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हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत ने रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड कायम किया। बता दें कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा निर्यात बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया…
एक नेता की कहानी जो दिल्ली की झाड़ू क्रांति से निकला। ऑक्सफोर्ड में पढ़ा, सीए किया और जब उसके सबसे चहेते नेता को ईडी ने उठाया। जब पूरी पार्टी सड़क पर थी, नेता की पत्नी अकेले…
भारत सरकार 16 से 18 अप्रैल, 2026 तक संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाने जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण अधिनियम, जिसे आधिकारिक तौर पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के नाम से…
भारत सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष के दूसरे महीने…
रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी से भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने दिल्ली प्रवास…
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2 अप्रैल को कहा कि असम सरकार द्वारा अवैध प्रवासियों के खिलाफ उठाए गए कदमों…
आम आदमी पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपनी कमर कस ली है। 126 सीटों वाली विधानसभा के…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अप्रैल को कहा कि केरल की जनता भाजपा-एनडीए गठबंधन को ज़बरदस्त समर्थन दे रही है,…
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने प्रत्येक राजनीतिक दल को मिलने वाली सीटों की संख्या के बारे में अपनी…
जनहित से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा…
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 2 अप्रैल को ईरान के साथ संघर्ष के संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के…
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर…
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव इस बार कई मायनों में बेहद रोचक और अप्रत्याशित बनने जा रहा है। राज्य की 234 सदस्यीय…
असम कांग्रेस अध्यक्ष और आगामी विधानसभा चुनावों में जोरहाट निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार गौरव गोगोई ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हिमंता…
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी किया, जिसमें शासन और…
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जब दुनियादारी से परेशान व्यक्ति ईश्वरीय आस्था की शरण में जाता है तो उसके बेचैन मन को असीम शांति मिलती है। फलस्वरूप वह नाना प्रकार के…
गायक-रैपर हनी सिंह और बादशाह के बीच चल रही अनबन के बीच, उनके विवादित गीत ‘वॉल्यूम 1’ ने एक बार फिर उन्हें मुश्किल में डाल दिया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने हनी सिंह और बादशाह को निर्देश दिया है कि वे 2006-07 में रिलीज़ हुए अपने गीत ‘वॉल्यूम 1’ को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से तुरंत हटा दें। न्यायालय ने पाया कि यह गीत बेहद अश्लील, स्पष्ट रूप से आपत्तिजनक और महिलाओं, कलात्मक मूल्यों और सामाजिक मानदंडों के प्रति अपमानजनक है।इसे भी पढ़ें: अधिकारियों को बंधक बनाया, CJI ने खूब सुनाया, ममता-EC और SIR पर SC में क्या कुछ हुआ? 5 लाइन में जानेंअदालत का बयानअदालत ने कहा कि गीत के बोल न केवल आपत्तिजनक हैं, बल्कि स्पष्ट रूप से महिलाओं को उपहास और यौन संतुष्टि की वस्तु के रूप में चित्रित करने को सामान्य बनाने के उद्देश्य से लिखे गए हैं। अदालत ने आगे कहा कि कलात्मक अभिव्यक्ति की…
अप्रैल शुरू होते ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरूकर दिए हैं। इन दिनों दिल्ली-एनसीआर में टेंपरेचर 34…
Hindi NewsCareerGujarat Govt Jobs | 11000 Vacancies Released; DCC Bank 104 Posts15 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज की सरकारी नौकरी में जानकारी गुजरात में 11000 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की, जामनगर डीसीसी बैंक में 104 पदों पर भर्ती की। साथ ही बिहार में सिविल जज पीसीएस जे परीक्षा 2026 के तहत 173 भर्ती की लास्ट डेट एक्सटेंड होने की।इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए…1. गुजरात में 11000 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 15 अप्रैल से करें अप्लाईगुजरात राज्य प्राथमिक शिक्षा चयन समिति (GSPESC) ने 1 अप्रैल 2026 को विद्या सहायक (कक्षा-3) भर्ती…
पश्चिम एशिया का संकट अब और गहराता नजर आ रहा है और हालात तेजी से बड़े टकराव की…
नए वित्तीय साल की शुरुआत के साथ ही आम वेतनभोगी लोगों के लिए टैक्स से जुड़े नियमों में कुछ अहम…
आज यानी 1 अप्रैल से देश में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब और…
‘सीपी प्लस’ ब्रांड के तहत वीडियो सुरक्षा एवं निगरानी उत्पाद प्रदान करने वाली कंपनी आदित्य इन्फोटेक लिमिटेड का शेयर अपने…
ANIइलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को बताया कि मस्क को पहले टेस्ला को सशर्त शेयर…
