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ईरान से जंग, लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले और गाजा में हमास से दो-दो हाथ…. तीन मोर्चों पर उलझे इस्राइल के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने चेताया है कि जवानों की भारी मी है…
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर साफ दिखाई देने लगा है। जहां ग्लोबल ऑयल सप्लाई में आई रुकावटों के चलते दुनिया के कई देशों की मुश्किलें बढ़ गई और इस समय…
रूस की मीडिया ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए दिखाया है कि रूस में सर्दी खत्म होते ही तापमान थोड़ा बढ़ रहा है। इसीलिए राष्ट्रपति पुतिन धूप का मजा लेने के लिए मछली पकड़ने निकले हैं।…
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक ने शनिवार को विधानसभा चुनावों के लिए अपने सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे की प्रक्रिया पूरी…
ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके सभी अधिकार और…
अमित शाह ने शनिवार को कोलकाता में बोलते हुए कहा कि एसआईआर (न्यायिक सुरक्षा निरीक्षण) का अभ्यास पूरे देश में…
केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) पर मलप्पुरम में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के…
तमिलनाडु में 2026 के चुनावों के लिए एएमएमके के 120 सूत्री घोषणापत्र में तमिलों के लिए 85% राज्य रोजगार, कृषि…
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईंधन पर उत्पाद शुल्क में हाल ही में की गई कटौती के लिए…
अमित शाह ने बंगाल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ममता जी से कहना चाहता हूं, जितना रोना…
किसी शादीशुदा आदमी का किसी एडल्ट महिला के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहना कोई अपराध नहीं है। यह बात…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई…
पश्चिम एशिया संकट के बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम इंडिया रणनीति की आलोचना…
शनिवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर विशाखापत्तनम से आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट के…
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भारत और चीन के बीच व्यापार का रिश्ता आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां सच्चाई और दिखावा आमने सामने खड़े हैं। ऊपर से सब…
मध्यक्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह मंगलवार को परिवार में आपात स्थिति के कारण घर लौट आए। भारतीय…
अक्षर पटेल ने नेट सत्र के दौरान लगभग 30 मिनट तक अपनी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी…
एवर्टन के खिलाफ मिली अहम जीत के बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड के खेमे में राहत का माहौल है…
सोमवार रात प्रीमियर लीग में मुकाबला मैनचेस्टर यूनाइटेड ने एवर्टन को 1-0 से हराकर टॉप-4 की अपनी…
महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया गया है और इस बार मुकाबला पहले…
मुंबई से आई खबर ने भारतीय महिला टेनिस में नई उम्मीद जगा दी है। बेंगलुरु में खेले…
संगीत निर्देशक जीवी प्रकाश कुमार हर साल एक अभिनेता के रूप में कुछ फिल्में रिलीज करते हैं और इस बार निर्देशक मारिया राजा एलंचेज़ियन की फिल्म ‘हैप्पी राज’ रिलीज हुई है। कहानी आनंद राज उर्फ हैप्पी राज (जीवी प्रकाश कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक खुशमिजाज नौजवान है और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना पसंद करता है, समाज की अपेक्षाओं की उसे कोई परवाह नहीं है। वह एक ऐसा किरदार है जो छोटी-छोटी चीजों में खुशी ढूंढता है और असफलता या निराशा से कभी विचलित नहीं होता। प्यार में नाकाम होने के बावजूद, वह अटूट आशावाद से भरा है और खुशी से जीवन जीता रहता है। लेकिन कहानी में एक मोड़ है – हैप्पी राज जिन भी समस्याओं से जूझ रहा है, वे उसके कंजूस पिता कथामुथु (जॉर्ज मरियन) से जुड़ी हुई लगती हैं, जो एक स्कूल शिक्षक भी हैं।इसे भी पढ़ें: Ranveer Singh का Blockbuster Dialogue ‘धुरंधर 2’…
