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सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
Winter skin can be fussy, drying out and becoming more prone to flakiness or sensitivity. At such times, how can we safely introduce active skincare ingredients like retinol? While retinol is usually the poster child for anti-ageing and skin renewal, if used incorrectly, it has the potential to backfire and be counterproductive. With winter and retinol combined, it can become a double whammy for the skin! Sandwiched between these two, how do you extract the much-coveted retinol benefits?Retinol can be risky during winter. Know the safe hacks to include it in skincare. (Adobe Stock)ALSO READ: Calming to deep-cleansing: Why clay…
भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल अपनी स्पिन गेंदबाजी के साथ-साथ सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता के लिए भी जाने जाते हैं। लेकिन हाल ही में आई एक खबर ने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया है। खबर है कि युजवेंद्र चहल और मशहूर कंटेंट क्रिएटर आरजे महविश (RJ Mahvash) ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को ‘अनफॉलो’ कर दिया है। इस खबर का खुलासा बुधवार को मशहूर पैपराजी हैंडल वरिंदर चावला ने किया। रिपोर्ट के अनुसार, चहल और महविश पहले एक-दूसरे को फॉलो करते थे और अक्सर एक-दूसरे के पोस्ट पर चर्चा में रहते थे। हालांकि, अब दोनों की फॉलोइंग लिस्ट से एक-दूसरे का…
Republic Day 2026: As the Republic Day long weekend rolls in, travellers are all set to pack their bags and make the most of the first extended holiday of the year. In fact, Goa has emerged as the most picked domestic destination for a getaway, with Thailand reigning supreme on the international front.Goa topped the list last year too. (Photo: End Time Prayers)How is India travelling this Republic DayOn Thursday, MakeMyTrip released its latest travel trends report, offering a snapshot of the holiday mood and the most in-demand destinations on the Republic Day long weekend this year.As per the report,…
‘टाइटैनिक’ और ‘अवतार’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले महान फिल्मकार जेम्स कैमरून ने आखिरकार खुलासा कर दिया है कि उन्होंने अमेरिका छोड़कर स्थायी रूप से न्यूजीलैंड बसने का फैसला क्यों किया। कैमरून के अनुसार, उनका यह कदम केवल वहां की खूबसूरत वादियों के लिए नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और तर्कसंगत समाज की तलाश में था। ‘इन डेप्थ विद ग्राहम बेंसिंगर’ (In Depth with Graham Besinger) के हालिया एपिसोड में बात करते हुए कैमरून ने बताया कि उनके परिवार ने साल 2020 में स्थायी रूप से न्यूजीलैंड में बसने का निर्णय लिया था। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण वहां की सरकार…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावोस में शेखी बघारी कि वे अमेरिका को फिर से महान और समृद्ध बना रहे हैं। अपने हमेशा के सीने को ठोकने वाले अंदाज़ में ट्रम्प ने झूठा दावा किया कि उनकी नीतियों और टैरिफ़ के कारण 18 ट्रिलियन डॉलर का निवेश हुआ है। हालांकि, वास्तविकता में, अमेरिकी उपभोक्ता ही उनके टैरिफ़ युद्ध का खामियाजा भुगत रहे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को और अमीर बनाओ के एजेंडे पर काम करते दिख रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, रियल एस्टेट कारोबारी ने एक साल पहले पदभार संभालने के बाद से लगभग 1.4…
Insulin resistance doesn’t appear overnight, nor does it begin with a diabetes diagnosis. It is often fuelled quietly by everyday habits – from how we eat and move to how we sleep and manage stress – and can build for years before blood tests raise red flags. Long before glucose levels or HbA1c numbers turn abnormal, the body often sends subtle warning signs that something is off metabolically. Recognising these early signals can open the door to timely lifestyle changes and help prevent insulin resistance from progressing to type 2 diabetes.Check out the five warning signs of insulin resistance, according…
एक तरफ जब दुनिया में ट्रंप को इंटरनेशनल गुंडा बदमाश कहा जा रहा तो दूसरी तरफ उन्हीं देशों के साथ एक से एक बढ़कर डील कर रहा है भारत और बता रहा है कि भारत शांति की राह चुनने वाला देश है किसी की जमीन हड़पने वाला देश नहीं है। नाटो के खिलाफ ट्रंप हर रोज ट्वीट पर ट्वीट किए जा रहे हैं, बयानबाजियां किए जा रहे हैं, ठीक उसी वक्त एक नाटो देश भारत आ जाता है और वो ना सिर्फ भारत की ताकत को सलाम करता है बल्कि दोस्ती की बात भी करता है। भारत में नाटो देश…
भारत में लगातार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नौकरियों की मांग बढ़ती जा रही है। एक रिपोर्ट के हिसाब से सितंबर 2025 में एआई स्किल्स वाली नौकरियों में 11.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जोकि कि पिछले साल की समान अवधि में 8.2 फीसदी थी। वहीं तीन महीने पहले यह वृद्धि दर 10.6 फीसदी थी। इससे यह साफ स्पष्ट होता है कि एआई टेक्नोलॉजी को लेकर कंपनियों में लगातार दिलचस्पी बढ़ती जा रही है।इस सेक्टर में सबसे ज्यादा डिमांडरिपोर्ट के हिसाब से एआई से जुड़ी नौकरियां अब सिर्फ टेक्नोलॉजी सेक्टर तक सीमित नहीं रह गई हैं। अन्य क्षेत्रों में भी…
पर्यावरण कानून का उल्लंघन: ग्रीन ट्रिब्यूनल ने टेक्नीशियन की मौत पर नोएडा अथॉरिटी को नोटिस जारी किया
नोएडा के सेक्टर 150 में जलभराव वाले गड्ढे में गिरकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दुखद मृत्यु के मामले में अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को इस घटना पर स्वत: संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए ट्रिब्यूनल ने नोएडा प्राधिकरण को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। ट्रिब्यूनल का यह कदम 20 जनवरी, 2026 को प्रकाशित एक न्यूज़ रिपोर्ट के बाद आया, जिसका शीर्षक था “नोएडा के CEO हटाए गए, CM ने टेक्नीशियन के डूबने के मामले में SIT जांच के आदेश दिए”। नोटिस में, NGT ने कहा कि रिपोर्ट पर्यावरण नियमों के पालन…
With a wide range of protein supplements available today, choosing the right one can often feel confusing. From whey to plant-based and soy protein, the options are endless, but not every protein works the same way for every body. Dr Manan Vora, orthopaedic surgeon and sports doctor, shares in his January 21 Instagram post the differences between popular protein powders and who should use them. (Also read: Cardiologist with 40 years of experience shares 5 daily habits for better heart health: ‘Take 10-15 minute walk after…’ )Dr Vora discusses the benefits of plant-based proteins and individual dietary needs. (Shutterstock)Which protein…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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