मुंबई, एक अक्टूबर विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी बिकवाली, बॉण्ड पर ऊंचे प्रतिफल और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच सेंसेक्स और निफ्टी बृहस्पतिवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,909.70 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,187.41 अंक तक टूटकर 71,292.88 अंक के नए 52-सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला निफ्टी 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,421.95 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, आईटीसी, पावर ग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलीवर और इटर्नल में सबसे अधिक गिरावट रही। वहीं, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक और एचडीएफसी बैंक के शेयर बढ़त में रहे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 10,148.41 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की। बुधवार तक लगातार पांच कारोबारी सत्रों में एफआईआई 34,203.14 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेच चुके हैं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 2.77 प्रतिशत बढ़कर 100.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “बाजार में बिकवाली मुख्य रूप से बाहरी कारकों से प्रेरित रही है। बॉण्ड पर प्रतिफल कई साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे वित्त वर्ष 2026-27 के आर्थिक परिदृश्य को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।”
बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.96 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट 0.71 प्रतिशत के नुकसान में रहा। बीएसई के क्षेत्रवार सूचकांकों में वाहन क्षेत्र में 3.09 प्रतिशत, धातु में 2.18 प्रतिशत, जिंस में 1.90 प्रतिशत, सार्वजनिक सेवाओं में 1.71 प्रतिशत, आवास वित्त क्षेत्र में 1.52 प्रतिशत, एफएमसीजी में 1.51 प्रतिशत और टिकाऊ उपभोक्ता सामान क्षेत्र में 1.35 प्रतिशत की गिरावट रही।
सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार, बीमा और अस्पताल क्षेत्र के सूचकांक बढ़त में रहे। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के संपत्ति प्रबंधन शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘निफ्टी-50 पिछले आठ सप्ताह में 7.9 प्रतिशत गिर चुका है। यह 2020 के बाद से इसकी सबसे लंबी गिरावट का दौर है और सूचकांक छह महीने के निचले स्तर पर आ गया है।’’
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की बढ़त के साथ बंद हुए।
यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे। शोध विश्लेषक कंपनी एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘अमेरिका में 10 साल के बाण्ड पर ब्याज दर बढ़कर करीब 5.34 प्रतिशत होने से डॉलर में निवेश का आकर्षण बढ़ा है और उभरते बाजारों के शेयरों के मूल्यांकन पर दबाव बढ़ा है।’’
उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों ने पिछले कारोबारी सत्र में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे हैं।
एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिका में बॉण्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और रुपये में तेज गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ने के कारण भारतीय शेयरों में बृहस्पतिवार को भारी बिकवाली हुई। इसका असर प्रमुख सूचकांक से आगे भी देखने को मिला और मझोली तथा छोटी कंपनियों के शेयर भी गिरावट के साथ बंद हुए।’’
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 1,986.04 अंक यानी 2.68 प्रतिशत और निफ्टी 718.55 अंक यानी 3.10 प्रतिशत नीचे आया है। सेंसेक्स सितंबर में 4,476.98 अंक यानी 5.81 प्रतिशत और निफ्टी 1,459.95 अंक यानी छह प्रतिशत टूट चुका है।
‘गांधी जयंती’ के अवसर पर शुक्रवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे। सेंसेक्स बुधवार को 48.78 अंक यानी 0.07 प्रतिशत टूटकर 72,480.29 अंक पर और निफ्टी 95.75 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,620.45 अंक पर बंद हुआ था।