New Delhi: As artificial intelligence tightens its grip on nearly every industry, a quiet but profound truth is emerging: it…
New Delhi: China has introduced Covid-style containment measures to tackle a growing chikungunya outbreak, with over 7,000 cases reported nationwide…
आजकल की काफी महिलाएं खून की कमी से परेशान हैं। खून की कमी से शरीर में एनीमिया के कई लक्षण…
New Delhi: The WHO on Tuesday called for urgent scale-up of research, innovation and collaboration to accelerate momentum towards ending…
New Delhi: The Supreme Court on Tuesday directed the national task force, constituted to protect medical professionals, to file its…
गाउट एक तरह की गठिया की समस्या है, जो जोड़ों में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने के कारण होती है।…
विदेश घूमने का अपना ही एक अलग मजा होता है। खासतौर पर अगर पार्टनर के साथ ट्रिप प्लान…
5 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज की सरकारी नौकरी में जानकारी महाराष्ट्र TET एग्जाम 2026 के लिए आवेदन शुरू होने की, नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर में 243 पदों पर निकली भर्ती की। साथ ही राजीव गांधी नेशनल एविएशन यूनिवर्सिटी में 14 ओपनिंग्स की।इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए.…1. महाराष्ट्र TET एग्जाम 2026 के लिए आवेदन शुरू, 21 जून को एग्जाममहाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। उम्मीदवार महाराष्ट्र टीईटी की ऑफिशियल वेबसाइट mahatet.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। महाराष्ट्र TET 2026 परीक्षा…
सरकार ने ई-स्कूटर और ई-रिक्शा के लिए नई समयसीमा और अधिकतम वाहनों की संख्या तय करने के लिए…
सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों से निपटने में…
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच देश में…
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारत के शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई…
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के साथ दुनिया के ऊर्जा बाजार को लेकर भी चिंता गहराने लगी है। इसी बीच…
धर्म, जाति और धर्मांतरण का प्रश्न भारत के सामाजिक, संवैधानिक और राष्ट्रीय जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील और जटिल विषय है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह निर्णय कि यदि अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को स्वीकार कर लेता है तो वह अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा और उससे जुड़े लाभों का अधिकारी नहीं रहेगा, केवल एक सामान्य कानूनी निर्णय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय की अवधारणा और राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता को ध्यान में रखकर दिया गया एक दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय को भारतीय न्याय व्यवस्था की परिपक्वता, संतुलन और दूरदर्शिता का प्रतीक कहा जा सकता है।भारत में अनुसूचित जाति की व्यवस्था का निर्माण किसी धर्म विशेष को लाभ देने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि उन सामाजिक वर्गों को संरक्षण और अवसर देने के लिए किया…
धार्मिक स्थलों को बंदरों से क्यों नही मिलती मुक्ति। सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि इन स्थानों पर आने वाले श्रृद्धालु कब तक इनके आंतक झेलते रहेंगे? कब तक इनका शिकार होते रहेंगे?हाल में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु अपने कार्यकाल में 19 मार्च को वृंदावन आईं। वे दूसरी बार यहां आईं है। इससे पहले इसी पद पर रहते हुए प्रणब मुखर्जी व रामनाथ कोविंद भी अपने कार्यकाल में दो बार वृंदावन आए थे। लेकिन, राष्ट्रपति मुर्मु वृंदावन के तीन दिवसीय प्रवास पर आने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्रप्रसाद, ज्ञानी जैल सिंह एक बार वृंदावन आए। उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए डॉक्टर शंकरदयाल शर्मा, आर वेंकटरामन, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी वृंदावन अपनी धार्मिक यात्रा पर आ चुके हैं।इसे भी पढ़ें: President Murmu के Vrindavan दौरे से पहले हाई अलर्ट, चश्मा चोर बंदरों को डराएंगे लंगूर के कटआउटनिवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी दो बार वृंदावन आए। आश्रय…
