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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
भारत भर के केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग से संबंधित घटनाक्रमों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, जो उनके वेतन और पेंशन में उल्लेखनीय संशोधन करने वाला है। एम्बिट कैपिटल की एक हालिया रिपोर्ट ने इस प्रत्याशा को और बढ़ा दिया है, जिसमें पारिश्रमिक में 30-34% की उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। यदि इसे अनुमान के अनुसार लागू किया जाता है, तो यह संशोधित वेतन संरचना 2026 या वित्तीय वर्ष 2027 में लागू होने की संभावना है, जिससे सरकारी खजाने पर लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है। इसे…
Rupali Gangulyने टीवी कलाकारों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार की मांग की, कहा 'हम भी कड़ी मेहनत करते हैं'
हाल ही में हुए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों ने बॉलीवुड और अन्य क्षेत्रीय उद्योगों में उत्साह का माहौल बना दिया है। शाहरुख खान, रानी मुखर्जी और विक्रांत मैसी जैसे जाने-माने सितारों ने जवान, मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे और 12वीं फेल जैसी फिल्मों में अपने-अपने अभिनय के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते। उद्योग जगत में बड़ी जीत के जश्न के बीच, रूपाली गांगुली ने सबसे अहम सवाल पूछा है: टेलीविजन कलाकारों के लिए कोई राष्ट्रीय पुरस्कार क्यों नहीं हैं?इसे भी पढ़ें: Raanjhanaa AI-Altered Climax | ‘रांझणा’ के एआई संस्करण ने मुझे विचलित कर दिया, Dhanush ने दी अपनी तीखी प्रतिक्रिया एक पपराज़ी इंस्टाग्राम पेज…
अगर इंग्लैंड को जरूरत पड़ी तो ओवल टेस्ट के पांचवें दिन ऑलराउंडर क्रिस वोक्स चोटिल होने के बावजूद मैदान पर वापसी कर सकते हैं। दरअसल, क्रिस वोक्स को पहले दिन कंधे में चोट लग गई थी। तब से वह मैदान पर नहीं उतरे हैं, लेकिन अगर इंग्लैंड को बाकी बचे 35 रन का पीछा करते हुए सीरीज जीतने के लिए उनकी जरूरत पड़ी तो वह 11वें नंबर पर खेलने उतर सकते हैं। फिलहाल, इंग्लैंड के अब भी चार विकेट शेष हैं।दरअसल, ओवल टेस्ट के चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद इंग्लैंड के वरिष्ठ खिलाड़ी जो रूट ने कहा…
प्रतिरूप फोटोSocial MediaKusum । Aug 4 2025 1:53PMमहान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर को ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया है। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया की सरकार अंतर्राष्ट्रीय पर्यटों को अपने देश छुट्टियां बिताने के लिए आकर्षित करने के लिए नया टूरिज्म कैंपेन लॉन्च करने जा रही है।ऑस्ट्रेलिया की सरकार अंतर्राष्ट्रीय पर्यटों को अपने देश छुट्टियां बिताने के लिए आकर्षित करने के लिए नया टूरिज्म कैंपेन लॉन्च करने जा रही है। इस खास अभियान के लिए उसने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर को ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया है। 13 करोड़ डॉलर के इस कैंपेन का…
बदलते लाइफस्टाइल और खराब खानपान के कारण बढ़ते वजन की समस्या आम है। इसमें सबसे बड़ी परेशानी तो यह है कि एक बार वजन बढ़ जाए, तो इसको घटना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में लोग तमाम तरह की डाइट और वर्कआउट भी असरदार नहीं दिखते हैं। ऐसे में आप कुछ आयुर्वेद के घरेलू नुस्खे अपना सकते हैं। वहीं आयुर्वेदिक होम रेमेडीज अंदर से काम करती है और आपकी पूरी गट हेल्थ और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करती है।ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एक ऐसा ही कमाल का नुस्खा बताने जा रहे हैं, जोकि किफायती होने के…
