नयी दिल्ली, एक सितंबर विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को कहा कि नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद बचाए गए भारतीय नागरिकों की संख्या 163 हो गई है और भारत नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय के तहत राहत और बचाव अभियान जारी रखे हुए है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने एक बयान के साथ भारत की 19 सदस्यीय विशेष फोरेंसिक टीम की भी जानकारी साझा की, जिसने रविवार को काठमांडू में काम शुरू कर दिया।
साथ ही नेपाल में तैनात सुरंग बचाव दल के बारे में भी जानकारी दी। बयान में कहा गया है, ‘‘चिलिमे में जलविद्युत सुरंगों तक पहुंच बनाने के बाद भारतीय बचाव दल को बेहद सीमित जगह, भौगोलिक स्थिति के कारण विशेष उपकरणों के इस्तेमाल में परेशानी और सुरंग के फर्श पर दलदली स्थिति जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।’’
बयान में कहा गया है, ‘‘नए तरीकों और उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए दल सुरंग के अंदर अधिक गहराई तक पहुंचने में सफल रहा। सुरंग के अंदर फंसे किसी भी व्यक्ति को बचाने के लिए उसके प्रयास कल भी जारी रहेंगे।’’
इस बीच अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 1,003 हो गई।
सुरक्षा बलों ने देश के आठ जिलों से और शव बरामद किए हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने बताया कि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं, जबकि लगभग 12,000 लोगों को बचाया जा चुका है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के शहरों तथा गांवों को तबाह कर दिया।
जायसवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘नेपाल में भारतीय नागरिकों और भारत के राहत एवं बचाव प्रयासों के फलस्वरूप 1 सितंबर 2026 को रात 7:30 बजे तक बचाए गए भारतीय नागरिकों की संख्या 163 हो गई है। आज 151 भारतीय चीन से रवाना हुए।’’
उन्होंने कहा कि भारत की फोरेंसिक टीम ने मंगलवार को नेपाल के अपने समकक्षों के साथ समन्वय कर गतिविधियों का विस्तार किया। टीम डीएनए की जांच और विश्लेषण जैसे काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे नेपाल में डीएनए नमूनों की जांच की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलेगी।
