नागोया, एक अक्टूबर भारतीय कंपाउंड तीरंदाज गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा का कांस्य पदक जीता। बुधवार को स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष टीम का हिस्सा रहे गणेश ने स्वर्ण पदक की दौड़ से बाहर होने के बाद कांस्य पदक के मुकाबले में वियतनाम के कोंग डुक डांग को 149-144 से हराया। भारत के 20 वर्षीय तीरंदाज ने कांस्य पदक के मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 15 में से 14 तीर 10 अंक पर लगाए।
गणेश को सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया के किम जोंगहो के खिलाफ 144-148 से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। भारतीय तीरंदाज मुमकाबले में पिछड़ता रहा और अंततः 29-30, 29-30, 29-28, 29-30, 28-30 से हार गया। गणेश ने क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के चीह लुन चेन को 148-138 से हराया था।
गणेश ने सभी पांच सीरीज में जीत दर्ज की। उनका स्कोर 29-28, 29-28, 30-29, 30-26, 30-27 रहा। उन्होंने शुरुआती दो सीरीज में केवल दो बार नौ अंक का निशाना लगाया जिसके बाद लगातार 10 अंक के निशाने साधे।
चिकिता तनीपार्थी हालांकि कंपाउंड वर्ग में पदक की हैट्रिक बनाने से चूक गईं। उन्होंने बुधवार को महिला टीम और मिश्रित टीम कंपाउंड स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते थे। हालांकि अंतिम आठ के मुकाबले में उन्हें इंडोनेशिया की नुरिसा दियान अशरीफाह के हाथों 143-144 (29-30, 29-30, 29-29, 29-26, 27-27) से हार का सामना करना पड़ा।
चिकिता क्वार्टर फाइनल में लय हासिल नहीं कर सकीं और पांच चरण में से केवल एक चरण ही जीत पाईं। पांचवें चरण के पहले शॉट में आठ अंक हासिल करने का चिकिता को खामियाजा भुगतना पड़ा और अंततः उन्होंने एक अंक के अंतर से मुकाबला गंवा दिया।
