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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
फंड ऑफ फंड्स (FOF) क्या है?फंड ऑफ फंड्स (FoF) या सुपर फंड एक तरह का म्यूचुअल फंड है जो आपको एक ही इन्वेस्टमेंट के ज़रिए कई फंड में इन्वेस्ट करने की सुविधा और फ़ायदे देता है। फंड ऑफ फंड्स का मतलब है एक तरह का म्यूचुअल फंड जो दूसरे म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करता है। इसलिए, सीधे स्टॉक या दूसरे इंस्ट्रूमेंट में इन्वेस्ट करने के बजाय, फंड मैनेजर अलग-अलग म्यूचुअल फंड के पोर्टफोलियो में इन्वेस्ट करता है। हाल के सालों में फंड-ऑफ-फंड्स अप्रोच बढ़ा है, खासकर पेंशन फंड और एंडोमेंट जैसे इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के बीच जो रिस्क को बांटना और ज़्यादा…
सर्दियों के मौसम में चलने वाली सर्द हवाओं के कारण कई महिलाओं को चेहरे से जुड़ी त्वचा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर आप भी चाहती हैं कि ठंड के मौसम में आपकी त्वचा नर्म, मुलायम और चमकदार बनी रहे, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। आप घर पर ही बादाम के दूध से एक असरदार होममेड क्रीम बना सकती हैं। यह क्रीम त्वचा को गहराई से नमी देती है और ड्राईनेस को दूर करने में मदद करती है। ब्यूटी एक्सपर्ट के बताए गए आसान तरीके से इस क्रीम को बनाकर आप अपनी स्किन को सर्दियों में…
हर भारतीय किचन में मसाले जरुर पाए जाते हैं। अगर आप सूखे मसाले को अच्छे से भूनें तो सब्जी भी कमाल बनती हैं। कई बार लोग शिकायत करते हैं कि उनकी ग्रेवी में वह रंगत या स्वाद नहीं आता, जिससे रेस्टोरेंट के ढ़ाबों पर मिलता है। अक्सर हम तीखापन लाने के लिए ढेर सारी हरी मिर्च या लाल मिर्च डाल ही देते हैं, हालांकि फिर भी स्वाद भी फीका रह जाता है। लोग नहीं जानते है कि ग्रेवी को जानदार बनाने का असली राज मिर्च में नहीं छिपा है बल्कि मसाले को भूनने का तरीका भी बेहद जरुरी है। यदि…
सरकारी नौकरी की तलाश करने वालों के लिए यह खबर बेहद काम की है। दरअसल, मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी में बंपर भर्ती निकली हैं। बता दें कि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के 4700 से अधिक पदों पर फॉर्म निकाले गए हैं। जो भी महिलाएं आंगनवाड़ी से जुड़ना चाहती हैं, वो जल्द ही आवदेन करें। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए chayan.mponline.sov.in पर विजिट करें। महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्य प्रदेश ने यह नई भर्ती 2025 फेज-2 के अतंगर्त घोषित की है। इसके लिए इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग मे आंगनवाड़ी सहायिकाओं और कार्यकर्ताओं के…
सर्दियों की दस्तक के साथ ही देश के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। धुंध, स्मॉग और जहरीली हवा न सिर्फ सांस लेना मुश्किल कर देती है, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए यह और भी खतरनाक हो जाता है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि आप जिस इलाके में हैं या जहां जाने की योजना बना रहे हैं, वहां की हवा कितनी सुरक्षित है।Google Maps का नया AQI फीचर क्या है?लोगों की इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Google Maps ने भारत में…
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पूरी दुनिया को चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि क्यूबा आर्थिक रूप से टूटने के कगार पर है, ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है और अगर ईरान में सरकार ने जनता पर दमन तेज किया तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। यही नहीं वेनेजुएला की राजधानी पर अमेरिकी हमले को लेकर उन्होंने खुले तौर पर कहा कि हम ही प्रभारी हैं और यह अभियान शांति के लिए था। कोलंबिया को भी ट्रंप ने चेतावनी दी है और भारत को भी रूसी तेल खरीदने पर शुल्क बढ़ाने…
ईरान के जेन-जेड प्रदर्शनकारियों से अमेरिकी सहानुभूति के वैश्विक मायने बड़े ही खतरनाक हैं। लिहाजा यदि समय रहते ही एशियाई देश नहीं चेते तो वे सब धीरे-धीरे अमेरिकी साम्राज्यवादी रणनीतियों के सहज शिकार बन सकते हैं। पहले बंगलादेश, फिर नेपाल और अब ईरान में हुए जेन-जेड प्रदर्शन वाकई अमेरिकी डीप स्टेट की उन छिपी हुई मंशाओं को उजागर करते हैं, जिसका उद्देश्य चीन और रूस के सदाबहार मित्र भारत को कमजोर करना है क्योंकि ये दोनों अमेरिका की वैश्विक दादागिरी की राह के सबसे बड़े रोड़े हैं। अंतर्राष्ट्रीय मामलों के जानकार बताते हैं कि पहले तो अमेरिका ने इन्हें यानी चीन-भारत…
हर किसी के लिए नए साल की पार्टी बेहद खास होती है। खासतौर पर लड़कियां इसके लिए खूब तैयारी करती हैं। पार्टी में परफेक्ट लुक पाने के लिए खूब तैयार होती हैं, लेकिन पार्टी के दौरान खाना, डांस और लंबे समय तक मेकअप रहने या फिर मौसम की वजह से कई बार मेकअप बिगड़ जाता है, जोकि आम है। ऐसे में अगर आपकी बैग में कुछ जरूरी मेकअप की चीजें मौजूद होंगी, तो आप अपने लुक को फौरन ठीक कर सकती हैं या फिर बिना किसी झिझक के पार्टी को एंन्जॉय कर सकती हैं।नए साल की पार्टी में फोटो सेशन,…
भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत का ध्यान रखना तो भूल ही गए। ऊपर से लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, मोबाइल या लैपटॉप पर झुककर रहना और फिजिकल एक्टिविटी की कमी आम हो गई है। जिसका सीधा असर हमारी रीढ़ और नसों पर जरुर पड़ता है। जब कमर या पैर की नसों पर लगातार दबाव बना रहता है, तो दिमाग और मांसपेशियों के बीच सिग्नल सही तरीके से नहीं पहुंच पाते। इस समस्या का परिणाम दर्द, सुन्नता और कमजोरी के रूप में सामने आता है। कई मामलों में दर्द कमर से शुरू होकर धीरे-धीरे पैर तक…
टेक्नोलॉजी की दुनिया में सुरक्षा और भरोसेमंद फीचर्स अब सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गए हैं। हाल ही में गूगल ने दिल्ली में ‘सेफ एंड ट्रस्टेड एआई’ इवेंट का आयोजन किया, जिसमें कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित उपयोग और यूजर्स को धोखाधड़ी से बचाने के नए उपायों के बारे में जानकारी दी। खासतौर पर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गूगल ने कई नए फीचर्स और अपडेट्स का ऐलान किया। आइए जानते हैं इन नए अपडेट्स के बारे में विस्तार से।नए सेफ्टी अपडेट्स का ऐलानगूगल ने भारत के लिए AI सेफ्टी अपडेट्स पेश किए…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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