केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की अर्थव्यवस्था और कर संग्रह (Tax Collection) को लेकर एक बेहद सकारात्मक खाका पेश किया है। सरकार का अनुमान है कि आगामी वित्त वर्ष में सकल कर राजस्व (Gross Tax Revenue) 8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 44.04 लाख करोड़ रुपये के पार पहुँच जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने कर संग्रह के इन आंकड़ों को भविष्य के आर्थिक सुधारों का प्रतिबिंब बताया है।
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वित्त वर्ष 2026-27 में कॉरपोरेट कर संग्रह 11 प्रतिशत बढ़कर 12.31 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 11.09 लाख करोड़ रुपये था।
प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) संग्रह का अनुमान 73,700 करोड़ रुपये लगाया गया है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (आरई) 63,670 करोड़ रुपये से अधिक है।
राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में प्रत्यक्ष कर के लिए कर उछाल 1.14 रहने का अनुमान है।
श्रीवास्तव ने कहा कि अप्रत्यक्ष करों की बात करें तो सीमा शुल्क से 2.71 लाख करोड़ रुपये और उत्पाद शुल्क से 3.89 लाख करोड़ रुपये का संग्रह होने का अनुमान है, जबकि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह वित्त वर्ष 2026-27 में 2.59 प्रतिशत कम होकर 10.19 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि इन सभी सुधारों के साथ करों में वृद्धि की दर अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर से भी तेज होगी। इसलिए, हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्ष में अर्थव्यवस्था का कर राजस्व पर्याप्त रूप से मजबूत रहेगा।