आजकल आधार कई सरकारी सर्विस और स्कीम का एक ज़रूरी हिस्सा बन गया है। आधार का इस्तेमाल लगभग हर सर्विस में पहचान वेरिफिकेशन के लिए किया जाता है, चाहे वह बैंक अकाउंट हो, मोबाइल नंबर हो, गैस सब्सिडी हो या पेंशन हो। ऐसे में पेंशन अकाउंट, खासकर EPF (एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड) से आधार को लिंक करना फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक करना ज़रूरी नहीं है, लेकिन इससे आपकी पहचान और डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करना आसान हो जाता है। इससे भविष्य में क्लेम, पेंशन ट्रांसफर और दूसरी सर्विस में देरी की संभावना कम हो सकती है। अच्छी बात यह है कि आप आसानी से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से अपने पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक कर सकते हैं। सरकार द्वारा विभिन्न पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार लिंकिंग को महत्वपूर्ण बनाया गया है। पेंशन खाते…
वर्ष 2017 में विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी भाजपा गठबंधन की सरकार ने नौ वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन नौ वर्षों में सरकार ने कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा विकास के अनेक प्रतिमान गढ़े हैं। अपनी उपलब्धियों को जन जन तक पहुँचाने के लिए सरकार ने, ”नवनिर्माण के नौ वर्ष” नामक पुस्तक का प्रकाशन भी किया है। वर्ष 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश अराजकता के जाल में फंसा हुआ था। छोटी -छोटी बातों पर फसाद हो जाते थे। कानून और व्यवस्था की बुरी स्थिति के कारण निवेशक यहां आने से डरते थे। मुस्लिम तुष्टिकरण चरम पर था। लोग उल्टा प्रदेश कहकर प्रदेश का उपहास करते थे। 2017 में योगी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद से इस स्थिति में व्यापक परिवर्तन हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अब प्रदेश की पहचान का संकट समाप्त हो चुका है,…
आजकल व्यक्तिगत पहचान के लिए आधार नम्बर का इस्तेमाल अनिवार्य हो चुका है। ऐसे में ऐन वक्त पर यदि आधार ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए, तो लोगों के परेशान होना स्वाभाविक है। ऐसी समस्या प्रायः सर्वर डाउन होने या गलत नम्बर दर्ज रहने से आती है। जानकारों का कहना है कि आधार ओटीपी (OTP) न आने या ऑथेंटिकेशन फेल होने की समस्या आम है, जो मोबाइल नंबर, नेटवर्क या सर्वर से जुड़ी हो सकती है। इसलिए आइए हमलोग यहां जानते हैं कि इसका मुख्य कारण क्या है और इसका समाधान क्या हो सकता है। इस आम समस्या के मुख्य कारण की बात करें तो गलत या अपंजीकृत नंबर इसका पहला कारण समझा जाता है। आमतौर पर आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर किसी कारण बस बंद रहना, या उसका बदल जाना या फिर कभी लिंक ही न किया जाना इसकी वहज हो सकती है।इसे भी पढ़ें: क्या आप भी हैं किसी के लोन…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली और दूसरी सूची जारी कर साफ संकेत दे दिया है कि इस बार वह आधी अधूरी तैयारी के साथ नहीं बल्कि पूरी ताकत, पूरी रणनीति और पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में उतरी है। खासतौर पर दूसरी सूची में 111 उम्मीदवारों के नामों पर नजर डालने पर पता चलता है कि एक एक सीट पर गहरे मंथन के बाद उम्मीदवार तय किये गये हैं। हम आपको बता दें कि हिंगलगंज से रेखा पात्रा, खड़दह से कल्याण चक्रवर्ती, सोनारपुर दक्षिण से रूपा गांगुली, मथाभांगा से निसिथ प्रमाणिक, चोपड़ा से शंकर अधिकारी, बैरकपुर से कौस्तव बागची, कमरहाटी से अरूप चौधरी जैसे नाम सीधे चुनावी मुकाबले को और दमदार बना रहे हैं। इसके अलावा एंटाली से प्रियंका तिबरेवाल और मणिकतला से तपस रॉय जैसे उम्मीदवार राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं।अगर पहली सूची पर नजर डालें तो…
