जैसे-जैसे साल 2026 आगे बढ़ रहा है, दुनिया भर के मुसलमानों के लिए साल का सबसे मुकद्दस वक्त करीब आ गया है। ओमान ने आधिकारिक तौर पर यह कन्फर्म कर दिया है कि इस साल रमजान का महीना 19 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। इसका मतलब है कि अब बस कुछ ही दिनों में मस्जिदों से तरावीह की गूँज सुनाई देगी और घरों में सहरी-इफ्तारी की रौनक बढ़ जाएगी।
जैसा कि हम जानते हैं, इस्लामिक कैलेंडर पूरी तरह चाँद (lunar-based) पर निर्भर करता है। यही वजह है कि हर साल रमजान की तारीखें बदलती रहती हैं। इस बार चाँद की चाल को देखते हुए ओमान ने 19 फरवरी की तारीख पर मुहर लगा दी है। यह सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत है जिसका इंतजार हर मोमिन को रहता है।
अक्सर लोग समझते हैं कि रमजान का मतलब सिर्फ सुबह से शाम तक भूखा-प्यासा रहना है, लेकिन बात इससे कहीं गहरी है। यह महीना खुद को बेहतर बनाने, अपनी कमियों पर गौर करने और खुदा से रिश्ता मजबूत करने का है।
ओमान के मुस्लिम समुदायों में इस दौरान नमाज़ और कुरान की तिलावत बढ़ जाती है। और इतना ही नहीं बल्कि यह महीना सिखाता है कि हम अपने आस-पास के जरूरतमंदों का ख्याल रखें। जकात और सदका (दान) के जरिए लोग एक-दूसरे की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाते हैं। इफ्तार के समय जब पूरा परिवार और दोस्त एक साथ बैठते हैं, तो वह भाईचारे का मंजर देखने लायक होता है।
मस्जिदों में ‘तरावीह’ की विशेष नमाजों के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ओमान की सड़कों और बाजारों में एक अलग ही सुकून और खुशबू महसूस की जा सकती है। लोग मानसिक और शारीरिक रूप से इस पाक महीने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। निचोड़ यह है कि 19 फरवरी से शुरू हो रहा यह महीना ओमान और पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए अपनी आस्था को और गहरा करने का एक सुनहरा मौका है। यह वक्त है रुकने का, सोचने का और एक नेक इंसान बनने की दिशा में कदम बढ़ाने का।
