घर से बाहर दूसरे शहर में काम करने वाली कामकाजी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है रहने-खाने के लिए एक सुरक्षित ठिकाने की खोज। इस समस्या का समाधान बिहार सरकार ने निकाला है। वहीं, पटना के IAS कॉलोनी, (रूपसपुर) में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास – ‘आकांक्षा’ का शुभारंभ किया गया है। मुजफ्फरपुर, पटना के बाद अब गयाजी, दरभंगा और भागलपुर में भी ऐसे ही छात्रावास खोलने की योजना है। इसका संचालन महिला बाल विकास निगम के तहत किया जाता है। इसमें 50 महिलाओ के रहने की सुविधा है। छात्रावास में अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया समेत अन्य आवश्यक कर्मी भी मौजूद होंगे।
महंगे शहरों में पढ़ाई या नौकरी के दौरान सस्ती और सुरक्षित रहने की व्यवस्था बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में कई राज्य सरकारें और संस्थाएं कम लागत वाले छात्रावास संचालित करती हैं, जिनमें ‘आकांक्षा’ जैसे मॉडल खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। सीमित बजट, करीब 3000 रुपये मासिक में रहने और खाने की सुविधा इन्हीं योजनाओं के जरिए संभव होती है।
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क्या है ‘आकांक्षा’ छात्रावास योजना?
आकांक्षा’ छात्रावास आमतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), छात्र-छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बनाए जाते हैं। इनका उद्देश्य कम खर्च में सुरक्षित आवास और बुनियादी भोजन उपलब्ध कराना है।
छात्रावास में रहने के लिए महिलाओं को किसी तरह का कोई किराया नहीं देना होगा। उन्हें केवल भोजन का खर्च उठाना होगा जो तीन हजार रुपए प्रति माह है। यहां बेड, लॉकर, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे CCTV की निगरानी, बिजली, शुद्ध पीने का पानी के लिए RO, मनोरंजन के लिए टीवी, मुफ्त में WIFI आदि की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस चार मंजिले छात्रावास में प्रतेक तल पर दो किचन मौजूद है जिसे महिलाएं जरुरत के मुताबिक उपयोग कर सकती है।
मुख्य सुविधाएं:
– कम किराए में कमरा/डॉर्मिटरी
– सस्ती या सब्सिडी वाली मेस सुविधा
– पढ़ाई के लिए शांत वातावरण
– सुरक्षा और बेसिक सुविधाएं (पानी, बिजली, स्वच्छता)
3000 रुपये में कैसे मैनेज होता है रहना-खाना?
इस बजट में रहना-खाना संभव होने के पीछे कुछ कारण हैं:
– सरकारी सब्सिडी: किराया बाजार दर से काफी कम रखा जाता है
– साझा आवास (Sharing): एक कमरे में 2–4 लोगों की व्यवस्था
– कम लागत वाली मेस: थाली आधारित या सीमित मेन्यू
– न्यूनतम सुविधाएं: केवल आवश्यक सुविधाएं, लग्जरी नहीं
आकांक्षा छात्रावास के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे होगा?
इच्छुक महिलाएं महिला एवं बाल विकास निगम के अधिकारिक पोर्टल पर आवेदन कर सकती है। हालांकि अभी तक आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। इसमें पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवासन की सुविधा मौजूद करायी जायेगी। इसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया की जाएगी, जिसके आधार पर चयन किया जाएगा। आवेदन का तरीका इस प्रकार है –
STEP-1
– महिला एवं बाल विकास निगम के पोर्टल https://wcdc.bihar.gov.in/ पर जाएं।
– यहां आपको नीचे टिकर ‘कामकाजी महिला छात्रावास में प्रवेश, ’ चलता दिखेगा, उस पर क्लिक करें
– अब मोबाइल या कंप्यूटर पर नया लॉगिन फॉर्म https://miswcdc.bihar.gov.in/publicweb/wwh/LoginForwwh.aspx खुलेगा
STEP-2
– आवेदन करने के लिए पहले आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा, Click Here for Registration पर क्लिक करें
– मांगी गई जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन करें
STEP-3
– अब अपने Registration Number और मोबाइल OTP से लॉगिन करें
– इसके बाद आवेदन फॉर्म को भरें और Save as Draft करें
– फॉर्म में भरी सभी जानकारी को अच्छे से चेक करें और Submit कर दें
– फॉर्म जमा होने के बाद Application ID मिल जाएगी
– इस आवेदन फॉर्म का प्रिंट आउट निकालकर रख लीजिए
STEP-4
– अब फोटो और डिजिटल सिग्नेचर अपलोड करना होगा
– ध्यान रहे कि फोटो 50KB से ज्यादा न हो
– सिग्नेचर का साइज भी 20KB से ज्यादा नहीं होना चाहिए
– अन्य दस्तावेज भी 200KB से ज्यादा साइज के न हों
आवेदन के लिए पात्रता (Eligibility)
आमतौर पर जरूरी शर्तें, जैसे –
– छात्र या प्रतियोगी परीक्षार्थी होना
– आय सीमा (EWS/निम्न आय वर्ग)
– स्थानीय/राज्य निवास प्रमाण
आवश्यक दस्तावेज
– पासपोर्ट साइज फोटो
– आय प्रमाण पत्र
– पहचान पत्र
– एडमिशन/कोचिंग का प्रमाण (यदि लागू हो)
3000 रुपये मासिक में रहना-खाना सामान्य बाजार में कठिन है, लेकिन ‘आकांक्षा’ जैसे छात्रावास इस चुनौती का व्यावहारिक समाधान देते हैं। सही जानकारी, समय पर आवेदन और पात्रता पूरी करने पर कम बजट में सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिल सकता है।
– जे. पी. शुक्ला
