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केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण संबंधी ऐतिहासिक निर्णय को लागू करने का समय आ गया है। उन्होंने परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून…
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को संसद में उस समय मजाक किया जब सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संक्षेप में इस बात पर संदेह जताया कि क्या कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल का…
लोकसभा में संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किए जाने के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के नाम पर पेश किए गए परिसीमन विधेयक का एकजुट होकर विरोध कर रहा…
आज यानी की 16 अप्रैल को कुलभूषण जाधव अपना 56वां जन्मदिन मना रहे हैं। कुलभूषण जाधव भारतीय नौसेना के एक…
भारतीय नौसेना के शीर्ष कमांडरों ने समुद्री सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने के साथ-साथ पश्चिम एशिया में चल रहे…
‘द्रविड़ भूमि में फैलेगी आग’, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री MK स्टालिन ने परिसीमन बिल की कॉपी जलाई | VIDEO
संसद के विशेष सत्र में पेश होने वाले ‘परिसीमन बिल 2026’ को लेकर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सियासी…
आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक शाखा इन दिनों विवादों के घेरे में है। महिला कर्मचारियों द्वारा यौन…
गुरुवार से भारतीय संसद का एक अत्यंत महत्वपूर्ण तीन दिवसीय विशेष सत्र शुरू हो रहा है। इस सत्र में केंद्र…
आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। मंत्रालयम मंडल के चिलकलाडोना के पास एक बोलेरो…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र को महिला सशक्तिकरण के इतिहास में एक “ऐतिहासिक कदम” करार…
महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) में महत्वपूर्ण संशोधनों पर विचार करने के लिए बुलाए गए संसद के तीन…
रक्षा मंत्री और भाजपा नेता राजनाथ सिंह ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पिछले…
केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने और 2026 से पहले की जनगणना के आधार पर परिसीमन…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तरी बंगाल में अपने चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला…
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को कहा कि भारत ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय बाजारों…
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हमारे देश के राजनेता भले ही चुनावों के दौरान दलित-महादलित-आदिवासी, ओबीसी-ईबीसी, अल्पसंख्यक-पसमांदा और गरीब सवर्ण आदि से जुड़े सामाजिक न्याय सम्बन्धी तरह-तरह की बातें करते हैं,…
आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 के ग्रुप स्टेज मैच में भारत अंडर-19 और बांग्लादेश अंडर-19 के बीच…
आईसीसी मेन्स अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का सामना बांग्लादेश से हुआ। बुलावायो के क्वींस…
शनिवार को आईसीसी अंडर 19 विश्व कप 2026 के ग्रुप स्टेज मैच में भारत और बांग्लादेश के…
आगामी ऑस्ट्रेलियन ओपन से पहले, सर्बिया के दिग्गज नोवाक जोकोविच ने टूर्नामेंट में अपनी जीत की संभावनाओं…
लेग-स्पिनर रवि बिश्नोई को शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला के लिए भारत की…
भारतीय महिला टीम की मिडफील्डर मनीषा कल्याण ने पेरू के क्लब एलियांजा लीमा से करार किया है।…
नेटफ्लिक्स की नवीनतम ‘क्रिएचर फीचर’ फिल्म ‘Thrash’ दर्शकों को दक्षिण कैरोलिना के एक छोटे से शहर ‘एनीविले’ में ले जाती है, जो श्रेणी 5 (Category 5) के विनाशकारी तूफान और बाढ़ के पानी में तैरती खूंखार ‘बुल शार्क’ (Bull Sharks) के आतंक से जूझ रहा है। फिल्म का अंत केवल जीवित रहने की लड़ाई नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और साहस की परीक्षा भी है। फिल्म के चरमोत्कर्ष (Climax) में कहानी दो मुख्य मोर्चों पर सिमट जाती है। एक तरफ लीसा (फीबी डायनेवर) और डकोटा (व्हिटनी पीक) हैं, और दूसरी तरफ वे तीन अनाथ भाई-बहन (रॉन, डी और विल) हैं जो अपने क्रूर पालक माता-पिता के साये से अभी-अभी आजाद हुए हैं, लेकिन मौत के साये में घिरे हैं।इसे भी पढ़ें: Personality Rights: ऐश्वर्या और करण जौहर के बाद अब Kartik Aaryan को मिला कानूनी कवच, बॉम्बे हाई कोर्ट ने दिया सख्त आदेशअगर आप सोचते हैं कि स्टीवन स्पीलबर्ग की ‘Jaws’ ने…
