राजस्थान बोर्ड साल 2027 से 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने की तैयारी में है। पहला सेशन की परीक्षा फरवरी और दूसरे सेशन की परीक्षा मई महीने में होगी। राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन यानी RBSE ने गुरुवार, 12 मार्च को इसकी जानकारी दी। मीडिया को एड्रेस करते हुए RBSE के सचिव गजेंद्र सिंह राठौर ने 2027 से 10वीं बोर्ड परीक्षाएं दो बार आयोजित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया है। CBSE-MP बोर्ड भी 2 बार एग्जाम की घोषणा कर चुके हैं इससे पहले सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन यानी CBSE ने साल 2026 से कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार कराने की घोषणा की थी। वहीं, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एमपी बोर्ड की परीक्षाएं साल में 2 बार आयोजित करने की घोषणा की थी। उनका कहना था कि छात्रों का साल खराब नहीं होना चाहिए और उनकी पढ़ाई चलती रहे। ड्रॉपआउट रेट में कमी आएगी मौजूदा दौर में राजस्थान बोर्ड 10वीं में फेल होने या कम मार्क्स आने पर पूरे 1 साल का इंतजार करना पड़ता है या सप्लीमेंट्री परीक्षा देनी पड़ती है। नई व्यवस्था लागू होने से छात्रों के पास अपनी तैयारी के अनुसार परीक्षा में शामिल होने का विकल्प रहेगा। इससे न केवल ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी, बल्कि सीखने की क्षमता में भी सुधार होगा। यही सिस्टम CBSE 10वीं परीक्षा में 2026 से लागू किया गया है। 1 महीने चली बोर्ड परीक्षा इस साल राजस्थान बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से 11 मार्च तक आयोजित की गईं। वहीं, बोर्ड से आंसर शीट इकट्ठे करने के लिए राज्य भर में 66 कलेक्शन सेंटर बनाए गए। इसके अलावा सेंट्रलाइज्ड इवैलुएशन सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। 20 मार्च तक जारी हो सकता है रिजल्ट सचिव ने गजेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान में 30,915 टीचर्स आंसर शीट को जांचने में लगे हुए हैं। बोर्ड का लक्ष्य सभी जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करके 20 मार्च तक परीक्षा रिजल्ट घोषित करना है। —————-
ये खबर भी पढ़ें… MBBS की 11,682 सीटें बढ़ीं, 43 नए मेडिकल कॉलेज खुले:2014 से अबतक 150% से ज्यादा की बढ़ोतरी, PG की सीटों में 8,967 का इजाफा हुआ एकेडमिक ईयर 2025-26 के लिए MBBS यानी बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी की 11,682 सीटों की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, 8,967 पोस्टग्रेजुएट (PG) सीटों को भी मंजूरी दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बुधवार, 11 मार्च को संसद में इसकी जानकारी दी। पढ़ें पूरी खबर…
CBSE के पैटर्न पर चला राजस्थान बोर्ड:साल में दो बार होगी 10वीं की परीक्षा, फरवरी और मई में होंगे एग्जाम; ड्रॉपआउट में आएगी कमी
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सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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