हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में लंपी त्वचा रोग से एक बछड़े की मौत हो गई है और 33 मवेशी संक्रमित पाए गए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पशुपालन विभाग ने बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए निगरानी और उपचार के प्रयास तेज कर दिए हैं।
लंपी त्वचा रोग (एलएसडी) मवेशियों और भैंसों को प्रभावित करने वाला संक्रामक रोग है। यह कैप्रिपॉक्स वायरस के कारण होता है। यह बीमारी मच्छरों, मक्खियों और किलनियों के जरिए फैलती है।
इससे मवेशियों में तेज बुखार, त्वचा पर कठोर गांठें, आंखों और नाक से स्राव शुरू हो सकता है तथा उनके दूध देने की क्षमता काफी कम हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले चार-पांच दिनों में जिले के विभिन्न इलाकों से लंपी रोग के कम से कम 34 मामले सामने आए हैं। बरसार क्षेत्र में इससे एक बछड़े की मौत हो गई है।
उन्होंने बताया कि नादौन क्षेत्र में सबसे अधिक 12 मामले सामने आए हैं, जबकि भोरंज और सुजानपुर में दो-दो मामले दर्ज किए गए हैं। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी पशुओं में बीमारी के लक्षण पाए जाने के बाद पशुपालन विभाग ने निगरानी और उपचार के प्रयास तेज कर दिए हैं। हमीरपुर पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक (परियोजना) डॉ. सतीश ने लोगों को सतर्क रहने, अपने पशुओं की नियमित जांच करने और शरीर पर असामान्य गांठ, बुखार या कमजोरी के लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक को सूचित करने की सलाह दी है।
अधिकारियों ने बताया कि बीमारी से निपटने के लिए पशुपालन विभाग को करीब 13,500 टीके मिले हैं। इन टीकों को पशु चिकित्सालयों और संबंधित केंद्रों में भेज दिया गया है, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में पशुओं का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। पिछले वर्ष हमीरपुर में करीब 16,000 पशुओं को लंपी त्वचा रोग से बचाव का टीका लगाया गया था।
वर्ष 2023 में बीमारी के बड़े प्रकोप के बाद बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया गया था।