भारत में घूमने के लिए कई लोकप्रिय जगहें है। जिन लोगों घूमने का काफी शौक होता है वे…
लम्बे संघर्ष और राजनैतिक उतार-चढ़ाव के बाद भारतीय जनता पार्टी को बिहार में पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाने का अवसर मिल गया है। यह अवसर राजग गठबंधन के माध्यम से आया है। अभी तक बिहार में भाजपा जद (यू) के साथ छोटे भाई की भूमिका मे थी अब बड़े भाई की भूमिका में आ गई है। जब बिहार से विधायक नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए तभी से बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की रणनीति पर काम चल रहा था। बिहार के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना मन बनाया और राज्यसभा जाने के लिए तैयार हो गए। नीतीश…
भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और कोयला क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य से…
शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली और निवेशकों के चेहरे पर रौनक लौटती नजर आई। बीएसई सेंसेक्स…
एक उपभोक्ता अदालत ने खाद्य कंपनी हल्दीराम मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड को एक्सपायर्ड (इस्तेमाल की मियाद समाप्त हो चुकी) मिठाई बेचने…
लंबे समय से ब्रिटेन में बैठे ‘किंग ऑफ गुड टाइम्स’ यानी विजय माल्या को बॉम्बे हाई कोर्ट ने दो टूक…
टिकाऊ विकास तकनीक के क्षेत्र की ईसीडीएस ने बुधवार को कहा कि वह दक्षिण कोरिया की तीन कंपनियों के साथ…
बिहार के नए सम्राट को फूलों की सेज नहीं, बल्कि कांटों का ताज मिला है। चाहे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हों, या पूर्व मुख्यमंत्री दम्पत्ति लालू प्रसाद और राबड़ी देवी, कभी भी चैन पूर्वक राज नहीं कर सके। लिहाजा, मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी उन जातीय और साम्प्रदायिक चुनौतियों से जूझना होगा, जो बिहार के विकास में शुरू से ही बाधक समझी गई हैं। लेकिन जिस प्रकार से आधुनिक बिहार के निर्माता और प्रथम मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिन्हा को कांग्रेस के सहयोग से लंबे समय तक राज करते हुए जनसेवा का मौका मिला, वैसी ही मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भाजपा के सहयोग से जनसेवा का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा भी है कि पार्टी ने उन्हें पद नहीं, जनसेवा का अवसर दिया है, इसलिए विकास, सुशासन और समृद्धि उनके शासन का मूलमंत्र होगा।बिहार के आर्थिक विश्लेषक बताते हैं कि बिहार के विकास में श्रीकृष्ण सिन्हा के बाद नीतीश कुमार…
असम, केरल व पुद्दुचेरी में विधानसभा चुनाव हेतु मतदान संपन्न हो जाने के बाद पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु के चुनाव प्रचार मे आक्रामकता आ गई है। बंगाल के सन्दर्भ में प्राप्त विश्लेषणों के अनुसार ऐसा लग रहा है कि इन चुनावों में बंगाल में मात्र दो प्रतिशत मतों के अंतर से ही सरकार बनने का खेल होने वाला है। सत्ता के लिए प्रमुख लड़ाई चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रयासरत ममता बनर्जी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच ही है और यही दोनों आक्रामक रूप से चुनाव प्रचार भी कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पहले ममता सरकार के खिलाफ श्वेत पत्र जारी किया फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन विशाल जनसभाओं के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया। इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर हिंसा को बढ़ावा देने वाली…
