आज के समय में एसिडिटी या पेट में जलन होना एक आम समस्या बन चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके लक्षण सिर्फ पेट तक ही सीमित नहीं रहते हैं। अक्सर खट्टी डकारों औऱ सीने में जलन को एसिडिटी का संकेत मानते हैं। जबकि यह शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकती है। बता दें कि एसिडिटी के कुछ ऐसे ‘छिपे हुए लक्षण’ भी होते हैं, जिनको अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं। या फिर गलत बीमारी समझकर गलत इलाज करवाते हैं। एसिड रिफ्लेक्स कभी-कभी कंधों में दर्द, सिरदर्द या गले की समस्या के रूप में सामने आता है। जिसको पहचानना जरूरी होता है।
ऐसे में अगर आप भी बार-बार गले को साफ करते हैं या बिना किसी वजह के कंधों में भारीपन महसूस करते हैं। तो यह पाचन तंत्र की गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। इसलिए इन लक्षणों को समझकर इसका इलाज करना जरूरी है।
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सिरदर्द और कंधों में चुभन
अगर आपको सुबह उठने के फौरन बाद या खाना खाने के कुछ देर बाद तेज सिरदर्द महसूस होता है। तो यह एसिडिटी का असामान्य लक्षण हो सकता है। वहीं लोग कंधों के दर्द को लोग मस्कुलर पेन या थकान समझ लेते हैं। लेकिन एसिडिटी के कारण से पैदा होने वाली गैस नसों पर दबाव डाल सकती है। जिससे ऊपरी पीठ और कंधों में चुभन महसूस होती है।
गले में अटकाव
क्या आपको भी ऐसा लगता है कि बार-बार गले में कुछ अटका है। तो मेडिकल की भाषा में इसको ‘ग्लोबल संसेशन’ कहते हैं। एसिडिटी की वजह से जब पेट का एसिड गले की नलिका तक पहुंचता है, तो गले में सूजन और जलन महसूस होती है। इस कारण व्यक्ति को बार-बार अपना गला साफ करने की जरूरत महसूस होती है। वहीं आवाज में भारीपन आ सकता है। जिसको लोग सामान्य सर्दी-जुकाम समझ लेते हैं।
सीने में जकड़न होना और धड़कन का बढ़ना
बता दें कि एसिडिटी का एक डरावना लक्षण सीने में जकड़न महसूस होना और दिल की धड़कन का तेज होना है। कई बार गैस हृदय के पास की नसों को उत्तेजित कर देती है। जिस कारण व्यक्ति को घबराहट महसूस होने लगती है। अगर खाना खाने के बाद भी ऐसी समस्या हो रही है, तो यह एसिडिटी का संकेत होता है।
भूख न लगना और उल्टी का एहसास
एसिडिटी का मुख्य लक्षण में भूख न लगना और लगातार जी मिचलाना भी शामिल है। जब पेट में एसिड लेवल असंतुलित हो जाता है, तो पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है। जिससे खाना देखकर ही उल्टी महसूस होती है। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने की बजाय एक्सपर्ट से सलाह लें और अपनी लाइफस्टाइल में सुधार करें। सही समय पर इसकी पहचान ही इस समस्या का स्थायी समाधान दे सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
