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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था देते हुए स्पष्ट किया है कि नैतिक जिम्मेदारी को कानूनी जिम्मेदारी के तौर पर लागू नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह टिप्पणी एक बुजुर्ग दंपति की उस…
ईरान के प्रमुख अंग्रेजी अखबार तेहरान टाइम्स ने शनिवार को अमेरिका को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है। अखबार ने अपने फ्रंट पेज पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि अमेरिकी सैनिकों ने…
दिल्ली नगर निगम के पुराने नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली गई है। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है। इस विधेयक…
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि असम में पिछले कुछ वर्षों में स्पष्ट परिवर्तन आया है, जिसमें सुरक्षा,…
देश की एक रक्षा कंपनी ने शनिवार को ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत निर्मित 2,000 ‘प्रहार’ लाइट मशीन गन…
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने शनिवार को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, जिसमें बोदिनायक्कनूर सीट…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि पश्चिमी एशिया में एक महीने से युद्ध जारी है और भारत देशवासियों…
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक ने शनिवार को विधानसभा चुनावों के लिए अपने सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे की प्रक्रिया पूरी…
ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके सभी अधिकार और…
अमित शाह ने शनिवार को कोलकाता में बोलते हुए कहा कि एसआईआर (न्यायिक सुरक्षा निरीक्षण) का अभ्यास पूरे देश में…
केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) पर मलप्पुरम में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के…
तमिलनाडु में 2026 के चुनावों के लिए एएमएमके के 120 सूत्री घोषणापत्र में तमिलों के लिए 85% राज्य रोजगार, कृषि…
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईंधन पर उत्पाद शुल्क में हाल ही में की गई कटौती के लिए…
अमित शाह ने बंगाल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ममता जी से कहना चाहता हूं, जितना रोना…
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भारत और चीन के बीच व्यापार का रिश्ता आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां सच्चाई और दिखावा आमने सामने खड़े हैं। ऊपर से सब…
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का असर अब खेल जगत पर भी पड़ने लगा…
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में न पहुंच पाने के बाद राष्ट्रीय…
भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। जहां टीम इंडिया ने सुपर-8 का…
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु का मंगलवार से यहां शुरू होने वाली अखिल इंग्लैंड…
मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप से पाकिस्तान क्रिकेट टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। जिससे पाकिस्तान टीम टूर्नामेंट…
आईसीसी टी20 विश्व कप में वेस्टइंडीज के खिलाफ 97* रनों की शानदार पारी खेलकर सेमीफाइनल में जगह…
संगीत निर्देशक जीवी प्रकाश कुमार हर साल एक अभिनेता के रूप में कुछ फिल्में रिलीज करते हैं और इस बार निर्देशक मारिया राजा एलंचेज़ियन की फिल्म ‘हैप्पी राज’ रिलीज हुई है। कहानी आनंद राज उर्फ हैप्पी राज (जीवी प्रकाश कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक खुशमिजाज नौजवान है और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना पसंद करता है, समाज की अपेक्षाओं की उसे कोई परवाह नहीं है। वह एक ऐसा किरदार है जो छोटी-छोटी चीजों में खुशी ढूंढता है और असफलता या निराशा से कभी विचलित नहीं होता। प्यार में नाकाम होने के बावजूद, वह अटूट आशावाद से भरा है और खुशी से जीवन जीता रहता है। लेकिन कहानी में एक मोड़ है – हैप्पी राज जिन भी समस्याओं से जूझ रहा है, वे उसके कंजूस पिता कथामुथु (जॉर्ज मरियन) से जुड़ी हुई लगती हैं, जो एक स्कूल शिक्षक भी हैं।इसे भी पढ़ें: Ranveer Singh का Blockbuster Dialogue ‘धुरंधर 2’…
