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(फोटो के साथ) बिश्केक, 31 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को रूस-यूक्रेन संघर्ष को तुरंत खत्म करने की अपील करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि वह ‘‘अंतहीन युद्ध को समाप्त करने’’ की…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में लोगों की मौत पर दुख जताया और प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये तथा घायलों को 50,000 रुपये की…
एम जुल्करनैन लाहौर, 31 अगस्त पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक सदी से अधिक पुराने एक हिंदू मंदिर को उसकी जमीन को कथित तौर पर एक मदरसे में शामिल करने के लिए ढहा दिया गया। अधिकारियों…
उत्तराखंड में COVID-19 और H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर चिंता के बीच, एम्स…
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि कुल्लू के रीजनल हॉस्पिटल में 23 साल की…
सोमवार को उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी ज़िले में एक पटाखा फैक्ट्री में ज़बरदस्त धमाका हुआ, जिससे बड़ा हादसा हो गया।…
नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़े हो…
बिना Recognition चल रहे Beacon Public School पर दिल्ली सरकार की गाज, Ashish Sood ने दिए जांच के आदेश
दिल्ली सरकार ने ‘बीकन पब्लिक स्कूल’ के खिलाफ़ जांच शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग को जानकारी मिली थी कि…
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने वर्ष 2013 के झीरम घाटी माओवादी हमले के…
‘जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी’ की असरदार टैगलाइन के साथ देश के लाखों लोगों को बीमा की…
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई करते हुए व्यवस्था दी कि फुटपाथ पवित्र और सुरक्षित स्थान है और…
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार से जवाब मांगा कि क्या तेजाब की खुदरा बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध…
कर्नाटक सरकार ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि उसने सोमवार तक तमिलनाडु के लिए तय मात्रा से अधिक पानी छोड़ा…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत के आर्थिक विकास पर सवाल उठाने वाले आलोचकों पर निशाना साधा। दरअसल, सरकारी…
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कांग्रेस पर मुसलमानों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का…
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भारत में सदियों से व्रत-त्योहारों और पारंपरिक खान-पान का हिस्सा रहा मखाना अब महज एक साधारण खाद्य पदार्थ नहीं रह गया है, बल्कि यह दुनिया भर…
बंगाली टेलीविज़न का सबसे बड़ा और चर्चित रियलिटी शो ‘बिग बॉस बांग्ला’ (Bigg Boss Bangla) लगभग एक दशक के लंबे इंतजार के बाद छोटे पर्दे पर वापस लौट आया है। स्टार जलशा (Star Jalsha) और जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर प्रीमियर हुए इस तीसरे सीज़न की कमान भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली के हाथों में है। इससे पहले बिग बॉस बांग्ला का पहला सीज़न 2013 में (होस्ट: मिथुन चक्रवर्ती) और दूसरा सीज़न 2016 में (होस्ट: सुपरस्टार जीत) प्रसारित हुआ था। अब 10 साल बाद गांगुली की मेजबानी में 15 विभिन्न क्षेत्रों के सेलेब्रिटीज घर के अंदर बंद हुए हैं। हर कंटेस्टेंट ने अपनी पर्सनैलिटी और इस रियलिटी शो में शामिल होने की वजहों के बारे में बताया। इस लाइन-अप के साथ बिग बॉस के बंगाली वर्शन की भी वापसी हुई है, जिसके पहले दो सीज़न 2013 और 2016 में प्रसारित हुए थे।एक्टर मोनामी घोष घर में एंट्री करने वाली पहली कंटेस्टेंट…
भारत में विविधता का देश है और यहां पर घूमने के लिए कई सारी जगहें मौजूद है। अगर…
Hindi NewsCareerDelhi Playschool Assault Video; 3 Year Old Child Harassment | POCSO Safety Rules14 मिनट पहलेकॉपी लिंकउत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर स्थित एक प्लेस्कूल में तीन साल के बच्चे को कुर्सी से बांधकर कथित तौर पर बेरहमी से पीटने का एक वीडियो सामने आया है।बच्चे के पेरेंट्स के मुताबिक, बच्चे को थप्पड़ मारे गए, लात मारी गई और कई घंटों तक एप्रन से कुर्सी पर बांधकर रखा गया।तीन दिन की फुटेज में दिखी बच्चे के साथ मारपीटपुलिस और बच्चे के पिता के मुताबिक, 16, 17 और 18 अगस्त की CCTV फुटेज में बच्चे के साथ कथित तौर पर मारपीट की घटनाएं…
अमेरिका में मेटा के खिलाफ हुआ बड़ा समझौता सिर्फ इंस्टाग्राम और फेसबुक तक सीमित मामला नहीं रह गया…
अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था उम्मीद से ज़्यादा तेज़ी से बढ़ी। इससे ईरान युद्ध के कारण विकास दर में…
भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गई जबकि एक साल…
