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भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बिजू पटनायक पर अपनी हालिया टिप्पणी को लेकर हुए विवाद के बाद बिना शर्त माफी जारी की। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा कि…
ईरान इजराइल जंग ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया। हर देश कहीं ना कहीं ऊर्जा संकट से जूझ रहा है और इसी बीच बांग्लादेश ने भी खुलकर अमेरिका से गुहार लगाई है कि…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि असम ने पिछले दस वर्षों में उल्लेखनीय विकास देखा है और उन्हें विश्वास है कि राज्य की जनता एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले…
राजस्थान सरकार ने राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मंगलवार देर रात एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मार्च को कहा कि भारत की प्रभावी विदेश नीति और नागरिकों की अटूट एकता ने…
केंद्रीय मंत्री और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल और राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मार्च को आश्वासन दिया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार स्थानीय सरकारी निकायों से लेकर…
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वामपंथी उग्रवाद से जुड़े व्यक्तियों से मुलाकातों के संबंध में कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और…
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को ‘सहेली पिंक कार्ड’ योजना को लेकर फैली अफवाहों को खारिज करते हुए…
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को कहा कि बागलकोट विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार उमेश मेती को मिल रहा…
विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार (30 मार्च, 2026) को…
West Bengal में सियासी बवाल, Mamata Banerjee के ‘Poster’ वाले बयान पर BJP पहुंची Election Commission
भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर चुनावी…
सार्वजनिक वित्त की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंचकुला नगर निगम ने कोटक महिंद्रा बैंक से 127.27…
वाईएसआरसीपी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार को ताडेपल्ली स्थित वाईएसआरसीपी केंद्रीय कार्यालय…
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार प्रवेश शुल्क में हाल ही में…
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देश के ‘पीएम इन वेटिंग’ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों और आतंकवादियों की कमर तोड़ने में अभूतपूर्व और उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।…
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शुक्रवार को इंग्लैंड को अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में हराकर…
T20 World Cup में Jasprit Bumrah नहीं खेलेंगे पहला मैच, जानें Team India की नई Playing XI क्या होगी?
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप की तैयारियों में भारत की फिटनेस संबंधी चिंताओं के चलते कई झटके…
आज यानी की 07 फरवरी को भारत के बैडमिंटन की दुनिया में चमकता सितारा श्रीकांत किदांबी अपना…
भारत के युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में घुटने की…
चैम्पियन बल्लेबाज विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर और भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर समेत समूचे क्रिकेट…
ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ जोश हेज़लवुड आधिकारिक रूप से T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो…
पॉप आइकन टेलर स्विफ्ट ने एक बार फिर अपने संगीत के जरिए इतिहास के पन्नों को पलटा है। अपने हालिया एल्बम ‘द लाइफ़ ऑफ़ अ शोगर्ल’ (The Life of a Showgirl) के तीसरे सिंगल ‘एलिज़ाबेथ टेलर’ के लिए स्विफ्ट ने एक भावुक म्यूज़िक वीडियो जारी किया है, जो हॉलीवुड की महान अभिनेत्री एलिज़ाबेथ टेलर को एक भव्य श्रद्धांजलि है। 36 वर्षीय गायिका ने 31 मार्च को अपने प्रशंसकों को तब चौंका दिया, जब उन्होंने इस वीडियो को विशेष रूप से Spotify और Apple Music के सब्सक्राइबर्स के लिए जारी किया। ‘द फ़ेट ऑफ़ ओफ़ेलिया’ और ‘ओपलाइट’ जैसे सिंगल्स के लिए अपने पिछले भव्य विज़ुअल्स के विपरीत, स्विफ्ट ने इस बार उस ब्रिटिश-अमेरिकी अभिनेत्री को सम्मानित करने का फ़ैसला किया, जिनसे उन्हें इस गीत की प्रेरणा मिली थी।Spotify और Apple Music पर रिलीज़ हुए इस वीडियो में एलिज़ाबेथ टेलर के पुराने फुटेज शामिल हैं, जिनमें उनके सार्वजनिक जीवन और उनकी कुछ…
महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित पंचगनी एक प्रसिद्ध और शांत हिल स्टेशन है। ‘पंचगनी’ नाम का अर्थ…
Hindi NewsCareerMamta Kaliya Wins Sahitya Akademi Award 2025 For Jeete Ji Allahabad4 मिनट पहलेकॉपी लिंक31 मार्च को ममता कालिया को साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। ये सम्मान 2021 में प्रकाशित उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए मिला है।ममता कालिया हिंदी की प्रसिद्ध लेखिका हैं। उनके चर्चित उपन्यासों में ‘बेघर’, ‘दुक्खम-सुक्खम’, ‘नरक दर नरक’, ‘प्रेम कहानी’ और कहानियों में ‘दूसरा देवदास’, ‘आपकी छोटी लड़की’, ‘छुटकारा’, ‘एक अरद औरत’, ‘सीट नंबर छह’, ‘बोलने वाली औरत’ शामिल हैं। साथ ही ‘कितने प्रश्न करूं’ और ‘खांटी घरेलू औरतें’ उनकी चर्चित कविताएं हैं।नुक़्ता और अनुस्वार की गलतियों पर चिढ़ जाने वाली…
क्लाउड और सॉफ्टवेयर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Oracle से आई एक खबर ने पूरी दुनिया के IT सेक्टर…
वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता का असर अब एशियाई शेयर बाजारों पर साफ दिखने लगा है। मंगलवार को एशिया के…
Hormuz Strait में फंसे भारत आ रहे 28 जहाज, गहराया Energy Crisis, सैकड़ों नाविकों की सुरक्षा दांव पर।
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही…
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक शुल्कों को रद्द किए जाने और…
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक अप्रैल से राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा पर नकद भुगतान बंद करने पर विचार…
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वर्ष 2021 में बैंक लॉकर सुविधा के लिए विभिन्न संशोधित दिशानिर्देश जारी किए, जो विगत 1 जनवरी 2022 से लागू हैं। इनके तहत बैंक लॉकर से सामान गायब होने पर बैंक की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही ग्राहक की लापरवाही के बारे में भी नियमसम्मत जानकारी उपलब्ध कराई गई है ताकि किसी भी प्रकार का नीतिगत विरोधाभास नहीं बचे। यही वजह है कि बैंक लॉकर के धंधे में तेजी आई है।इस बारे में मुख्य गाइडलाइंस निम्नलिखित है- आरबीआई के अनुसार, बैंक लॉकर की सामग्री का इन्वेंटरी रखने या उसके मूल्य की जांच करने का अधिकार बैंक को नहीं है।हां, लॉकर हायरर को अवैध या खतरनाक वस्तुएं रखने की मनाही है, और बैंक को अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होती है। इसलिए लॉकर एग्रीमेंट में ये शर्तें शामिल होनी चाहिए।इसे भी पढ़ें: नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियमों के बीच चर्चा में आई Old Regime,…
प्रस्तावित ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स, 2026 पुराने बनाम नए टैक्स सिस्टम की बहस को चुपचाप बदल सकता है। हालांकि इनकम टैक्स एक्ट, 2025 ने एक बड़ा स्ट्रक्चरल रीसेट और टैक्स की भाषा को आसान बनाया, लेकिन ज़्यादातर टैक्सपेयर्स के लिए असली सवाल आसान है: क्या मैं ज़्यादा टैक्स बचाऊंगा? नया एक्ट और नियम 1 अप्रैल, 2026 (टैक्स साल 2026–27) से लागू होंगे। नए इनकम टैक्स ड्राफ्ट नियम 2026 के सामने आने के बाद एक बार फिर Old Tax Regime चर्चा में है। अब तक सरलता और कम दरों के कारण New Tax Regime को बढ़त मिल रही थी, लेकिन प्रस्तावित बदलावों ने पुराने सिस्टम को फिर प्रतिस्पर्धी बना दिया है।हालांकि ये नियम अभी ड्राफ्ट फॉर्म में हैं, लेकिन ये सिर्फ प्रोसेस और लिमिट बदलने से कहीं ज़्यादा हैं। ड्राफ्ट नियम चुपचाप यह बताते हैं कि कई नई छूट, एग्ज़ेम्प्शन और ज़्यादा लिमिट से मुख्य रूप से पुराने टैक्स सिस्टम के तहत…