आधुनिक जीवनशैली के चक्कर में लोग अपनी सेहत पर ध्यान देना भूल ही गए हैं। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट ने…
New Delhi: Urbanisation has always come with trade-offs. On one hand, it promises speed, choice and access; on the other,…
आजकल काफी लोगों में डायबिटीज की समस्या देखने को मिल रही है। जब हमारा शरीर ठीक तरह से इंसुलिन का…
New Delhi: A clinical study from Colombia, published in the Indian Journal of Medical Research, the peer-reviewed journal of the…
Odisha government on Wednesday notified sweeping new rules imposing a complete ban on the manufacture, processing, packaging, storage, transportation, distribution…
New York: Many patients using highly effective GLP-1 drugs like Wegovy may not regain lost weight quickly when they stop…
विदेश घूमने का अपना ही एक अलग मजा होता है। खासतौर पर अगर पार्टनर के साथ ट्रिप प्लान…
Hindi NewsCareerUP Govt Jobs 2759 Posts | Coal India 1700 Vacancies This Week8 मिनट पहलेकॉपी लिंकइस हफ्ते देशभर के अलग-अलग विभागों में 6063 पदों पर भर्तियां निकली हैं। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 5 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 5 ग्राफिक्स के जरिए जानिए:पूरी खबर यहां पढ़ेंपूरी खबर यहां पढ़ेंपूरी खबर यहां पढ़ेंपूरी खबर यहां पढ़ेंपूरी खबर यहां पढ़ें.दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔खबरें और भी हैं…आज की सरकारी नौकरी: महाराष्ट्र में 571 पदों पर निकली भर्ती; बैंक ऑफ बड़ौदा में 104 वैकेंसी, भारत सरकार टकसाल में 94 ओपनिंग्सजॉब -…
सरकार ने ई-स्कूटर और ई-रिक्शा के लिए नई समयसीमा और अधिकतम वाहनों की संख्या तय करने के लिए…
सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों से निपटने में…
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच देश में…
वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की अचानक किल्लत होने से होटल और रेस्तरां उद्योग में चिंता बढ़ने के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने…
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत ने खान-पान उद्योग की कमर तोड़ दी है।…
धर्म, जाति और धर्मांतरण का प्रश्न भारत के सामाजिक, संवैधानिक और राष्ट्रीय जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील और जटिल विषय है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह निर्णय कि यदि अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को स्वीकार कर लेता है तो वह अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा और उससे जुड़े लाभों का अधिकारी नहीं रहेगा, केवल एक सामान्य कानूनी निर्णय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय की अवधारणा और राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता को ध्यान में रखकर दिया गया एक दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय को भारतीय न्याय व्यवस्था की परिपक्वता, संतुलन और दूरदर्शिता का प्रतीक कहा जा सकता है।भारत में अनुसूचित जाति की व्यवस्था का निर्माण किसी धर्म विशेष को लाभ देने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि उन सामाजिक वर्गों को संरक्षण और अवसर देने के लिए किया…
धार्मिक स्थलों को बंदरों से क्यों नही मिलती मुक्ति। सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि इन स्थानों पर आने वाले श्रृद्धालु कब तक इनके आंतक झेलते रहेंगे? कब तक इनका शिकार होते रहेंगे?हाल में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु अपने कार्यकाल में 19 मार्च को वृंदावन आईं। वे दूसरी बार यहां आईं है। इससे पहले इसी पद पर रहते हुए प्रणब मुखर्जी व रामनाथ कोविंद भी अपने कार्यकाल में दो बार वृंदावन आए थे। लेकिन, राष्ट्रपति मुर्मु वृंदावन के तीन दिवसीय प्रवास पर आने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्रप्रसाद, ज्ञानी जैल सिंह एक बार वृंदावन आए। उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए डॉक्टर शंकरदयाल शर्मा, आर वेंकटरामन, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी वृंदावन अपनी धार्मिक यात्रा पर आ चुके हैं।इसे भी पढ़ें: President Murmu के Vrindavan दौरे से पहले हाई अलर्ट, चश्मा चोर बंदरों को डराएंगे लंगूर के कटआउटनिवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी दो बार वृंदावन आए। आश्रय…
