभिन्न कंपनियों पर ऋण धोखाधड़ी के आरोप हैं। ईडी ने हाल ही में इन सभी मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
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एसआईटी का गठन उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद किया गया।
ईडी ने बुधवार को धनशोधन रोधी कानून के तहत अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आवास ‘एबोड’ को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया था। इसकी कीमत 3,716 करोड़ रुपये बताई गई है।
ईडी द्वारा शीर्ष अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार, उसने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के खिलाफ बैंक ऋण धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए धनशोधन के तीन मामले दर्ज किए हैं।
