राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कांग्रेस विधायक एवं 27 अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने को लेकर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए इसे जनप्रतिनिधि की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। कोटा जिले में सुल्तानपुर नगर पालिका के अध्यक्ष के चुनाव के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में कांग्रेस विधायक चेतन पटेल और 27 अन्य लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और सड़क जाम करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जूली ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘राजस्थान में क्या अब सत्ता से सवाल पूछना भी अपराध हो गया है और अगर सवाल विपक्ष का विधायक पूछ ले तो सरकार उसे अपराधी साबित करने पर ही तुल जाती है।’’
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को डराना- धमकाना, पुलिस-प्रशासन के जरिए दबाव डालना और फिर प्राथमिकी दर्ज उनकी आवाज दबाने का प्रयास करना सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा है।
विपक्ष के नेता ने सवाल किया कि पीपल्दा से विधायक चेतन पटेल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कराकर आखिर सरकार क्या संदेश देना चाहती है? उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘मुख्यमंत्री जी, सत्ता के मद में यह मनमानी ठीक नहीं है। इसे अपनी कार्यशैली मत बनाइए।
आज कुर्सी का गुरूर है, कल वक्त का दस्तूर होगा, समय बदल रहा है।’’
कोटा ग्रामीण पुलिस ने मंगलवार रात जिले के सुल्तानपुर थाने में पटेल और लगभग 20 अन्य लोगों के खिलाफ सड़क रोकने और सरकारी अधिकारियों को राजकार्य करने से रोकने का मामला दर्ज किया। विधायक के खिलाफ दर्ज मामले को आगे की जांच के लिए अपराध जांच विभाग (सीआईडी-सीबी) को सौंप दिया गया है। पटेल और उनके समर्थकों पर 21 सितंबर को चुनाव के दौरान राजकार्य में बाधा डालने और यातायात जाम की स्थिति पैदा करने का आरोप है।
यह घटना सोमवार शाम को हुई जब विधायक को कथित तौर पर मतदान स्थल में प्रवेश करने से रोक दिया गया। हालांकि वह शुरू में वहां से चले गए लेकिन कांग्रेस पार्षद और पार्टी पदाधिकारी वहीं रुके रहे और विरोध किया। जब भारतीय जनता पार्टी के पार्षद की गाड़ी को अंदर जाने की अनुमति दी गई तो उन्होंने उस कार को रोकने की कोशिश की।
पटेल घटनास्थल पर लौटे तथा उसके बाद थाने में तीखी बहस और हंगामा हुआ। पुलिस ने बताया कि विधायक और उनके समर्थकों ने सड़क जाम कर दी, पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और तीखी बहस की और पार्षदों को वोट डालने से रोकने की कोशिश की। जूली ने एक अन्य बयान में कहा कि हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर देने के बाद कांग्रेस अपनी यह लड़ाई आगामी पंचायती राज चुनावों में भी जारी रखेगी।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाय चुनावों में भाजपा की नींद उड़ा दी और वे राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में अपना अभियान और तेज करेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, “पार्टी ने नगर निकाय चुनावों में भाजपा की नींद उड़ा दी थी और पंचायत राज चुनावों में उसकी हालत खराब कर देंगे।”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने नगर निकाय चुनाव में अपनी पूरी मशीनरी लगा दी। जूली ने दावा किया कि मुख्यमंत्री, कई मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव के प्रचार अभियान में भाग लिया, इसके बावजूद कांग्रेस ने कई प्रमुख नगर निकायों में भाजपा को कड़ी टक्कर दी।