हेल्थ इंश्योरेंस में Pre-existing Disease छुपाने से आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है, पॉलिसी रद्द हो सकती है और भविष्य में इंश्योरेंस मिलना भी मुश्किल हो सकता है। पूर्व शोध IRDAI की रिपोर्ट के अनुसार हर साल लगभग 8 से 10 लाख क्लेम PED या उससे जुड़ी शर्तों की वजह से रिजेक्ट हो जाते हैं। जब आप अपना हेल्थ इंश्योरेंस कराते है, तो कंपनी आपकी पुरानी बीमारी यानी Pre-existing Disease का रिकॉर्ड मांगती है। यदि आप ऐसे मेंं झूठ बोलते है या जानकारी छुपाते हैं, तो कंपनी आपकी पॉलिसी तुरंत रद्द कर सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह ‘अतुल्य विश्वास’ (Uberrimae Fidei) के सिद्धांत का उल्लंघन है, जिसे बीमा कंपनी और कानून धोखाधड़ी मानते हैं।इसे भी पढ़ें: जानिए, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYMY) के तहत आपको मात्र 55-200 रुपये में कैसे मिलेगी 3000 पेंशन?अगर आप यह गलती कर चुके हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी आपका क्लेम स्वीकार नहीं करेगी या आपका…
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना (PM SYMY) असंगठित क्षेत्र के गरीब श्रमिकों के लिए एक सरकारी पेंशन योजना है, जिसके तहत 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रुपये की पेंशन मिलती है। वो भी तब, जब आपने लगभग 55–200 रुपये प्रति माह इस फंड में योगदान दिया हो, जो कि उम्र के हिसाब से निर्धारित है। फिर इसमें सरकार आपके योगदान के बराबर ही अतिरिक्त राशि जमा करती है, जिससे लंबे समय में 3000 ₹ प्रतिमाह की पेंशन व्यवस्था बनती है। # समझिए, PM SYMY क्या है? यह किसके लिए है?PM SYMY एक “केंद्रीय क्षेत्र की पेंशन योजना” है जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों (रेहड़ी पटरी वाले, मजदूर, घरेलू कामगार, निर्माण मजदूर, एग्रीकल्चर वर्कर आदि) के लिए 2019 में शुरू की गई थी। इसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय चलाता है और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) पेंशन फंड के रूप में काम करता है। इसे भी पढ़ें: PM…
सरकारी मशीनरी के नाकारा होने के कारण देश में धार्मिक आयोजनों में भगदड़ जैसे हादसे रुक नहीं रहे हैं। हादसों ऐसी श्रृंखला में नालंदा मंदिर का हादसा भी जुड़ गया है। नालंदा के शीतला माता मंदिर में पूजा करने के दौरान भगदड़ मच गई और इसमें 9 लोगों की जान चली गई। आठ महिलाओं की भीड़ में दबने से मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को शीतला अष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। वहां मेला भी लगा था। इसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज मंगलवार को नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति शामिल हुईं। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने कई देशों के छात्रों को डिग्री व मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान दिया गया। राष्ट्रपति की यात्रा की सुरक्षा में 8 जिलों के 2500 जवानों को लगाया गया था,…
भारत के खिलाफ जहर उगलने के आदी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जब कोलकाता को निशाना बनाने की धमकी दी तो यह उनकी बौखलाहट का खुला प्रदर्शन था, लेकिन हैरानी इससे भी ज्यादा इस बात पर है कि भारत के भीतर कुछ नेता इस खोखली धमकी को लेकर हंगामा खड़ा कर रहे हैं। जिसे बार-बार उसकी हर हरकत पर मुंहतोड़ जवाब मिला हो, जिसे उसकी गुस्ताखियों की सजा उसके घर में घुसकर दी गई हो, उसकी गीदड़ भभकी पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का शोर मचाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि चिंताजनक भी है। देखा जाये तो यह एक कमजोर और बेअसर खतरे को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने और चूहे को शेर बताकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश से ज्यादा कुछ नहीं है।हम आपको बता दें कि ख्वाजा आसिफ ने पिछले सप्ताह सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान यह दावा किया था कि भविष्य में…
वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधनासभा चुनाव घोषित हो चुके हैं। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे राज्य की राजनीति का पारा चढ़ रहा है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए अपने प्रचार को आक्रामक बना चुकी हैं। उनके लिए इस बार राह उतनी आसान नहीं है। भारतीय जनता पार्टी भी इस बार हर हाल में बंगाल में अपनी सरकार बनाने को संकल्पबद्ध है। बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सभा में कहा था कि गंगा नदी बिहार से ही बंगाल में जाती है और उसी दिन से बंगाल मे राजनीतिक तपिश का अनुभव होने लगा था। बंगाल में ममता दीदी के चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की राह बहुत आसान नहीं है क्योकि कांग्रेस और वामपंथी दल भी पूरी ताकत से ममता दीदी को हराने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी अपनी ही पार्टी के निष्कासित विधायक…
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वर्ष 2021 में बैंक लॉकर सुविधा के लिए विभिन्न संशोधित दिशानिर्देश जारी किए, जो विगत 1 जनवरी 2022 से लागू हैं। इनके तहत बैंक लॉकर से सामान गायब होने पर बैंक की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही ग्राहक की लापरवाही के बारे में भी नियमसम्मत जानकारी उपलब्ध कराई गई है ताकि किसी भी प्रकार का नीतिगत विरोधाभास नहीं बचे। यही वजह है कि बैंक लॉकर के धंधे में तेजी आई है।इस बारे में मुख्य गाइडलाइंस निम्नलिखित है- आरबीआई के अनुसार, बैंक लॉकर की सामग्री का इन्वेंटरी रखने या उसके मूल्य की जांच करने का अधिकार बैंक को नहीं है।हां, लॉकर हायरर को अवैध या खतरनाक वस्तुएं रखने की मनाही है, और बैंक को अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होती है। इसलिए लॉकर एग्रीमेंट में ये शर्तें शामिल होनी चाहिए।इसे भी पढ़ें: नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियमों के बीच चर्चा में आई Old Regime,…
प्रस्तावित ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 पुराने बनाम नए टैक्स सिस्टम की बहस को चुपचाप बदल सकता है। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 ने एक बड़ा स्ट्रक्चरल रीसेट और टैक्स की भाषा को आसान बनाया, लेकिन ज़्यादातर टैक्सपेयर्स के लिए असली सवाल आसान है: क्या मैं ज़्यादा टैक्स बचाऊंगा? नया एक्ट और नियम 1 अप्रैल, 2026 (टैक्स साल 2026–27) से लागू होंगे। नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियम 2026 के सामने आने के बाद एक बार फिर Old Tax Regime चर्चा में है। अब तक सरलता और कम दरों के कारण New Tax Regime को बढ़त मिल रही थी, लेकिन प्रस्तावित बदलावों ने पुराने सिस्टम को फिर प्रतिस्पर्धी बना दिया है।हालांकि ये नियम अभी ड्राफ्ट फॉर्म में हैं, लेकिन ये सिर्फ प्रोसेस और लिमिट बदलने से कहीं ज़्यादा हैं। ड्राफ्ट नियम चुपचाप यह बताते हैं कि कई नई छूट, एग्ज़ेम्प्शन और ज़्यादा लिमिट से मुख्य रूप से पुराने टैक्स सिस्टम के तहत…
देश में समय के साथ लोकतंत्र के परिपक्कव होने के बजाए कमजोर होने की आहट आ रही है। आजादी के बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि संवैधानिक संस्थाओं को पक्षपात के आरोपों के कारण कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इन संस्थाओं के कामकाज के तौर—तरीकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन पर पूरी तरह से सत्तारुढ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के इशारों पर काम करने करने और विपक्ष के अधिकारों को दबाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों के इस घेरे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के सभापति रहे जगदीप धनखड़, भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक और अब मुख्य चुनाव आयुक्त आ चुके हैं।लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए 118 विपक्षी सांसदों के समर्थन से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। विपक्षी सांसदों का दावा था कि ओम बिरला ने “पक्षपातपूर्ण व्यवहार” दिखाया है और उनका कार्यालय अपेक्षित निष्पक्षता बनाए रखने में विफल…
Supporting Student Journalist.
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