देश में समय के साथ लोकतंत्र के परिपक्कव होने के बजाए कमजोर होने की आहट आ रही है। आजादी के बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि संवैधानिक संस्थाओं को पक्षपात के आरोपों के कारण कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। इन संस्थाओं के कामकाज के तौर—तरीकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन पर पूरी तरह से सत्तारुढ केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के इशारों पर काम करने करने और विपक्ष के अधिकारों को दबाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों के इस घेरे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के सभापति रहे जगदीप धनखड़, भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक और अब मुख्य चुनाव आयुक्त आ चुके हैं।लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए 118 विपक्षी सांसदों के समर्थन से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। विपक्षी सांसदों का दावा था कि ओम बिरला ने “पक्षपातपूर्ण व्यवहार” दिखाया है और उनका कार्यालय अपेक्षित निष्पक्षता बनाए रखने में विफल…
धर्म, जाति और धर्मांतरण का प्रश्न भारत के सामाजिक, संवैधानिक और राष्ट्रीय जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील और जटिल विषय है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह निर्णय कि यदि अनुसूचित जाति का कोई व्यक्ति हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को स्वीकार कर लेता है तो वह अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा और उससे जुड़े लाभों का अधिकारी नहीं रहेगा, केवल एक सामान्य कानूनी निर्णय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय की अवधारणा और राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता को ध्यान में रखकर दिया गया एक दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय है। इस निर्णय को भारतीय न्याय व्यवस्था की परिपक्वता, संतुलन और दूरदर्शिता का प्रतीक कहा जा सकता है।भारत में अनुसूचित जाति की व्यवस्था का निर्माण किसी धर्म विशेष को लाभ देने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि उन सामाजिक वर्गों को संरक्षण और अवसर देने के लिए किया…
धार्मिक स्थलों को बंदरों से क्यों नही मिलती मुक्ति। सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि इन स्थानों पर आने वाले श्रृद्धालु कब तक इनके आंतक झेलते रहेंगे? कब तक इनका शिकार होते रहेंगे?हाल में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु अपने कार्यकाल में 19 मार्च को वृंदावन आईं। वे दूसरी बार यहां आईं है। इससे पहले इसी पद पर रहते हुए प्रणब मुखर्जी व रामनाथ कोविंद भी अपने कार्यकाल में दो बार वृंदावन आए थे। लेकिन, राष्ट्रपति मुर्मु वृंदावन के तीन दिवसीय प्रवास पर आने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्रप्रसाद, ज्ञानी जैल सिंह एक बार वृंदावन आए। उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए डॉक्टर शंकरदयाल शर्मा, आर वेंकटरामन, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी वृंदावन अपनी धार्मिक यात्रा पर आ चुके हैं।इसे भी पढ़ें: President Murmu के Vrindavan दौरे से पहले हाई अलर्ट, चश्मा चोर बंदरों को डराएंगे लंगूर के कटआउटनिवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी दो बार वृंदावन आए। आश्रय…
आजकल आधार कई सरकारी सर्विस और स्कीम का एक ज़रूरी हिस्सा बन गया है। आधार का इस्तेमाल लगभग हर सर्विस में पहचान वेरिफिकेशन के लिए किया जाता है, चाहे वह बैंक अकाउंट हो, मोबाइल नंबर हो, गैस सब्सिडी हो या पेंशन हो। ऐसे में पेंशन अकाउंट, खासकर EPF (एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड) से आधार को लिंक करना फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक करना ज़रूरी नहीं है, लेकिन इससे आपकी पहचान और डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करना आसान हो जाता है। इससे भविष्य में क्लेम, पेंशन ट्रांसफर और दूसरी सर्विस में देरी की संभावना कम हो सकती है। अच्छी बात यह है कि आप आसानी से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से अपने पेंशन अकाउंट से आधार को लिंक कर सकते हैं। सरकार द्वारा विभिन्न पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार लिंकिंग को महत्वपूर्ण बनाया गया है। पेंशन खाते…