भारतीय पृष्ठभूमि वाली दुनिया की सबसे पुरातन सभ्यता-संस्कृति ‘सनातन धर्म” पर सियासी वजहों से जो निरंतर हमले हो रहे हैं, उनका समुचित जवाब देने में अब कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। अन्यथा इसकी सार्वभौमिक स्थिति और महत्ता को दरकिनार करने वाले ऐसे ही बेसिरपैर वाले क्षुद्र सवाल उठाए जाते रहेंगे। हाल ही में तथाकथित धर्मनिरपेक्ष और अवसरवादी क्षेत्रीय पार्टी एनसीपी शरद पवार के विधायक जितेंद्र आव्हाड ने एक नया विवाद छेड़ते हुए जो कहा है कि सनातन धर्म ने भारत को बर्बाद कर दिया और इसकी विचारधारा को विकृत बताया, वह निहायत ही बेहूदगी भरी, अपरिपक्व और पूर्वाग्रह ग्रसित बयानबाजी…
देश के सरकारी स्कूलों के आधारभूत ढांचे और शिक्षा की गुणवत्ता की हालत करेला और नीम चढ़ा जैसी है। हालात ये हैं घिसी-पिटी, आधी-अधूरी शिक्षा ग्रहण करने वाले इन स्कूलों में बच्चों की जान तक महफूज नहीं है। राजस्थान के झालावाड़ जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के पलोदी गांव में सरकारी मिडिल स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे में करीब 30 से ज्यादा बच्चे घायल हो गए। राज्य के सैकड़ों स्कूलों के संस्था प्रधान पिछले दो साल से विभाग से भवनों की मरम्मत के लिए बजट मांगते-मांगते थक गए, लेकिन सरकारी तंत्र पर कोई…
71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में “द केरल स्टोरी” को भले ही दो बड़े सम्मान मिले हों, सुदीप्तो सेन को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और प्रशांतु महापात्रा को सर्वश्रेष्ठ छायांकन, लेकिन निर्णायक मंडल में सभी सदस्य इस पर सहमत नहीं थे। मनोरमा को दिए एक साक्षात्कार में, निर्णायक मंडल के सदस्य और फिल्म निर्माता प्रदीप नायर ने अब खुलासा किया है कि उन्होंने फिल्म के चयन का कड़ा विरोध किया था और इसे केरल राज्य को बदनाम करने वाला “प्रचार” बताया था। हालाँकि, उनकी आपत्तियों को अंततः पैनल के बाकी सदस्यों ने खारिज कर दिया।भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के एक छात्र…
एशियाई बाजारों में मजबूती के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में सोमवार को शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 217.61 अंक की बढ़त के साथ 80,817.52 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 71.55 अंक चढ़कर 24,636.90 अंक पर पहुंच गया। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से टाटा स्टील, बीईएल, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन और अदाणी पोर्ट्स के शेयर फायदे में रहे। इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इटर्नल (पूर्व में जोमैटो), पावर ग्रिड, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर नुकसान में रहे। एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग,…
प्रतिरूप फोटोPR Imageयशोवर्धन मिश्रा की व्यंग्यात्मक कॉमेडी ‘कटहल’ ने सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता, जो जैकफ्रूट चोरी के माध्यम से व्यवस्था पर सवाल उठाती है। दीपक किंगरानी को ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ के लिए सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखन का सम्मान मिला; दोनों ही फिल्मकारों का जुड़ाव छत्तीसगढ़ से है।रायपुर। नेशनल फिल्म अवार्ड 2023 में रिलीज फिल्म ‘कटहल’ को बेस्ट हिन्दी फिल्म का अवार्ड मिला है। फिल्म के निर्देशक यशोवर्धन मिश्रा का जुड़ाव रायपुर से है। उनके पिता अशोक मिश्रा प्रसिद्ध फिल्मकार हैं जिन्हें भी फिल्म लेखन के लिए नेशनल फिल्म अवार्ड मिल चुका है। सान्या मल्होत्रा अभिनीत इस…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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