(प्रादे53 डेट लाइन में तारीख सुधारते हुए रिपीट)
चेन्नई, दो सितंबर तमिलनाडु सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) ने अगस्त महीने में राज्यभर में 1.21 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब नकदी और डिजिटल लेनदेन का पता लगाया तथा कई सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। डीवीएसी की ओर से एक सितंबर को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, एक अगस्त से 31 अगस्त के बीच विभाग ने राज्य में 19 जगहों पर जाल बिछाकर कार्रवाई की।
ये कार्रवाई उन सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाकर की गई, जो सरकारी काम कराने के बदले 1,000 रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक की रिश्वत मांग रहे थे और ले रहे थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में राजस्व मंडल अधिकारी, प्रखंड विकास अधिकारी, सहायक कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ सहायक, वाणिज्य निरीक्षक, सचिव, ग्राम प्रशासनिक अधिकारी, ग्राम सहायक, पुलिस उप निरीक्षक और सहायक स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसी अवधि के दौरान डीवीएसी की टीमों और जिला निरीक्षण प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने विभिन्न राज्य सरकारी कार्यालयों में औचक जांच की।
इस दौरान 28,24,945 रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त की गई और संदिग्ध गूगल पे लेनदेन के माध्यम से 89,89,663 रुपये के हस्तांतरण का पता चला। कुल मिलाकर यह राशि 1,18,14,608 रुपये रही। इसके अलावा, राज्य की सीमाओं पर स्थित वाहन जांच चौकियों पर की गई औचक जांच में 3,36,200 रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद की गई।
कुल मिलाकर, औचक निरीक्षणों में 31,61,145 रुपये नकद जब्त किए गए और 89,89,663 रुपये के डिजिटल लेनदेन का पता चला। इससे बेहिसाब राशि का कुल आंकड़ा 1,21,50,808 रुपये हो गया। इस संबंध में मामले दर्ज कर जांच जारी है।
डीवीएसी ने इसी अवधि में भ्रष्टाचार के तीन मामलों में दोषसिद्धि की जानकारी भी दी। ये फैसले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों की विशेष अदालतों और तिरुनेलवेली, तिरुचिरापल्ली तथा पेरम्बलूर की प्रधान जिला एवं सत्र अदालतों में सुनाए गए। दोषी ठहराए गए अधिकारियों में आदि द्रविड़ कल्याण अधिकारी, आदि द्रविड़ कल्याण अधीक्षक, ग्राम प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस निरीक्षक शामिल हैं।
उन्हें दो से चार साल तक के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई, साथ ही 2,000 रुपये से 20,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया गया।
