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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक नया कूटनीतिक पहलू सामने आया है, जहां रूस ने शांति बहाली में भूमिका निभाने की पेशकश की है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद…
दक्षिण लेबनान से आ रही तस्वीरें एक बार फिर युद्ध की भयावहता को सामने ला रही हैं, जहां पूरे के पूरे गांव मलबे में तब्दील होते नजर आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर…
अबू धाबी से एक अहम कूटनीतिक खबर सामने आई है, जहां भारत और संयुक्त अरब अमीरात के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को अबू धाबी में…
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने 11 अप्रैल को चेन्नई में भाजपा के एक मीडिया…
एआईएडीएमके ने भारतीय चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि डीएमके अपने चुनाव…
भारत की चीता पुनर्वास परियोजना ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कुनो राष्ट्रीय…
चमोली के जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार ने शनिवार को बताया कि प्रशासन 23 अप्रैल से शुरू होने वाली चार धाम…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए…
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव, जो 23 अप्रैल को होने वाले हैं, से पहले 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों…
नीतीश कुमार के बिहार के मुख्यमंत्री पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा देने से पहले ही उनका सामान उनके आधिकारिक…
द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (डीएमके) की सांसद तमिलाची थंगापंडियन विधानसभा चुनावों से पहले गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में तमिलनाडु भर…
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इंदौर नगर निगम की…
मध्य प्रदेश के रायसेन में 11 अप्रैल को तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर रक्षा मंत्री…
2026 असम विधानसभा चुनाव के समापन के बाद, असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष अतुल बोरा ने भारी मतदान को…
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने भोजपुर-सह-बक्सर निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधान परिषद के आगामी उपचुनाव के लिए सोनू कुमार राय…
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उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद जारी अंतिम आंकड़ों ने राज्य की चुनावी तस्वीर में बड़ा बदलाव सामने रखा है।…
भारतीय संगीत जगत की सबसे प्रभावशाली आवाजों में से एक, आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सुरों और मौलिकता के अद्भुत मेल के लिए जानी जाने वाली आशा जी ने आठ दशकों तक संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया। आइए उनके जीवन के कुछ सुनहरे पहलुओं पर नजर डालते हैं:करियर की शुरुआतआशा भोसले का जन्म 8 सितंबर, 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में शास्त्रीय गायक पंडित दीनानाथ मंगेशकर के घर हुआ था। महज 9 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद, उन्होंने अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ फिल्मों में गाना शुरू किया। 1943 में मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ से उन्होंने अपना पहला गाना रिकॉर्ड किया। हिंदी सिनेमा में उनकी शुरुआत 1948 में फिल्म ‘चुनरिया’ के गीत ‘सावन आया’ से हुई थी।इसे भी पढ़ें: सुरों की मल्लिका Asha Bhosle का निधन, कल Shivaji Park में होगा अंतिम संस्कारबहुमुखी प्रतिभा की मिसाल…
भारतीय पर्यटक पहली बार विदेश यात्रा की प्लानिंग करते हैं, तो वह सबसे पहले थाइलैंड या वियतनाम को…
Hindi NewsCareerThe First 30 Seconds Of An Interview Are The Most Important, Start Strong; 65% Of Candidates Are Rejected Due To Poor Body Language.नई दिल्ली17 मिनट पहलेकॉपी लिंकइंटरव्यू को एकतरफा सवाल-जवाब के बजाय एक सामान्य बातचीत की तरह लेना चाहिए। – सिम्बॉलिक इमेजएआई के दौर में किसी भी नौकरी के लिए परफेक्ट रेज्यूमे बनाना आसान हो गया है, लेकिन इंटरव्यू क्रैक करना अब भी असली परीक्षा है। Market.biz के आंकड़े बताते हैं कि 65% इंटरव्यूअर्स उन उम्मीदवारों को तुरंत रिजेक्ट कर देते हैं, जिनकी बॉडी लैंग्वेज सही नहीं होती।वहीं 33% रिक्रूटर्स इंटरव्यू के पहले 90 सेकेंड में ही फैसला कर…
देश की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने नए वित्त वर्ष के लिए युवाओं को बड़े पैमाने पर…
अमेरिका ईरान संघर्ष विराम को लेकर चिंताएँ बनी रहने के बीच, प्रॉफ़िट बुकिंग के चलते फ़्यूचर्स में कीमती धातुओं की…
भारतीय सेलिब्रेटी शेफ संजीव कपूर आज यानी की 10 अप्रैल को अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। हर भारतीय घर…
मायानगरी के सराफा बाजार से आज एक ऐसी खबर आई है जिसने आम जनता के चेहरे पर मुस्कान और निवेशकों…
लंदन उच्च न्यायालय ने बैंक ऑफ इंडिया के बकाया ऋण मामले में भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी की उस याचिका…
