राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए प्रदूषण के मोर्चे पर मिश्रित परिणाम सामने आए हैं। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के ताजा विश्लेषण के अनुसार, जनवरी 2026 पिछले पांच वर्षों में अब तक का दूसरा सबसे स्वच्छ जनवरी महीना दर्ज किया गया है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस साल वायु गुणवत्ता में मामूली गिरावट भी देखी गई है।
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस साल जनवरी में पिछले वर्ष की तुलना में वायु गुणवत्ता में मामूली गिरावट देखी गई है, जिसमें 30 जनवरी तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 307 रहा, जबकि 2025 में इसी अवधि के दौरान यह 306 था। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के हालिया विश्लेषण से यह बात सामने आई है।
विश्लेषण के मुताबिक, जनवरी 2026 पिछले पांच वर्षों में अब तक का दूसरा सबसे स्वच्छ आबोहवा वाला जनवरी महीना बनकर उभरा है।
विश्लेषण से पता चला है कि जनवरी 2026 में अब तक दिल्ली में दो दिन वायु गुणवत्ता मध्यम , 12 दिन खराब , 14 दिन बहुत खराब और दो दिन गंभीर रहे।
तुलनात्मक रूप से, जनवरी 2025 में दो मध्यम दिन, 13 खराब दिन और 16 बहुत खराब दिन दर्ज किए गए थे।
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वहीं, उस दौरान वायु गुणवत्ता के लिहाज से कोई भी दिन गंभीर श्रेणी में नहीं रहा था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शून्य से 50 के बीच के एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बहुत खराब और 401 से 500 को गंभीर श्रेणी में रखा गया है।