आजकल आधार कई सरकारी सर्विस और स्कीम का एक ज़रूरी हिस्सा बन गया है। आधार का इस्तेमाल लगभग हर सर्विस में पहचान वेरिफिकेशन के लिए किया जाता है, चाहे वह बैंक अकाउंट हो, मोबाइल नंबर हो, गैस सब्सिडी हो या पेंशन हो। ऐसे में पेंशन अकाउंट, खासकर EPF (एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड) से आधार को लिंक करना फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक करना ज़रूरी नहीं है, लेकिन इससे आपकी पहचान और डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करना आसान हो जाता है। इससे भविष्य में क्लेम, पेंशन ट्रांसफर और दूसरी सर्विस में देरी की संभावना कम हो सकती है। अच्छी बात यह है कि आप आसानी से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से अपने पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक कर सकते हैं। सरकार द्वारा विभिन्न पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार लिंकिंग को महत्वपूर्ण बनाया गया है। पेंशन खाते…
वर्ष 2017 में विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी भाजपा गठबंधन की सरकार ने नौ वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन नौ वर्षों में सरकार ने कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा विकास के अनेक प्रतिमान गढ़े हैं। अपनी उपलब्धियों को जन जन तक पहुँचाने के लिए सरकार ने, ”नवनिर्माण के नौ वर्ष” नामक पुस्तक का प्रकाशन भी किया है। वर्ष 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश अराजकता के जाल में फंसा हुआ था। छोटी -छोटी बातों पर फसाद हो जाते थे। कानून और व्यवस्था की बुरी स्थिति के कारण निवेशक यहां आने से डरते थे। मुस्लिम तुष्टिकरण चरम पर था। लोग उल्टा प्रदेश कहकर प्रदेश का उपहास करते थे। 2017 में योगी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद से इस स्थिति में व्यापक परिवर्तन हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अब प्रदेश की पहचान का संकट समाप्त हो चुका है,…
आजकल व्यक्तिगत पहचान के लिए आधार नम्बर का इस्तेमाल अनिवार्य हो चुका है। ऐसे में ऐन वक्त पर यदि आधार ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए, तो लोगों के परेशान होना स्वाभाविक है। ऐसी समस्या प्रायः सर्वर डाउन होने या गलत नम्बर दर्ज रहने से आती है। जानकारों का कहना है कि आधार ओटीपी (OTP) न आने या ऑथेंटिकेशन फेल होने की समस्या आम है, जो मोबाइल नंबर, नेटवर्क या सर्वर से जुड़ी हो सकती है। इसलिए आइए हमलोग यहां जानते हैं कि इसका मुख्य कारण क्या है और इसका समाधान क्या हो सकता है। इस आम समस्या के मुख्य कारण की बात करें तो गलत या अपंजीकृत नंबर इसका पहला कारण समझा जाता है। आमतौर पर आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर किसी कारण बस बंद रहना, या उसका बदल जाना या फिर कभी लिंक ही न किया जाना इसकी वहज हो सकती है।इसे भी पढ़ें: क्या आप भी हैं किसी के लोन…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली और दूसरी सूची जारी कर साफ संकेत दे दिया है कि इस बार वह आधी अधूरी तैयारी के साथ नहीं बल्कि पूरी ताकत, पूरी रणनीति और पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में उतरी है। खासतौर पर दूसरी सूची में 111 उम्मीदवारों के नामों पर नजर डालने पर पता चलता है कि एक एक सीट पर गहरे मंथन के बाद उम्मीदवार तय किये गये हैं। हम आपको बता दें कि हिंगलगंज से रेखा पात्रा, खड़दह से कल्याण चक्रवर्ती, सोनारपुर दक्षिण से रूपा गांगुली, मथाभांगा से निसिथ प्रमाणिक, चोपड़ा से शंकर अधिकारी, बैरकपुर से कौस्तव बागची, कमरहाटी से अरूप चौधरी जैसे नाम सीधे चुनावी मुकाबले को और दमदार बना रहे हैं। इसके अलावा एंटाली से प्रियंका तिबरेवाल और मणिकतला से तपस रॉय जैसे उम्मीदवार राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं।अगर पहली सूची पर नजर डालें तो…
