बढ़ते हुए प्रदूषण, धूल और गलत खानपान के कारण आजकल बालों की समस्या जैसे कि हेयर फॉल, डैंड्रफ और ड्रायनेस बेहद आम हो गई है। इन प्रॉब्लम्स से बचने के लिए लोग महंगे केमिकल प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहते हैं। प्रकृति में ऐसे कई सुंदर फूल है, जो कि बालों को अंदर से पोषण पहुंचाते हैं और बालों को मजबूत, घना और शाइनी बना देते हैं।
असल में कुछ फूलों के फायदे अभी भी बहुत कम लोग जानते हैं। यदि आप अपने बालों की केयर को प्राकृतिक और असरदार बनाना चाहती हैं, तो इन खास फूलों को अपनी रूटीन में जरुर शामिल करें।
गुड़हल: हेयर ग्रोथ का नेचुरल बूस्टर
हर किसी घर में गुड़हल के फूल का पौधा जरुर होगा। इसमें मौजूद विटामिन सी, फ्लेवोनॉयड्स और अमीनो एसिड बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाते हैं। असल में इसका पेस्ट या तेल नियमित लगाने से बालों का झड़ना कम होता है और नए बाल उगने में मदद मिलती है।
चमेली
चमेली के फूलों में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होता है। यह स्कैल्प को क्लीन करता है और इंफेक्शन-फ्री रखते हैं। चमेली का तेल स्कैल्प को गहराई से मॉइस्चराइज करता है, जो कि डैंड्रफ और खुजली को कम करता है।
गुलाब
बालों का स्कैल्प के लिए गुलाब के फूल काफी फायदेमंद होते हैं। असल में गुलाब जल स्कैल्प के पी एच लेवल को संतुलित करता है और गर्मी के कारण होने वाली जलन या खुजली को भी शांत करता है। बालों को सॉफ्ट बनाता है।
कमल
कमल के फूलों में प्रोटीन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा पाया जाता है। यह बालों को जड़ों को पोषण प्रदान करता है। यह स्कैल्प को हाइड्रेट करता है और ड्रायनेस को भी दूर करता है। इसलिए नियमित रुप से बालों की टेक्सचर को सुधार करता है। यह बालों को स्मूद और हेल्दी बनाता है।
गेंदा
हर किसी घर में आसानी से गेंदा का फूल मिल जाएगा। असल में गेंदा के फूलों में एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जिससे स्कैल्प की सूजन, खुजली और डैंड्रफ को कम करता है। इसका पेस्ट या फिर उबला हुआ पानी बाल धोने के लिए इस्तेमाल करने से स्कैल्प साफ और हेल्दी रहता है।
पारिजात
पारिजात के फूल में सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स पाया जाता है और इसमें पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके तेल या काढ़ा बालों में लगाने से हेयर फॉल कम होता है और बालों की ग्रोथ बेहतर होती है। यह स्कैल्प को भी रिलैक्स करता है, जिससे तनाव से संबंधित हेयर्स प्रॉब्लम्स कम होती है।
