अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए तुरंत नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को ‘पूरी तरह तबाह’ कर देगा। बता दें कि दुनिया की तेल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन दी है। भारतीय समयानुसार यह समय मंगलवार सुबह खत्म होगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने बिना किसी शर्त के इस रास्ते को नहीं खोला, तो अमेरिका उनके सबसे बड़े पावर प्लांट से हमलों की शुरुआत करेगा।
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ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी
ट्रंप के इस अल्टीमेटम के बाद ईरान ने भी कड़े तेवर दिखाए हैं। ईरानी सेना की ऑपरेशनल कमांड ‘खातम अल-अंबिया’ ने कहा कि अगर अमेरिका ने उनके ऊर्जा ठिकानों को नुकसान पहुंचाया, तो वे इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और उसके सहयोगियों के सभी एनर्जी, टेक्नोलॉजी और पानी साफ करने वाले प्लांट को निशाना बनाएंगे।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद से ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ज्यादातर जहाजों के लिए बंद कर दिया है। इस रास्ते के बंद होने से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और कई देशों पर महंगाई का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने ईरान के इस कदम की कड़ी निंदा की है।
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परमाणु ठिकानों पर हमले से बढ़ा तनाव
इस बीच युद्ध की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। शनिवार को ईरान के नतान्ज परमाणु केंद्र पर हवाई हमला हुआ, जो युद्ध शुरू होने के बाद दूसरी बार है। हालांकि, ईरान की न्यूज एजेंसी मिजान के अनुसार, वहां से किसी रेडिएशन लीक की खबर नहीं है। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर मिसाइलें दागीं।
डिमोना में, जहां इजरायल का परमाणु केंद्र है, एक इमारत पर सीधा मिसाइल हमला हुआ, जिसमें 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह समुद्री रास्ता खुल भी जाता है, तो भी वहां सुरक्षा के लिहाज से पुरानी स्थिति बहाल होने में कई महीने लग सकते हैं क्योंकि समुद्र में अभी भी कई बारूदी सुरंगें और न फटने वाले बम हो सकते हैं।