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना (PM SYMY) असंगठित क्षेत्र के गरीब श्रमिकों के लिए एक सरकारी पेंशन योजना है, जिसके तहत 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपये की पेंशन मिलती है। वो भी तब, जब आपने लगभग 55–200 रुपये प्रति माह इस फंड में योगदान दिया हो, जो कि उम्र के हिसाब से निर्धारित है। फिर इसमें सरकार आपके योगदान के बराबर ही अतिरिक्त राशि जमा करती है, जिससे लंबे समय में 3000 ₹ प्रतिमाह की पेंशन व्यवस्था बनती है। # समझिए, PM SYMY क्या है? यह किसके लिए है?PM SYMY एक “केंद्रीय क्षेत्र की पेंशन योजना” है जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों (रेहड़ी पटरी वाले, मजदूर, घरेलू कामगार, निर्माण मजदूर, एग्रीकल्चर वर्कर आदि) के लिए 2019 में शुरू की गई थी। इसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय चलाता है और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) पेंशन फंड के रूप में काम करता है। इसे भी पढ़ें: PM…
सरकारी मशीनरी के नाकारा होने के कारण देश में धार्मिक आयोजनों में भगदड़ जैसे हादसे रुक नहीं रहे हैं। हादसों ऐसी श्रृंखला में नालंदा मंदिर का हादसा भी जुड़ गया है। नालंदा के शीतला माता मंदिर में पूजा करने के दौरान भगदड़ मच गई और इसमें 9 लोगों की जान चली गई। आठ महिलाओं की भीड़ में दबने से मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को शीतला अष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। वहां मेला भी लगा था। इसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज मंगलवार को नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति शामिल हुईं। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने कई देशों के छात्रों को डिग्री व मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान दिया गया। राष्ट्रपति की यात्रा की सुरक्षा में 8 जिलों के 2500 जवानों को लगाया गया था,…
भारत के खिलाफ जहर उगलने के आदी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जब कोलकाता को निशाना बनाने की धमकी दी तो यह उनकी बौखलाहट का खुला प्रदर्शन था, लेकिन हैरानी इससे भी ज्यादा इस बात पर है कि भारत के भीतर कुछ नेता इस खोखली धमकी को लेकर हंगामा खड़ा कर रहे हैं। जिसे बार-बार उसकी हर हरकत पर मुंहतोड़ जवाब मिला हो, जिसे उसकी गुस्ताखियों की सजा उसके घर में घुसकर दी गई हो, उसकी गीदड़ भभकी पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का शोर मचाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि चिंताजनक भी है। देखा जाये तो यह एक कमजोर और बेअसर खतरे को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने और चूहे को शेर बताकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश से ज्यादा कुछ नहीं है।हम आपको बता दें कि ख्वाजा आसिफ ने पिछले सप्ताह सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान यह दावा किया था कि भविष्य में…
वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधनासभा चुनाव घोषित हो चुके हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे राज्य की राजनीति का पारा चढ़ रहा है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए अपने प्रचार को आक्रामक बना चुकी हैं। उनके लिए इस बार राह उतनी आसान नहीं है। भारतीय जनता पार्टी भी इस बार हर हाल में बंगाल में अपनी सरकार बनाने को संकल्पबद्ध है। बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सभा में कहा था कि गंगा नदी बिहार से ही बंगाल में जाती है और उसी दिन से बंगाल मे राजनीतिक तपिश का अनुभव होने लगा था। बंगाल में ममता दीदी के चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की राह बहुत आसान नहीं है क्योकि कांग्रेस और वामपंथी दल भी पूरी ताकत से ममता दीदी को हराने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी अपनी ही पार्टी के निष्कासित विधायक…
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वर्ष 2021 में बैंक लॉकर सुविधा के लिए विभिन्न संशोधित दिशानिर्देश जारी किए, जो विगत 1 जनवरी 2022 से लागू हैं। इनके तहत बैंक लॉकर से सामान गायब होने पर बैंक की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही ग्राहक की लापरवाही के बारे में भी नियमसम्मत जानकारी उपलब्ध कराई गई है ताकि किसी भी प्रकार का नीतिगत विरोधाभास नहीं बचे। यही वजह है कि बैंक लॉकर के धंधे में तेजी आई है।इस बारे में मुख्य गाइडलाइंस निम्नलिखित है- आरबीआई के अनुसार, बैंक लॉकर की सामग्री का इन्वेंटरी रखने या उसके मूल्य की जांच करने का अधिकार बैंक को नहीं है।हां, लॉकर हायरर को अवैध या खतरनाक वस्तुएं रखने की मनाही है, और बैंक को अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होती है। इसलिए लॉकर एग्रीमेंट में ये शर्तें शामिल होनी चाहिए।इसे भी पढ़ें: नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियमों के बीच चर्चा में आई Old Regime,…
