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Author: Siddhbhoomi Team
सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
पूरी दुनिया इस वक्त शांति की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रही है। लेकिन पाकिस्तान है कि हर मौके पर अपनी बेइज्जती करवाने का कोई रास्ता निकाल ही लेता है। एक तरफ मध्य पूर्व में तनाव कम हो रहा था। सीज फायर लागू हो चुका था। ईरान ने भी अपने हमले रोक दिए थे। लेकिन तभी पाकिस्तान ने फिर वही पुराना खेल खेल दिया। जिस वक्त दुनिया शांति की तरफ बढ़ रही थी। उस वक्त पाकिस्तान ने अपने फाइटर चैट्स और करीब 13,000 सैनिक सऊदी अरब में भेज दिए। दरअसल 2025 में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक रक्षा…
ईरान इजराइल अमेरिका जंग के बीच सबसे बड़ी खबर आई कि सीज फायर हो गया। फिर 10 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका के उपराष्ट्रपति ईरान की तरफ से उनके प्रतिनिधि और पाकिस्तान ने प्रतिनिधित्व कराने का श्रेय लेते हुए मीटिंग की। ट्रंप ने आज यानी सोमवार 13 अप्रैल 2026 से स्टेट ऑफ हॉरर्मज पर नाकेबंदी शुरू करने का ऐलान कर दिया और कह दिया है कि हम ईरान की तेल बिक्री नहीं होने देंगे। तेहरान वापस लौट कर आए बातचीत की टेबल पर या ना आए मुझे नहीं फर्क पड़ता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है…
Parenthood is one of life’s most meaningful roles, but also one of its most demanding. Some days, it feels smooth and manageable. On other days, it feels like everything is happening at once. You’re juggling school routines, work, your child’s moods, and your own stress, all at the same time. In the middle of this, it’s not always easy to stay calm and fully present. Slowly, stress and tiredness start to take over, and the simple joy of spending time with your child can get lost in the rush of everyday life.Osho’s meditation technique to help parents stay present with…
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता विफल होने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि किसी भी समझौते के लिए वाशिंगटन को अपना तानाशाही रवैया छोड़ना होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि अमेरिका ईरान के अधिकारों का सम्मान करे और निष्पक्ष रुख अपनाए तो समझौता संभव है। पेज़ेश्कियन ने ईरान के रुख का प्रभावी ढंग से बचाव करने के लिए ईरानी वार्ता टीम की सराहना भी की। उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा कि यदि अमेरिकी सरकार अपनी तानाशाही छोड़ दे और ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करे, तो समझौते…
Hindi NewsCareerPunjab Anganwadi Recruitment 94 Posts & UPSC Officer Jobs; Govt Naukri Today15 मिनट पहलेकॉपी लिंकआज की सरकारी नौकरी में जानकारी गुजरात में 11000 भर्ती निकली है जिसके लिए कल से आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत होगी। हिमाचल प्रदेश में टीचर की 808 वैकेंसी और पंजाब आंगनवाड़ी में 94 पदों पर भर्ती की। साथ ही UPSC में 16 ओपनिंग्स की।इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए…4. गुजरात में 11000 भर्ती, कल से शुरू आवेदनगुजरात राज्य प्राथमिक शिक्षा चयन समिति (GSPESC) ने कक्षा 1 से 5वीं तक के छात्रों को पढ़ाने के लिए 11000 वैकेंसी…
रूस ने घोषणा की है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी भावी शांति समझौते के हिस्से के रूप में ईरान के समृद्ध यूरेनियम को स्वीकार करने के लिए तैयार है। यह बयान पाकिस्तान में सप्ताहांत में हुए अमेरिका-ईरान वार्ता के एक और दौर के विफल होने के तुरंत बाद आया है, जिससे फरवरी के अंत से चल रहे इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए त्वरित समाधान की उम्मीदें धूमिल हो गईं, जिसमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है और वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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