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वर्ष 2021 में बैंक लॉकर सुविधा के लिए विभिन्न संशोधित दिशानिर्देश जारी किए, जो विगत 1 जनवरी 2022 से लागू हैं। इनके तहत बैंक लॉकर से सामान गायब होने पर बैंक की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही ग्राहक की लापरवाही के बारे में भी नियमसम्मत जानकारी उपलब्ध कराई गई है ताकि किसी भी प्रकार का नीतिगत विरोधाभास नहीं बचे। यही वजह है कि बैंक लॉकर के धंधे में तेजी आई है।इस बारे में मुख्य गाइडलाइंस निम्नलिखित है- आरबीआई के अनुसार, बैंक लॉकर की सामग्री का इन्वेंटरी रखने या उसके मूल्य की जांच करने का अधिकार बैंक को नहीं है।हां, लॉकर हायरर को अवैध या खतरनाक वस्तुएं रखने की मनाही है, और बैंक को अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होती है। इसलिए लॉकर एग्रीमेंट में ये शर्तें शामिल होनी चाहिए।इसे भी पढ़ें: नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियमों के बीच चर्चा में आई Old Regime,…
प्रस्तावित ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 पुराने बनाम नए टैक्स सिस्टम की बहस को चुपचाप बदल सकता है। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 ने एक बड़ा स्ट्रक्चरल रीसेट और टैक्स की भाषा को आसान बनाया, लेकिन ज़्यादातर टैक्सपेयर्स के लिए असली सवाल आसान है: क्या मैं ज़्यादा टैक्स बचाऊंगा? नया एक्ट और नियम 1 अप्रैल, 2026 (टैक्स साल 2026–27) से लागू होंगे। नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियम 2026 के सामने आने के बाद एक बार फिर Old Tax Regime चर्चा में है। अब तक सरलता और कम दरों के कारण New Tax Regime को बढ़त मिल रही थी, लेकिन प्रस्तावित बदलावों ने पुराने सिस्टम को फिर प्रतिस्पर्धी बना दिया है।हालांकि ये नियम अभी ड्राफ्ट फॉर्म में हैं, लेकिन ये सिर्फ प्रोसेस और लिमिट बदलने से कहीं ज़्यादा हैं। ड्राफ्ट नियम चुपचाप यह बताते हैं कि कई नई छूट, एग्ज़ेम्प्शन और ज़्यादा लिमिट से मुख्य रूप से पुराने टैक्स सिस्टम के तहत…
देश में समय के साथ लोकतंत्र के परिपक्कव होने के बजाए कमजोर होने की आहट आ रही है। आजादी के बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि संवैधानिक संस्थाओं को पक्षपात के आरोपों के कारण कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इन संस्थाओं के कामकाज के तौर—तरीकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन पर पूरी तरह से सत्तारुढ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के इशारों पर काम करने करने और विपक्ष के अधिकारों को दबाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों के इस घेरे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के सभापति रहे जगदीप धनखड़, भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक और अब मुख्य चुनाव आयुक्त आ चुके हैं।लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए 118 विपक्षी सांसदों के समर्थन से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। विपक्षी सांसदों का दावा था कि ओम बिरला ने “पक्षपातपूर्ण व्यवहार” दिखाया है और उनका कार्यालय अपेक्षित निष्पक्षता बनाए रखने में विफल…
धर्म, जाति और धर्मांतरण का प्रश्न भारत के सामाजिक, संवैधानिक और राष्ट्रीय जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील और जटिल विषय है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह निर्णय कि यदि अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को स्वीकार कर लेता है तो वह अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा और उससे जुड़े लाभों का अधिकारी नहीं रहेगा, केवल एक सामान्य कानूनी निर्णय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय की अवधारणा और राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता को ध्यान में रखकर दिया गया एक दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय को भारतीय न्याय व्यवस्था की परिपक्वता, संतुलन और दूरदर्शिता का प्रतीक कहा जा सकता है।भारत में अनुसूचित जाति की व्यवस्था का निर्माण किसी धर्म विशेष को लाभ देने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि उन सामाजिक वर्गों को संरक्षण और अवसर देने के लिए किया…
धार्मिक स्थलों को बंदरों से क्यों नही मिलती मुक्ति। सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि इन स्थानों पर आने वाले श्रृद्धालु कब तक इनके आंतक झेलते रहेंगे? कब तक इनका शिकार होते रहेंगे?हाल में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु अपने कार्यकाल में 19 मार्च को वृंदावन आईं। वे दूसरी बार यहां आईं है। इससे पहले इसी पद पर रहते हुए प्रणब मुखर्जी व रामनाथ कोविंद भी अपने कार्यकाल में दो बार वृंदावन आए थे। लेकिन, राष्ट्रपति मुर्मु वृंदावन के तीन दिवसीय प्रवास पर आने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्रप्रसाद, ज्ञानी जैल सिंह एक बार वृंदावन आए। उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए डॉक्टर शंकरदयाल शर्मा, आर वेंकटरामन, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी वृंदावन अपनी धार्मिक यात्रा पर आ चुके हैं।इसे भी पढ़ें: President Murmu के Vrindavan दौरे से पहले हाई अलर्ट, चश्मा चोर बंदरों को डराएंगे लंगूर के कटआउटनिवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी दो बार वृंदावन आए। आश्रय…
