मुंबई, एक अक्टूबर विभिन्न कंपनियों ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में रिकॉर्ड 94,205 करोड़ रुपये जुटाए हैं। प्राइम डेटाबेस की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) जैसी बड़ी कंपनियों के निर्गम के बल पर यह पूंजी जुटाई गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, छह महीने में कुल 78 कंपनियां मुख्य मंच के आईपीओ के साथ बाजार में उतरीं और इनके जरिये 94,205 करोड़ रुपये जुटाए गए। यह राशि पिछले साल की समान अवधि में 65 आईपीओ के जरिये जुटाए गई 69,533 करोड़ रुपये की राशि से 35 प्रतिशत अधिक है। प्राइम डेटाबेस के प्रबंध निदेशक प्रणव हल्दिया ने कहा, ‘‘रिकॉर्ड स्तर पर यह धन जुटाया गया है, जबकि साल की शुरुआत बेहद धीमी रही थी और पहले तीन महीनों में केवल 3,794 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।
इसके अलावा, छह महीने के अधिकतर समय में द्वितीयक यानी शेयर बाजारों में भी उतार-चढ़ाव रहा।’’
रिपोर्ट के अनुसार, आईपीओ गतिविधियों का परिदृश्य भी अच्छा है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी के साथ कुल 145 कंपनियां करीब 2.78 लाख करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं, जबकि 102 कंपनियां बाजार नियामक की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। ये कंपनियां आईपीओ से 1.87 लाख करोड़ रुपये तक जुटा सकती हैं।
आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कंपनियों द्वारा जुटाई गई कुल राशि 75 प्रतिशत बढ़कर 2.43 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गई। इसमें एसएमई आईपीओ, संस्थागत नियोजन तथा अवसंरचना और रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट द्वारा जुटाई गई राशि भी शामिल है। इसमें कहा गया है कि एसएमई आईपीओ को मिलाकर पहली छमाही में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के जरिये जुटाई गई कुल राशि एक लाख करोड़ रुपये रही।
इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 76,330 करोड़ रुपये थी। इस दौरान एनएसई ने आईपीओ 22,563 करोड़ रुपये जुटाए। वहीं एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने 9,795 करोड़ रुपये और मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज ने 9,275 करोड़ रुपये जुटाए।