वर्ष 2017 में विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी भाजपा गठबंधन की सरकार ने नौ वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन नौ वर्षों में सरकार ने कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा विकास के अनेक प्रतिमान गढ़े हैं। अपनी उपलब्धियों को जन जन तक पहुँचाने के लिए सरकार ने, ”नवनिर्माण के नौ वर्ष” नामक पुस्तक का प्रकाशन भी किया है। वर्ष 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश अराजकता के जाल में फंसा हुआ था। छोटी -छोटी बातों पर फसाद हो जाते थे। कानून और व्यवस्था की बुरी स्थिति के कारण निवेशक यहां आने से डरते थे। मुस्लिम तुष्टिकरण चरम पर था। लोग उल्टा प्रदेश कहकर प्रदेश का उपहास करते थे। 2017 में योगी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद से इस स्थिति में व्यापक परिवर्तन हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अब प्रदेश की पहचान का संकट समाप्त हो चुका है,…
आजकल व्यक्तिगत पहचान के लिए आधार नम्बर का इस्तेमाल अनिवार्य हो चुका है। ऐसे में ऐन वक्त पर यदि आधार ऑथेंटिकेशन फेल हो जाए, तो लोगों के परेशान होना स्वाभाविक है। ऐसी समस्या प्रायः सर्वर डाउन होने या गलत नम्बर दर्ज रहने से आती है। जानकारों का कहना है कि आधार ओटीपी (OTP) न आने या ऑथेंटिकेशन फेल होने की समस्या आम है, जो मोबाइल नंबर, नेटवर्क या सर्वर से जुड़ी हो सकती है। इसलिए आइए हमलोग यहां जानते हैं कि इसका मुख्य कारण क्या है और इसका समाधान क्या हो सकता है। इस आम समस्या के मुख्य कारण की बात करें तो गलत या अपंजीकृत नंबर इसका पहला कारण समझा जाता है। आमतौर पर आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर किसी कारण बस बंद रहना, या उसका बदल जाना या फिर कभी लिंक ही न किया जाना इसकी वहज हो सकती है।इसे भी पढ़ें: क्या आप भी हैं किसी के लोन…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली और दूसरी सूची जारी कर साफ संकेत दे दिया है कि इस बार वह आधी अधूरी तैयारी के साथ नहीं बल्कि पूरी ताकत, पूरी रणनीति और पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में उतरी है। खासतौर पर दूसरी सूची में 111 उम्मीदवारों के नामों पर नजर डालने पर पता चलता है कि एक एक सीट पर गहरे मंथन के बाद उम्मीदवार तय किये गये हैं। हम आपको बता दें कि हिंगलगंज से रेखा पात्रा, खड़दह से कल्याण चक्रवर्ती, सोनारपुर दक्षिण से रूपा गांगुली, मथाभांगा से निसिथ प्रमाणिक, चोपड़ा से शंकर अधिकारी, बैरकपुर से कौस्तव बागची, कमरहाटी से अरूप चौधरी जैसे नाम सीधे चुनावी मुकाबले को और दमदार बना रहे हैं। इसके अलावा एंटाली से प्रियंका तिबरेवाल और मणिकतला से तपस रॉय जैसे उम्मीदवार राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं।अगर पहली सूची पर नजर डालें तो…
घर से बाहर दूसरे शहर में काम करने वाली कामकाजी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है रहने-खाने के लिए एक सुरक्षित ठिकाने की खोज। इस समस्या का समाधान बिहार सरकार ने निकाला है। वहीं, पटना के IAS कॉलोनी, (रूपसपुर) में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास – ‘आकांक्षा’ का शुभारंभ किया गया है। मुजफ्फरपुर, पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही छात्रावास खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाता है। इसमें 50 महिलाओ के रहने की सुविधा है। छात्रावास में अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया समेत अन्य आवश्यक कर्मी भी मौजूद होंगे।महंगे शहरों में पढ़ाई या नौकरी के दौरान सस्ती और सुरक्षित रहने की व्यवस्था बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में कई राज्य सरकारें और संस्थाएं कम लागत वाले छात्रावास संचालित करती हैं, जिनमें ‘आकांक्षा’ जैसे मॉडल खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। सीमित बजट, करीब 3000 रुपये मासिक…
Supporting Student Journalist.
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