ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने इस मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। ट्रंप ने कहा है कि उन्हें लगता है कि मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं, हालांकि फरवरी में हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। ट्रंप ने यह बात रूढ़िवादी रेडियो प्रस्तोता ग्लेन बेक को दिए एक साक्षात्कार में कही है।
ट्रंप के मुताबिक, मोजतबा के शरीर के बाईं ओर, जिसमें हाथ और पैर भी शामिल हैं, गंभीर चोटें आई थीं। हालांकि उन्होंने उनकी मौत की खबर को सही नहीं माना। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब मोजतबा खामेनेई लंबे समय से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं और उनकी मौजूदा हालत को लेकर स्वतंत्र रूप से पुष्टि की गई जानकारी बेहद सीमित है।
गौरतलब है कि मोजतबा खामेनेई ने 28 फरवरी को अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी-इजरायली हमलों में मौत के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता का पद संभाला था। इसके बाद से उनकी सार्वजनिक मौजूदगी बेहद कम रही है। पिछले सप्ताह अपने पिता की याद में आयोजित एक बड़े शोक कार्यक्रम में भी उनकी गैरमौजूदगी ने सवाल खड़े किए थे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम की मेजबानी औपचारिक रूप से मोजतबा के नाम पर थी।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कुछ ईरानी अधिकारियों ने भी निजी तौर पर मोजतबा को नहीं देखने की बात कही है। ईरानवायर की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सर्वोच्च नेता बनने के बाद किसी भी मंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की थी। कुछ अज्ञात अधिकारियों ने उनकी मौत या गंभीर मस्तिष्क चोट की आशंका भी जताई थी, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, मोजतबा के करीबी लोगों ने ऐसी खबरों को खारिज किया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनकी कम सार्वजनिक मौजूदगी का मुख्य कारण सुरक्षा है। इसके अलावा उनके कार्यालय की ओर से धार्मिक फैसले, आदेश और नियुक्तियां जारी किए जाने की खबरें भी सामने आती रही हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी दावा किया है कि उन्होंने सर्वोच्च नेता के साथ युद्ध और देश की अर्थव्यवस्था को लेकर कई घंटे बातचीत की है।
24 अगस्त को ईरानी मीडिया ने मोजतबा का एक पहले जारी नहीं हुआ वीडियो भी प्रसारित किया था, जिसमें वह एक शैक्षणिक बैठक की अध्यक्षता करते दिखाई दिए। हालांकि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इससे उनकी मौजूदा स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाती है।
बता दें कि यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आ रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। अमेरिका की ओर से प्रतिबंधों का दबाव बढ़ाया जा रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में मोजतबा खामेनेई की सेहत और उनके सार्वजनिक रूप से सामने न आने का मामला ईरान की राजनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा दोनों के लिहाज से अहम बना हुआ है।