घर से बाहर दूसरे शहर में काम करने वाली कामकाजी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है रहने-खाने के लिए एक सुरक्षित ठिकाने की खोज। इस समस्या का समाधान बिहार सरकार ने निकाला है। वहीं, पटना के IAS कॉलोनी, (रूपसपुर) में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास – ‘आकांक्षा’ का शुभारंभ किया गया है। मुजफ्फरपुर, पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही छात्रावास खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाता है। इसमें 50 महिलाओ के रहने की सुविधा है। छात्रावास में अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया समेत अन्य आवश्यक कर्मी भी मौजूद होंगे।महंगे शहरों में पढ़ाई या नौकरी के दौरान सस्ती और सुरक्षित रहने की व्यवस्था बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में कई राज्य सरकारें और संस्थाएं कम लागत वाले छात्रावास संचालित करती हैं, जिनमें ‘आकांक्षा’ जैसे मॉडल खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। सीमित बजट, करीब 3000 रुपये मासिक…
आधुनिक बैंकिंग प्रणाली में बैंक लॉकर एक महत्वपूर्ण और सुरक्षित ग्राहक सुविधा है जहां कोई भी सक्षम ग्राहक अपने गहने, दस्तावेज़ और कीमती वस्तुएं रख सकते हैं। यह बैंक की एक मजबूत कोठरी में होता है और आरबीआई के नियमों द्वारा संचालित होता है। लिहाजा, बैंक लॉकर लेते समय यदि कुछ खास बातों को आप नजरअंदाज करेंगे तो बाद में पछताना भी पड़ेगा।सबसे पहले यह जान लीजिए कि बैंक लॉकर लेने के लिए ग्राहक का बैंक खाता होना जरूरी है। जबकि किराया लॉकर के आकार, स्थान (मेट्रो शहरों में अधिक और बैंक विशेष पर निर्भर करता है, जो आमतौर पर ₹1,000 से ₹10,000 सालाना प्लस जीएसटी होता है। इसके अलावा, आपको यह भी पता होना चाहिए कि लॉकर का समझौता हस्ताक्षरित होता है, जिसमें नामांकन या उत्तरजीविता क्लॉज का विकल्प रहता है। इसका लाभ उच्च सुरक्षा है क्योंकि चोरी, आग या डकैती से बचाव के लिए बैंक जिम्मेदार होता है। इसे…
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर दो दिग्गज नेताओं के आमने सामने आने से बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच यह मुकाबला केवल चुनावी लड़ाई नहीं बल्कि राजनीतिक इतिहास, व्यक्तिगत संबंधों और सत्ता की रणनीति का गहरा टकराव बन चुका है। पश्चिम बंगाल में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी को न केवल नंदीग्राम बल्कि भवानीपुर से भी उम्मीदवार बनाकर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।शुभेंदु अधिकारी वही नेता हैं जिन्होंने 2021 में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को बेहद करीबी मुकाबले में हराया था। उस चुनाव में ममता बनर्जी ने केवल एक सीट से चुनाव लड़ा था और हार के बाद उन्हें भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में वापसी करनी पड़ी थी। लेकिन इस बार स्थिति अलग है। भाजपा ने शुभेंदु को दो सीटों से मैदान में उतारकर ममता बनर्जी…
उत्तर प्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक पदों और सरकारी निकायों के पदों पर नियुक्तियों में विलंब मुख्य रूप से जातीय-क्षेत्रीय संतुलन, आंतरिक खींचतान और केंद्रीय नेतृत्व के मंथन के कारण हो रहा है। इससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है, हालांकि मार्च 2026 तक बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। आलम यह है कि प्रदेश के सभी 16 नगर निगम में 10-10 मनोनीत होने वाले पार्षदों की नियुक्ति अटकी पड़ी है, जबकि तीन साल बीतने को है। विभिन्न बोर्डों की भी यही स्थिति है। इससे विधानसभा चुनाव 2027 में पार्टी की रणनीति पर भी असर पड़ना लाजिमी है, क्योंकि अमित शाह और योगी आदित्यनाथ की रस्साकशी में कार्यकर्ताओं में निराशा है।जहां तक विलंब के प्रमुख कारण की बात है तो जातीय एवं सामाजिक समीकरण इसकी पहली वजह है। भाजपा का ओबीसी करण होने से पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं में रोष गहराता जा रहा है। इसका असर 2027 में होने वाले…
Supporting Student Journalist.
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