देश में रसोई गैस की कीमतों को लेकर चर्चा के बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में…
पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा…
पुरानी कार या बाइक खरीदने के बाद RC (Registration Certificate) अपने नाम ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है। अब केंद्र सरकार ने वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर और अधिकृत डीलरों के जरिए पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर नए नियमों का मसौदा पेश किया है। इसमें छह महीने की समय सीमा का प्रावधान चर्चा में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि छह महीने बाद मालिकाना हक बदलने का प्रस्ताव आम व्यक्ति द्वारा खरीदे गए वाहन पर सीधे लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्य रूप से उस वाहन के लिए प्रस्तावित है, जिसे पंजीकृत मालिक ने अधिकृत डीलर को सौंप दिया है और Form 29C के जरिए इसकी सूचना दी गई है। क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य खासकर संगठित सेकंड-हैंड वाहन कारोबार में वाहन के एक डीलर से…
पश्चिम बंगाल का जादवपुर विश्वविद्यालय एक समय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में गिना जाता था, लेकिन आज कैंपस से ज्ञान, शोध और अकादमिक विमर्श की बजाय ‘आजादी’ के नारे और विवादित राजनीतिक गतिविधियों की खबरें सुर्खियां बन रही हैं। यहां सवाल उस मानसिकता का है जो भारत में रहते हुए भारत से ही ‘आजादी’ की मांग करने तक पहुंच जाती है। देखा जाए तो ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे उद्घोष और माओवादी नेता किशनजी के समर्थन में लिखे नारों ने एक बेहद असहज सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर विश्वविद्यालय के भीतर किस तरह की राजनीति और किस तरह की मानसिकता को जगह दी जा रही है? ऐसे लोगों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का रुख बिल्कुल स्पष्ट और सख्त है। उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा है कि वे इस ‘बीमारी’ को जानते हैं और इसकी ‘दवा और इलाज’ भी जानते हैं। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari…
नेपाल में ग्लेशियर ढहने से आई विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ हिमालय की नाजुक भौगोलिक संरचना को उजागर नहीं किया है, बल्कि भारत की सीमा से सटे तिब्बत में चीन के निर्माणाधीन 60,000 मेगावाट के मेदोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर भी खतरे की घंटी तेज कर दी है। नेपाल में सैंकड़ों लोगों की मौत और 750 लोगों के लापता होने की खबरों के बीच अब यह सवाल और गंभीर हो गया है कि दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक हिमालय में इतना विशाल बांध आखिर कितना सुरक्षित है।हम आपको बता दें कि शुरुआत में नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा को 4.4 तीव्रता के भूकंप से जोड़कर देखा गया था। लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के नए विश्लेषण ने तस्वीर बदल दी। यूएसजीएस के अनुसार, अतिरिक्त भूकंपीय आंकड़ों और उपग्रह तस्वीरों के अध्ययन से पता चला कि यह भूकंप नहीं था, बल्कि ग्लेशियर के ढहने और उसके…
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है।आयुष्मान कार्ड क्या है?आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है।इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान?आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटीPM-JAY के लिए एलिजिबल होने के…
आये दिन होने वाले प्रदर्शनों के चलते सामान्य जनजीवन को बंधक बना देने की प्रवृति पर दिल्ली उच्च न्यायालय की टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है कि प्रदर्शनों के कारण कई बार तो जीवन मरण तक के हालात पैदा हो जाते हैं। अन्य सब कारणों और परिणामों को थोड़ी देर के लिए अलग कर भी दिया जाएं तो भी हालात यहां तक हो जाते हैं कि यातायात प्रभावित होने से तत्काल मेडिकल रिलिफ की आवश्यकता वाले बीमारों तक का जीवन संकट में पड़ जाता है। इसमें कोई दो राय नहीं कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने, अपनी बात रखने और अपना विरोध अंकित कराने का सबको अधिकार है। केई गलत हो रहा है तो उसका विरोध भी होना चाहिए पर इसका मतलब यह तो नहीं होना चाहिए कि हम अपनी बात कहने के चक्कर में दूसरों को अपने सामान्य नागरिक अधिकारों से वंचित कर दें। विरोध प्रदर्शन के साथ ही…