आजकल आधार कई सरकारी सर्विस और स्कीम का एक ज़रूरी हिस्सा बन गया है। आधार का इस्तेमाल लगभग हर सर्विस में पहचान वेरिफिकेशन के लिए किया जाता है, चाहे वह बैंक अकाउंट हो, मोबाइल नंबर हो, गैस सब्सिडी हो या पेंशन हो। ऐसे में पेंशन अकाउंट, खासकर EPF (एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड) से आधार को लिंक करना फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक करना ज़रूरी नहीं है, लेकिन इससे आपकी पहचान और डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करना आसान हो जाता है। इससे भविष्य में क्लेम, पेंशन ट्रांसफर और दूसरी सर्विस में देरी की संभावना कम हो सकती है। अच्छी बात यह है कि आप आसानी से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से अपने पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक कर सकते हैं। सरकार द्वारा विभिन्न पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार लिंकिंग को महत्वपूर्ण बनाया गया है। पेंशन खाते…
वर्ष 2017 में विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी भाजपा गठबंधन की सरकार ने नौ वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन नौ वर्षों में सरकार ने कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा विकास के अनेक प्रतिमान गढ़े हैं। अपनी उपलब्धियों को जन जन तक पहुँचाने के लिए सरकार ने, ”नवनिर्माण के नौ वर्ष” नामक पुस्तक का प्रकाशन भी किया है। वर्ष 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश अराजकता के जाल में फंसा हुआ था। छोटी -छोटी बातों पर फसाद हो जाते थे। कानून और व्यवस्था की बुरी स्थिति के कारण निवेशक यहां आने से डरते थे। मुस्लिम तुष्टिकरण चरम पर था। लोग उल्टा प्रदेश कहकर प्रदेश का उपहास करते थे। 2017 में योगी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद से इस स्थिति में व्यापक परिवर्तन हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अब प्रदेश की पहचान का संकट समाप्त हो चुका है,…
आजकल व्यक्तिगत पहचान के लिए आधार नम्बर का इस्तेमाल अनिवार्य हो चुका है। ऐसे में ऐन वक्त पर यदि आधार ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए, तो लोगों के परेशान होना स्वाभाविक है। ऐसी समस्या प्रायः सर्वर डाउन होने या गलत नम्बर दर्ज रहने से आती है। जानकारों का कहना है कि आधार ओटीपी (OTP) न आने या ऑथेंटिकेशन फेल होने की समस्या आम है, जो मोबाइल नंबर, नेटवर्क या सर्वर से जुड़ी हो सकती है। इसलिए आइए हमलोग यहां जानते हैं कि इसका मुख्य कारण क्या है और इसका समाधान क्या हो सकता है। इस आम समस्या के मुख्य कारण की बात करें तो गलत या अपंजीकृत नंबर इसका पहला कारण समझा जाता है। आमतौर पर आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर किसी कारण बस बंद रहना, या उसका बदल जाना या फिर कभी लिंक ही न किया जाना इसकी वहज हो सकती है।इसे भी पढ़ें: क्या आप भी हैं किसी के लोन…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली और दूसरी सूची जारी कर साफ संकेत दे दिया है कि इस बार वह आधी अधूरी तैयारी के साथ नहीं बल्कि पूरी ताकत, पूरी रणनीति और पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में उतरी है। खासतौर पर दूसरी सूची में 111 उम्मीदवारों के नामों पर नजर डालने पर पता चलता है कि एक एक सीट पर गहरे मंथन के बाद उम्मीदवार तय किये गये हैं। हम आपको बता दें कि हिंगलगंज से रेखा पात्रा, खड़दह से कल्याण चक्रवर्ती, सोनारपुर दक्षिण से रूपा गांगुली, मथाभांगा से निसिथ प्रमाणिक, चोपड़ा से शंकर अधिकारी, बैरकपुर से कौस्तव बागची, कमरहाटी से अरूप चौधरी जैसे नाम सीधे चुनावी मुकाबले को और दमदार बना रहे हैं। इसके अलावा एंटाली से प्रियंका तिबरेवाल और मणिकतला से तपस रॉय जैसे उम्मीदवार राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं।अगर पहली सूची पर नजर डालें तो…
घर से बाहर दूसरे शहर में काम करने वाली कामकाजी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है रहने-खाने के लिए एक सुरक्षित ठिकाने की खोज। इस समस्या का समाधान बिहार सरकार ने निकाला है। वहीं, पटना के IAS कॉलोनी, (रूपसपुर) में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास – ‘आकांक्षा’ का शुभारंभ किया गया है। मुजफ्फरपुर, पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही छात्रावास खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाता है। इसमें 50 महिलाओ के रहने की सुविधा है। छात्रावास में अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया समेत अन्य आवश्यक कर्मी भी मौजूद होंगे।महंगे शहरों में पढ़ाई या नौकरी के दौरान सस्ती और सुरक्षित रहने की व्यवस्था बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में कई राज्य सरकारें और संस्थाएं कम लागत वाले छात्रावास संचालित करती हैं, जिनमें ‘आकांक्षा’ जैसे मॉडल खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। सीमित बजट, करीब 3000 रुपये मासिक…
Supporting Student Journalist.
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