भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी अंकुर भट्टाचार्य ने चेक गणराज्य में आयोजित डब्ल्यूटीटी फीडर ओलोमोक टूर्नामेंट में अपना पहला डब्ल्यूटीटी पुरुष एकल खिताब जीता और आकाश पाल के साथ युगल वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल करके दोहरी सफलता हासिल की।
विश्व रैंकिंग में 78वें नंबर के खिलाड़ी अंकुर ने एकल फाइनल में स्लोवेनिया के तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी डेनी कोजुल को 3-1 (9-11, 11-4, 11-5, 11-6) से हराया।
इससे पहले उन्होंने आकाश के साथ मिलकर पुरुष युगल फाइनल में हंगरी के साबा एंड्रास सैंटोसी और पोलैंड के एलन कुलज़िकी ज़ालेव्स्की को 3-1 (11-8, 4-11, 13-11, 11-9) से हराया था।
अंकुर के लिए एकल फाइनल की शुरुआत अच्छी नहीं रही, क्योंकि कोजुल ने पहला गेम 11-9 से जीत लिया। भारतीय खिलाड़ी ने हालांकि जल्द ही अपनी लय हासिल कर ली और अगले तीन गेम जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।
पुरुष युगल में अंकुर और आकाश ने पहला गेम 11-8 से जीता, लेकिन सैंटोसी और ज़ालेव्स्की ने दूसरे गेम में 11-4 से जीत हासिल करके स्कोर बराबर कर दिया।
तीसरे गेम में कड़ी टक्कर के बाद भारतीय जोड़ी ने 13-11 से जीत हासिल करके फिर से बढ़त हासिल ली और फिर चौथे गेम में भी अपना संयम बनाए रखते हुए 11-9 से जीत दर्ज की।
अंकुर ने इस तरह से डब्ल्यूटीटी फीडर सीरीज में शानदार सत्र का समापन किया। यहां खिताब जीतने से पहले उन्होंने 2026 में दो टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल और दो टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
