भारतीय महिला फुटबॉल टीम को शनिवार को यहां एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) महिला एशियाई कप के ग्रुप सी के अपने दूसरे मुकाबले में पूर्व चैंपियन जापान से 0-11 से करारी हार का सामना करना पड़ा।
फीफा महिला विश्व कप के पूर्व चैंपियन और विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज जापान मैच शुरू होने से पहले ही जीत का प्रबल दावेदार था। टीम ने मुकाबले शुरू होते ही अपना दबदबा कायम किया और शुरूआती हाफ में 5-0 की बढ़त बनाकर अपनी जीत लगभग पक्की कर ली। टीम ने दूसरे हाफ में भी छह गोल दागे।
जापान ने जिस अंदाज में दबदबा बनाया उससे दोनों टीमों के स्तर में भारी अंतर साफ नजर आया और यह भी दिखा कि शीर्ष स्तर की टीमों से मुकाबला करने के लिए भारत को अभी लंबा सफर तय करना है।
2014 और 2018 के चैंपियन जापान ने मैच में एकतरफा अंदाज में गेंद पर कब्जा बनाए रखा और अधिकांश समय खेल भारतीय हाफ में ही चला। चार महीने से अंतरराष्ट्रीय मैच खेले बिना टूर्नामेंट में उतरी भारतीय टीम पूरे मुकाबले में किसी क्लब टीम की तरह संघर्ष करती दिखी।
जापान के लिए युजुकी यामामोटो (चौथे मिनट), युई हसेगावा (13वें), हिनाता मियाजावा (20वें, 35वें, 81वें), किको सेइके (45+5वें, 55वें), रिको उईकी (47वें, 50वें, 65वें) और माया हिजिकाता (62वें) ने गोल दागे।
इस करारी हार के बाद भारत ग्रुप सी में शून्य अंक और माइनस-12 गोल अंतर के साथ तालिका में सबसे नीचे है।
यह नतीजा भारत की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म नहीं करता। भारतीय टीम मंगलवार को अगर अपने अंतिम ग्रुप मैच में चीनी ताइपे को दो गोल के अंतर से हरा देती है और कुछ अन्य परिणाम उसके मुताबिक रहे तो वह ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहकर क्वार्टर फाइनल में पहुंच सकती है।
भारत के लिए हालांकि उच्च रैंकिंग वाली चीनी ताइपे को हराना आसान नहीं होगा। भारतीय टीम इससे पहले अपने पहले मैच में वियतनाम से 1-2 से हार गयी थी।
चीनी ताइपे ने शनिवार को एक अन्य मैच में वियतनाम को 1-0 से हराया।
