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सिद्धभूमि के लेखक एक प्रमुख समाचार लेखक हैं, जिन्होंने समाज और राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी जानकारी और विश्लेषण प्रदान किया है। उनकी लेखनी न केवल तथ्यात्मक होती है, बल्कि समाज की जटिलताओं को समझने और उजागर करने की क्षमता रखती है। उनके लेखों में तात्कालिक घटनाओं के विस्तृत विश्लेषण और विचारशील दृष्टिकोण की झलक मिलती है, जो पाठकों को समाज के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
Sedentary routines, long working hours and lack of stretching often lead to stiffness in the hamstrings, lower back and inner thighs. Over time, this tightness can affect posture, mobility and overall comfort.Celebrity trainer Vinod Channa shares yoga for flexibility and injury prevention. (Instagram)Highlighting a natural and time-tested way to address these issues, celebrity fitness trainer Vinod Channa, who has worked with Nita Ambani and Anant Ambani during their weight loss journeys, showcases an ancient Hindu warrior yoga practice designed to loosen tight muscles and improve flexibility. (Also read: Fortis Delhi gastroenterologist explains why ‘4 in 5 Indians are vitamin D…
Pregnancy and childbirth bring about massive physical, hormonal, and emotional changes in a woman’s body. While recovery takes time, many new mothers are told to “wait it out” or assume that lingering pain, exhaustion, or emotional distress is simply part of motherhood. The truth is, not everything experienced after delivery should be brushed off as normal. Some symptoms may indicate underlying medical or mental health conditions that need timely attention. According to Dr Tripti Raheja, Director, Obstetrics and Gynaecology at CK Birla Hospital, Delhi, recognizing abnormal post-pregnancy symptoms early can prevent long-term complications. Research published in The Lancet Global Health…
आज वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण 9वीं बार बजट को पेश किया है। गौरतलब है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की 75 वर्षों से अधिक की यात्रा में केंद्रीय बजट सिर्फ आमदनी और खर्चे का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि 1947 से लेकर 2026 तक भारत की अर्थव्यवस्था की नींव किसने संभाली हैं। आखिर भारतीय राजनीति के किन-किन दिग्गजों ने भारत के वित्त मंत्री की भूमिका निभाई और अर्थव्यवस्था को मौजूदा स्तर पहुंचाने में क्या योगदान दिया।देश का पहला बजट नवंबर 1947 में पेश किया…
त्रिवेंद्रम का मैदान गेंदबाज़ों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच खेले गए पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में बल्लेबाज़ों ने जिस आसानी से चौके-छक्के लगाए, उसने मैच का मिज़ाज पूरी तरह साफ कर दिया है।बता दें कि इस सीरीज़ में बल्लेबाज़ों का दबदबा पहले से ही देखने को मिल रहा था और आखिरी मुकाबला भी इससे अलग नहीं रहा है। भारत की ओर से इशान किशन ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए तूफानी शतक जड़ा और दर्शकों को पूरी तरह रोमांचित किया। वहीं न्यूज़ीलैंड के फिन एलन भी बड़ी पारी की ओर बढ़ते…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें विनिर्माण, अवसंरचना और रोजगार सृजन को मजबूत प्रोत्साहन दिया गया है, सरल कर और सीमा शुल्क व्यवस्था का प्रस्ताव रखा गया है, और सरकार के आधुनिकीकरण अभियान को सुधारों की एक्सप्रेस बताया गया है। बजट 2026 तीन ‘कर्तव्यों’ पर आधारित है – उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर विकास को गति देना, लोगों की क्षमता का निर्माण करना और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की परिकल्पना के तहत समावेशी विकास सुनिश्चित करना।इसे भी पढ़ें: Union Budget 2026: हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के बाद आधा हुआ बांग्लादेश का पैसा, किसकी भरी झोली?संसद में…
भारत ने केंद्रीय बजट 2026-27 में बांग्लादेश को दी जाने वाली विदेशी विकास सहायता में भारी बदलाव किया है और सहायता आधी कर दी है। यह कदम पड़ोसी देश में बढ़ती हिंदू विरोधी घटनाओं और हत्याओं की खबरों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ते तनाव को दर्शाता है। बांग्लादेश को भारत की विदेशी सहायता में सबसे बड़ी कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जहां उसका आवंटन 120 करोड़ रुपये से घटाकर 60 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि अधिकांश पड़ोसी देशों को दी जाने वाली सहायता या तो बरकरार रखी गई है या बढ़ाई गई है। दस्तावेज़ से…
सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में अब तक अपराजित रही भारतीय टीम आईसीसी टी20 विश्व कप में अपने खिताब का बचाव करने के लिए मैदान में उतरेगी। टूर्नामेंट से पहले तक टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है और अब उसे हराना और उससे डरना आसान नहीं होगा। भारतीय टीम का प्रदर्शन अविश्वसनीय है, जिसने 2024 में रोहित शर्मा द्वारा टी20 विश्व कप जीतकर ट्रॉफी का सूखा खत्म करने के बाद से एक भी सीरीज नहीं हारी है और पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रही है। अभि शर्मा (या कहें अभि सिक्स) की आक्रामक बल्लेबाजी, तिलक वर्मा की भरोसेमंद नंबर तीन बल्लेबाजी…
टाटा स्टील मास्टर्स का अंतिम से पहले दौर टूर्नामेंट की तस्वीर काफी हद तक साफ कर गया है। नोडिरबेक अब्दुसत्तोरोव ने मैथियास ब्लूबाउम को हराकर खुद को एकल बढ़त में पहुंचा लिया है। इस जीत के साथ अब्दुसत्तोरोव 12 मुकाबलों में 8 अंकों के साथ तालिका में सबसे ऊपर हैं।बता दें कि रविवार को खेला जाने वाला निर्णायक अंतिम दौर सामान्य समय से दो घंटे पहले शुरू होगा। मौजूदा हालात में अब्दुसत्तोरोव खिताब के सबसे मजबूत दावेदार नजर आ रहे हैं।गौरतलब है कि जावोखिर सिंदारोव, जो दिन की शुरुआत में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर थे, उन्होंने आर. प्रज्ञानानंदा…
The pancreas is a vital organ that supports important physiological systems, including digestion, endocrine and metabolic functions. One of its primary roles is to regulate blood sugar levels by producing hormones such as insulin.ALSO READ: Apollo gastroenterologist shares 5 signs of a weak gut-pancreas connection: Chronic acidity, bloating and moreAbdominal pain is one of the signs of enlarged pancreas. (Picture credit: Shutterstock)Now there are many ways in which the pancreas’s hormone or enzyme production can be affected, depending on the underlying issue, whether it is inflammation, cysts, tumours or metabolic problems. Disturbances can also occur if there are structural changes,…
एजे स्टाइल्स लंबे समय से अपने करियर के अंतिम दौर की ओर बढ़ते दिख रहे थे, लेकिन सऊदी अरब के रियाद में गंथर के खिलाफ हुए मुकाबले के बाद रिटायरमेंट को लेकर सस्पेंस और गहरा गया। मुकाबले में स्टाइल्स ने जबरदस्त जज्बा दिखाया, लेकिन अंत में स्लीपर होल्ड में बेहोश हो जाने के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा है।बता दें कि गंथर वही सुपरस्टार हैं, जिन्होंने इससे पहले जॉन सीना को भी हार के साथ विदा किया था। ऐसे में स्टाइल्स के खिलाफ यह मैच भी बेहद कठोर और शारीरिक रूप से थकाने वाला रहा है। स्टाइल्स ने…
सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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