भारत की शतरंज टीम के लिए 2026 शतरंज ओलंपियाड का सफर शुरू होने से पहले ही मुश्किलों से भरा नजर आ रहा है। बुधवार, 16 सितंबर से शुरू होने वाले इस बड़े टूर्नामेंट के लिए समरकंद पहुंची भारतीय टीम को एयरपोर्ट पर करीब पांच घंटे तक अपने ठहरने के कमरों का इंतजार करना पड़ा। टीम के खिलाड़ियों और सहयोगी सदस्यों को यह भी साफ जानकारी नहीं दी गई कि कमरे कब तक मिलेंगे।
भारतीय शतरंज ओलंपियाड टीम के गैर-खिलाड़ी कप्तान और ग्रैंडमास्टर श्रीनाथ नारायणन ने सोशल मीडिया पर इस स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि भारतीय दल के समरकंद एयरपोर्ट पहुंचने के कई घंटे बाद भी खिलाड़ियों को कमरे नहीं दिए गए थे। श्रीनाथ के मुताबिक, सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि इंतजार खत्म होने का कोई तय समय भी नहीं बताया जा रहा था।
उन्होंने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि 2026 शतरंज ओलंपियाड में पहुंचने के बाद टीम का अनुभव बेहद खराब रहा है। उनका कहना था कि टीम के एयरपोर्ट पहुंचने के करीब पांच घंटे बाद भी कमरों का आवंटन नहीं हुआ था और इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी।
भारतीय टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल विदित गुजराती ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने समरकंद और उज्बेकिस्तान में टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले मिले अनुभव को बेहद खराब बताया और कहा कि टीम अब भी रहने की व्यवस्था ठीक होने का इंतजार कर रही है। दोनों खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाओं से साफ है कि भारतीय दल को प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही व्यवस्थाओं से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
गौरतलब है कि भारत इस बार शतरंज ओलंपियाड में मौजूदा चैंपियन के तौर पर उतर रहा है। 2024 में बुडापेस्ट में हुए पिछले ओलंपियाड में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में इस बार भी भारतीय खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें हैं। पुरुष टीम में डी. गुकेश, अर्जुन एरिगैसी, आर. प्रज्ञानानंदा, निहाल सरीन और विदित गुजराती शामिल हैं, जबकि श्रीनाथ नारायणन टीम के गैर-खिलाड़ी कप्तान हैं।
महिला टीम भी मजबूत नजर आ रही है। इसमें कोनेरू हम्पी, आर. वैशाली, दिव्या देशमुख, वंतिका अग्रवाल और साविता श्री बी शामिल हैं। महिला टीम की कप्तानी स्वयम्स मिश्रा संभालेंगे। भारतीय टीम के सामने अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने और लगातार दूसरी बार दोनों वर्गों में स्वर्ण जीतने की बड़ी चुनौती होगी।
बता दें कि शतरंज ओलंपियाड को इस खेल की सबसे बड़ी टीम प्रतियोगिता माना जाता है। 2026 संस्करण का उद्घाटन समारोह 15 सितंबर को होगा और इसके बाद 11 दौर के मुकाबले खेले जाएंगे। इस बार प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों की संख्या भी नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, पुरुष और महिला वर्ग को मिलाकर कुल 400 टीमों ने टूर्नामेंट के लिए प्रवेश कराया है। इनमें 208 टीमें पुरुष वर्ग में और 192 टीमें महिला वर्ग में हिस्सा लेंगी। इससे पहले 2024 में बुडापेस्ट में 380 टीमों के साथ सबसे ज्यादा भागीदारी का रिकॉर्ड बना था। इस बार वह रिकॉर्ड भी टूट गया है।
भारत के लिए टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले सामने आई यह अव्यवस्था निश्चित तौर पर अच्छी खबर नहीं है। लंबे सफर के बाद खिलाड़ियों के लिए आराम और तैयारी बेहद जरूरी होती है, खासकर तब जब टीम मौजूदा चैंपियन हो और उससे खिताब बचाने की उम्मीद की जा रही हो। हालांकि, भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान अब इस शुरुआती परेशानी से निकलकर बोर्ड पर प्रदर्शन करने और देश को फिर गौरवान्वित करने पर होगा, क्योंकि ओलंपियाड में भारत की नजरें एक बार फिर दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक पर हैं।
