दुर्ग जिले के पेंड्रावन के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में टीचर्स की कमी को लेकर 9-12वीं क्लास तक के बच्चे रात 12 बजे तक धरने पर बैठे रहे। करीब 400 छात्र-छात्राओं ने मंगलवार दोपहर खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। ओपन स्कूल व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे स्टूडेंट्स ये स्टूडेंट्स अगले सेशन से स्कूल में चल रही ओपन स्कूल व्यवस्था खत्म करने को लेकर धरने पर बैठे थे। उनकी मांग थी कि प्राचार्य को भी हटाया जाए। साथ ही शिक्षकों की कमी भी दूर की जाए। छात्रों की मांग 17 शिक्षकों की थी। खासकर आर्ट्स और कॉमर्स के शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र नाराज थे। विभाग ने कॉमर्स के एक शिक्षक की जल्द व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की व्यवस्था होने तक प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं थे। 600 स्टूडेंट्स पर सिर्फ 6 शिक्षक दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के पेंड्रावन गांव में प्राथमिक, माध्यमिक, स्वामी आत्मानंद स्कूल, ओपन स्कूल और कॉलेज की कक्षाएं संचालित होती हैं। इस पूरे संस्थान में 600 से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ते हैं, लेकिन यहां सिर्फ 6 शिक्षक पदस्थ थे। शिक्षकों की कमी के कारण नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, जिससे स्टूडेंट्स और पेरेंट्स लंबे समय से परेशान थे। शुक्रवार को स्टूडेंट्स ने आंदोलन की चेतावनी दी थी शिक्षकों की मांग को लेकर स्टूडेंट्स और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को पहले ही चेतावनी दी थी। शुक्रवार को उन्होंने अधिकारियों को तीन दिन का समय दिया था और कहा था कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो सोमवार से बड़ा आंदोलन शुरू होगा। तय समय सीमा पूरी होने के बाद भी कोई हल नहीं निकला, जिसके चलते छात्रों और ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया। स्टूडेंट्स की मांगे मानी, ओपन स्कूल खत्म हुआ छात्रों के धरने के बाद SDOP, तहसीलदार, SDM और स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक समेत कई अधिकारी पहुंचे और छात्रों की मांग मान ली। छात्रों की बात मानते हुए प्रशासन ने ओपन स्कूल व्यवस्था को खत्म कर दिया है। साथ ही 4 नए शिक्षकों को स्कूल में नियुक्त करने की मंजूरी दी है। अब स्कूल में कुल 7 शिक्षक होंगे। साथ ही नए प्राचार्य की भी नियुक्ति की गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के आश्वासन के बाद हटे छात्र अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन खत्म किया। धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं ने कहा कि वे 12 घंटे से धरने पर बैठे थे, इससे वे थक गए हैं और भूखे प्यासे भी हैं लेकिन उन्हें खुशी है कि उनकी मांग मान ली गई है।
जेन अल्फा स्टूडेंट्स रात 12 बजे तक धरने पर:ओपन स्कूल और प्राचार्य के विरोध में उतरे , स्कूल शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद हटे
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सिद्धभूमि -
एक ऐसे समय में जब प्रिंट एवं मुद्रण अपनी प्रारंभिक अवस्था में था ,समाचार पत्र अपने संसाधनो के बूते निकाल पाना बेहद दुष्कर कार्य था ,लेकिन इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” ने 12 मार्च 1978 को पडरौना (कुशीनगर ) उत्तर प्रदेश से सिद्ध भूमि हिंदी साप्ताहिक का प्रकाशन आरम्भ किया | स्वर्गीय श्री शयाम सुन्दर मिश्र “प्रान ” सीमित साधनों व अभावों के बीच पत्रकारिता को मिशन के रूप में लेकर चलने वाले पत्रकार थे । उनका मानना था कि पत्रकारिता राष्ट्रीय लोक चेतना को उद्वीप्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसके द्वारा ही जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखा जा सकता है । किसी भी संस्था के लिए चार दशक से अधिक का सफ़र कम नही है ,सिद्ध भूमि ने इस लम्बी यात्रा में जनपक्षीय सरोकारो को जिन्दा रखते हुए कर्मपथ पर अपने कदम बढ़ाएं हैं और भविष्य के लिए भी नयी आशाएं और उम्मीदें जगाई हैं । ऑनलाइन माध्यम की उपयोगिता को समझते हुए सिद्ध भूमि न्यूज़ पोर्टल की शुरुवात जुलाई 2013 में किया गया |
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