वन्देमातरम आज विवाद का विषय बना दिया है। जबकि यह सत्य है कि जब बंकिम बाबू ने इसकी रचना की थी, तब उनके मन में किसी के मन को आहत करने का कोई विचार नहीं था। उनका भाव केवल मातृभूमि के वंदन का था। देश में वन्देमातरम के अंतिम दो भाग का पहली बार विरोध विभाजन की मानसिकता रखने वाले मोहम्मद अली जिन्ना ने किया। आज उसी मार्ग पर कांग्रेस कदम बढ़ाती दिख रही है। यह बात सही है कि देश का सम्मान करने वाली किसी भी बात पर राजनीति नहीं होना चाहिए, लेकिन केवल वोट की चाहत के चलते ऐसा करना और भी खतरनाक हो जाता है।वन्दे मातरम् भारत की स्वतंत्रता चेतना, मातृभूमि के प्रति समर्पण और राष्ट्रीय स्वाभिमान का ऐसा उद्घोष है, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में असंख्य भारतीयों के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की। यही कारण है कि आज जब वन्दे मातरम् के पूर्ण या…
भले ही देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी बिसात बिछाने में जुटी हों, लेकिन भारतीय राजनीति की इस शतरंज पर जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ चलने की संभावना जोर पकड़ रही है। हम आपको बता दें कि ‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार अब महज बहस या चुनावी नारा नहीं रह गया है, भारत इसके क्रियान्वयन से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है। एक ओर भाजपा देशभर में विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों के बीच इस विचार के समर्थन में अभियान चलाकर जनमत तैयार करने में जुटी है, वहीं इस मुद्दे पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति भी राज्यों, विधायिकाओं, शिक्षाविदों, कानूनी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के चरण में पहुंच रही है। ऐसे में सियासी हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा…
नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन स्थल “जंतर-मंतर” (वोट क्लब के बाद) पर 21 अगस्त 2026 को हुआ ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन वास्तव में आरक्षण सुधार मुहिम बनकर रह गया। हालांकि इसके सामाजिक मिजाज और जनहितकारी तेवरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह घटनाक्रम भारतीय राजनीति के लिए महज एक और धरना नहीं है, बल्कि यह उस असंतोष की राजनीतिक अभिव्यक्ति है जो सरकारी नौकरियों, प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में अवसरों को लेकर सामान्य वर्ग के एक प्रतिभाशाली हिस्से, खासकर जेन-जी युवाओं में दिखाई दे रहा है। साथ ही प्रौढ़ और बुजुर्ग समाजसेवियों का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है। इसलिए जंतर-मंतर की सियासी झाड़फूंक पर गौर फरमाना आवश्यक है, क्योंकि संविधान, राजनीति और सामाजिक न्याय की असली परीक्षा यहीं से शुरू होती है जो कब खत्म होगी, शायद नेताओं को भी नहीं पता, क्योंकि दो नावों की सवारी करने में वे माहिर जो होते हैं। कहना न होगा कि जिस तरह…
Credit Card Closure: क्या आपके पास ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिसे आपने लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किया है? यदि हां, तो इसे नजरअंदाज करना हमेशा सही रणनीति नहीं है। वजह यह कि लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल न करने से हर स्थिति में सीधे आपका CIBIL Score खराब नहीं होता, लेकिन कार्ड पर लगने वाले शुल्क, कार्ड के बंद होने और कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में बदलाव जैसी परिस्थितियां आपकी क्रेडिट प्रोफाइल को प्रभावित कर सकती हैं।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI के मौजूदा नियमों के तहत यदि कोई क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, तो कार्ड जारी करने वाली कंपनी को कार्डधारक को सूचित करके उसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू करनी होती है। यदि सूचना के 30 दिनों के भीतर कार्डधारक की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता, तो बकाया राशि के भुगतान के अधीन कार्ड बंद किया…
महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य करने का फैसला अब केवल सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई का रूप ले चुका है। राज्यभर में शुरू हुई जांच के पहले ही दिन 1,268 व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों मुख्यतः ऑटो और टैक्सी चालकों, को मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर नोटिस जारी कर दिया गया। राज्य सरकार इसे यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और महाराष्ट्र की भाषा-संस्कृति से जोड़ रही है, लेकिन इस कार्रवाई ने रोज़गार, प्रवासी चालकों की आजीविका, नियमों की अस्पष्टता और कानूनी वैधता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ यानी व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य है। राज्य सरकार का तर्क है कि चालकों को रोजमर्रा के कामकाज में यात्रियों से संवाद करना पड़ता है और कई शिकायतें मिली हैं कि कुछ…
Supporting Student Journalist.
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