मध्य-पूर्व के युद्ध ने अब तक का सबसे खौफनाक मोड़ ले लिया है। इजराइली वायुसेना (IAF) ने ईरान की राजधानी तेहरान के कलेजे पर सीधा प्रहार किया है। इजराइली सेना (IDF) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि उसके 100 से अधिक लड़ाकू विमानों ने पूर्वी तेहरान के एक अति-सुरक्षित सैन्य परिसर को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है।
इजराइली सेना ने कहा है कि उसने पूर्वी तेहरान में एक परिसर पर हमला किया है, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर, खुफिया निदेशालय, बासिज अर्धसैनिक बल, ईरान की साइबर इकाई और ‘‘विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए जिम्मेदार आंतरिक सुरक्षा इकाई’’ का मुख्यालय स्थित है।
एक इजराइली सैन्य अधिकारी ने बताया कि इस ‘‘व्यापक’’ हमले में 100 से अधिक लड़ाकू विमानों द्वारा 250 से अधिक बम गिराए गए।
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ईरानी सत्ता के ‘स्तंभ’ पर सीधा प्रहार
इजराइली सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह हमला कोई साधारण कार्रवाई नहीं थी, बल्कि ईरान की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा रीढ़ को तोड़ने की एक सोची-समझी रणनीति थी। हमले का मुख्य निशाना पूर्वी तेहरान का वह मुख्यालय था जहाँ से ईरान की सबसे शक्तिशाली इकाइयां संचालित होती हैं:
IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर): ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य शाखा।
खुफिया निदेशालय: ईरान का जासूसी नेटवर्क।
बासिज अर्धसैनिक बल: विद्रोहों को कुचलने वाली कुख्यात इकाई।
साइबर यूनिट: जो पूरी दुनिया में डिजिटल हमलों के लिए जिम्मेदार है।
आंतरिक सुरक्षा इकाई: जो देश के भीतर विरोध प्रदर्शनों को दबाने का काम करती है।
इज़राइली सेना ने बुधवार को कहा कि उसने राजधानी तेहरान में ईरानी जगहों को निशाना बनाकर “बड़े पैमाने पर” हवाई हमले किए। सेना ने बमबारी वाले ठिकानों के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी। ये नए हमले सेना के यह कहने के कुछ ही समय बाद हुए कि उसने तेहरान में ईरान के अंदरूनी सुरक्षा बलों और पैरामिलिट्री बासिज फोर्स की दर्जनों जगहों पर हमला किया है।
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इजराइल का संदेश: “कोई भी सुरक्षित नहीं”
इजराइल ने इस हमले के जरिए सीधा संदेश दिया है कि वह अब ‘प्रॉक्सी वॉर’ (छद्म युद्ध) के बजाय सीधे ईरान के मुख्यालयों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा। इजराइली सेना का कहना है कि यह हमला उन दमनकारी इकाइयों को खत्म करने के लिए था जो न केवल इजराइल के खिलाफ साजिश रचती हैं, बल्कि अपनी ही जनता के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल करती हैं।