घर से बाहर दूसरे शहर में काम करने वाली कामकाजी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है रहने-खाने के लिए एक सुरक्षित ठिकाने की खोज। इस समस्या का समाधान बिहार सरकार ने निकाला है। वहीं, पटना के IAS कॉलोनी, (रूपसपुर) में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास – ‘आकांक्षा’ का शुभारंभ किया गया है। मुजफ्फरपुर, पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही छात्रावास खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाता है। इसमें 50 महिलाओ के रहने की सुविधा है। छात्रावास में अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया समेत अन्य आवश्यक कर्मी भी मौजूद होंगे।महंगे शहरों में पढ़ाई या नौकरी के दौरान सस्ती और सुरक्षित रहने की व्यवस्था बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में कई राज्य सरकारें और संस्थाएं कम लागत वाले छात्रावास संचालित करती हैं, जिनमें ‘आकांक्षा’ जैसे मॉडल खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। सीमित बजट, करीब 3000 रुपये मासिक…
आधुनिक बैंकिंग प्रणाली में बैंक लॉकर एक महत्वपूर्ण और सुरक्षित ग्राहक सुविधा है जहां कोई भी सक्षम ग्राहक अपने गहने, दस्तावेज़ और कीमती वस्तुएं रख सकते हैं। यह बैंक की एक मजबूत कोठरी में होता है और आरबीआई के नियमों द्वारा संचालित होता है। लिहाजा, बैंक लॉकर लेते समय यदि कुछ खास बातों को आप नजरअंदाज करेंगे तो बाद में पछताना भी पड़ेगा।सबसे पहले यह जान लीजिए कि बैंक लॉकर लेने के लिए ग्राहक का बैंक खाता होना जरूरी है। जबकि किराया लॉकर के आकार, स्थान (मेट्रो शहरों में अधिक और बैंक विशेष पर निर्भर करता है, जो आमतौर पर ₹1,000 से ₹10,000 सालाना प्लस जीएसटी होता है। इसके अलावा, आपको यह भी पता होना चाहिए कि लॉकर का समझौता हस्ताक्षरित होता है, जिसमें नामांकन या उत्तरजीविता क्लॉज का विकल्प रहता है। इसका लाभ उच्च सुरक्षा है क्योंकि चोरी, आग या डकैती से बचाव के लिए बैंक जिम्मेदार होता है। इसे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर दो दिग्गज नेताओं के आमने सामने आने से बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच यह मुकाबला केवल चुनावी लड़ाई नहीं बल्कि राजनीतिक इतिहास, व्यक्तिगत संबंधों और सत्ता की रणनीति का गहरा टकराव बन चुका है। पश्चिम बंगाल में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी को न केवल नंदीग्राम बल्कि भवानीपुर से भी उम्मीदवार बनाकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।शुभेंदु अधिकारी वही नेता हैं जिन्होंने 2021 में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को बेहद करीबी मुकाबले में हराया था। उस चुनाव में ममता बनर्जी ने केवल एक सीट से चुनाव लड़ा था और हार के बाद उन्हें भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी करनी पड़ी थी। लेकिन इस बार स्थिति अलग है। भाजपा ने शुभेंदु को दो सीटों से मैदान में उतारकर ममता बनर्जी…
उत्तर प्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक पदों और सरकारी निकायों के पदों पर नियुक्तियों में विलंब मुख्य रूप से जातीय-क्षेत्रीय संतुलन, आंतरिक खींचतान और केंद्रीय नेतृत्व के मंथन के कारण हो रहा है। इससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है, हालांकि मार्च 2026 तक बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। आलम यह है कि प्रदेश के सभी 16 नगर निगम में 10-10 मनोनीत होने वाले पार्षदों की नियुक्ति अटकी पड़ी है, जबकि तीन साल बीतने को है। विभिन्न बोर्डों की भी यही स्थिति है। इससे विधानसभा चुनाव 2027 में पार्टी की रणनीति पर भी असर पड़ना लाजिमी है, क्योंकि अमित शाह और योगी आदित्यनाथ की रस्साकशी में कार्यकर्ताओं में निराशा है।जहां तक विलंब के प्रमुख कारण की बात है तो जातीय एवं सामाजिक समीकरण इसकी पहली वजह है। भाजपा का ओबीसी करण होने से पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं में रोष गहराता जा रहा है। इसका असर 2027 में होने वाले…
Supporting Student Journalist.
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