पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार देर रात प्रांत के बन्नू जिले में एक भीषण आत्मघाती कार हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस आत्मघाती हमले में तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित कम से कम पांच निर्दोष लोगों की मौत हो गई है। पुलिस के अनुसार, बन्नू जिले की दोमेल तहसील में एक कार सवार आत्मघाती हमलावर वाहन को लेकर थाने में जा घुसा जिससे जोरदार विस्फोट हुआ।
विस्फोट की तीव्रता और गूंज से स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई।
इसे भी पढ़ें: Jan Vishwas Bill 2026: PM मोदी का बड़ा दांव- पुराने कानूनों की बेड़ियाँ टूटीं, ‘जन विश्वास विधेयक’ को बताया सुगम जीवन का आधार
धमाके के तुरंत बाद गोलीबारी भी हुई, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया।
विस्फोट के कारण आसपास के कई घरों को भी नुकसान पहुंचा। कम से कम चार पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। अधिकारी स्थिति का आकलन कर रहे हैं और बचाव एवं राहत अभियान जारी है।
पुलिस के मुताबिक, बचाव दल ने घटनास्थल से पांच शव बरामद किए हैं।
इसे भी पढ़ें: US Defense Department Reshuffle | पेंटागन में बड़ा फेरबदल! रक्षा सचिव Pete Hegseth ने आर्मी चीफ General Randy George से मांगा इस्तीफा
धमाके के बाद भीषण गोलीबारी
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद इलाके में अंधाधुंध गोलीबारी शुरू हो गई। धमाके और फायरिंग के कारण स्थानीय निवासियों में भारी दहशत फैल गई। हमले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है।
घटना का विवरण एक नज़र में:
स्थान: दोमेल तहसील, बन्नू जिला (खैबर पख्तूनख्वा)।
हमले का प्रकार: आत्मघाती कार बम धमाका।
हताहत: 5 मृत (3 महिलाएँ, 1 बच्चा, 1 अन्य), 4 पुलिसकर्मी घायल।
नुकसान: पुलिस थाना और आसपास के रिहायशी घर क्षतिग्रस्त।
राहत और बचाव कार्य जारी
पुलिस और बचाव दल ने घटनास्थल से अब तक पांच शव बरामद किए हैं। हमले में घायल हुए चार पुलिसकर्मियों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि वे अभी भी स्थिति का आकलन कर रहे हैं और मलबे के नीचे दबे अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश की जा रही है।
बढ़ता आतंकी खतरा
खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों में हाल के दिनों में तेजी आई है। यह हमला पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर एक और बड़ा सवाल खड़ा करता है, विशेषकर ऐसे समय में जब सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव चरम पर है।