प्रस्तावित ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 पुराने बनाम नए टैक्स सिस्टम की बहस को चुपचाप बदल सकता है। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 ने एक बड़ा स्ट्रक्चरल रीसेट और टैक्स की भाषा को आसान बनाया, लेकिन ज़्यादातर टैक्सपेयर्स के लिए असली सवाल आसान है: क्या मैं ज़्यादा टैक्स बचाऊंगा? नया एक्ट और नियम 1 अप्रैल, 2026 (टैक्स साल 2026–27) से लागू होंगे। नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियम 2026 के सामने आने के बाद एक बार फिर Old Tax Regime चर्चा में है। अब तक सरलता और कम दरों के कारण New Tax Regime को बढ़त मिल रही थी, लेकिन प्रस्तावित बदलावों ने पुराने सिस्टम को फिर प्रतिस्पर्धी बना दिया है।हालांकि ये नियम अभी ड्राफ्ट फॉर्म में हैं, लेकिन ये सिर्फ प्रोसेस और लिमिट बदलने से कहीं ज़्यादा हैं। ड्राफ्ट नियम चुपचाप यह बताते हैं कि कई नई छूट, एग्ज़ेम्प्शन और ज़्यादा लिमिट से मुख्य रूप से पुराने टैक्स सिस्टम के तहत…
देश में समय के साथ लोकतंत्र के परिपक्कव होने के बजाए कमजोर होने की आहट आ रही है। आजादी के बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि संवैधानिक संस्थाओं को पक्षपात के आरोपों के कारण कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इन संस्थाओं के कामकाज के तौर—तरीकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन पर पूरी तरह से सत्तारुढ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के इशारों पर काम करने करने और विपक्ष के अधिकारों को दबाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों के इस घेरे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के सभापति रहे जगदीप धनखड़, भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक और अब मुख्य चुनाव आयुक्त आ चुके हैं।लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए 118 विपक्षी सांसदों के समर्थन से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। विपक्षी सांसदों का दावा था कि ओम बिरला ने “पक्षपातपूर्ण व्यवहार” दिखाया है और उनका कार्यालय अपेक्षित निष्पक्षता बनाए रखने में विफल…
धर्म, जाति और धर्मांतरण का प्रश्न भारत के सामाजिक, संवैधानिक और राष्ट्रीय जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील और जटिल विषय है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह निर्णय कि यदि अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को स्वीकार कर लेता है तो वह अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा और उससे जुड़े लाभों का अधिकारी नहीं रहेगा, केवल एक सामान्य कानूनी निर्णय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय की अवधारणा और राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता को ध्यान में रखकर दिया गया एक दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय को भारतीय न्याय व्यवस्था की परिपक्वता, संतुलन और दूरदर्शिता का प्रतीक कहा जा सकता है।भारत में अनुसूचित जाति की व्यवस्था का निर्माण किसी धर्म विशेष को लाभ देने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि उन सामाजिक वर्गों को संरक्षण और अवसर देने के लिए किया…
धार्मिक स्थलों को बंदरों से क्यों नही मिलती मुक्ति। सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि इन स्थानों पर आने वाले श्रृद्धालु कब तक इनके आंतक झेलते रहेंगे? कब तक इनका शिकार होते रहेंगे?हाल में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु अपने कार्यकाल में 19 मार्च को वृंदावन आईं। वे दूसरी बार यहां आईं है। इससे पहले इसी पद पर रहते हुए प्रणब मुखर्जी व रामनाथ कोविंद भी अपने कार्यकाल में दो बार वृंदावन आए थे। लेकिन, राष्ट्रपति मुर्मु वृंदावन के तीन दिवसीय प्रवास पर आने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्रप्रसाद, ज्ञानी जैल सिंह एक बार वृंदावन आए। उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए डॉक्टर शंकरदयाल शर्मा, आर वेंकटरामन, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी वृंदावन अपनी धार्मिक यात्रा पर आ चुके हैं।इसे भी पढ़ें: President Murmu के Vrindavan दौरे से पहले हाई अलर्ट, चश्मा चोर बंदरों को डराएंगे लंगूर के कटआउटनिवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी दो बार वृंदावन आए। आश्रय…
आजकल आधार कई सरकारी सर्विस और स्कीम का एक ज़रूरी हिस्सा बन गया है। आधार का इस्तेमाल लगभग हर सर्विस में पहचान वेरिफिकेशन के लिए किया जाता है, चाहे वह बैंक अकाउंट हो, मोबाइल नंबर हो, गैस सब्सिडी हो या पेंशन हो। ऐसे में पेंशन अकाउंट, खासकर EPF (एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड) से आधार को लिंक करना फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक करना ज़रूरी नहीं है, लेकिन इससे आपकी पहचान और डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करना आसान हो जाता है। इससे भविष्य में क्लेम, पेंशन ट्रांसफर और दूसरी सर्विस में देरी की संभावना कम हो सकती है। अच्छी बात यह है कि आप आसानी से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से अपने पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक कर सकते हैं। सरकार द्वारा विभिन्न पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार लिंकिंग को महत्वपूर्ण बनाया गया है। पेंशन खाते…
Supporting Student Journalist.
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