देश की 28 प्रमुख सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों की सामूहिक बिक्री बुकिंग चालू वित्त वर्ष की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में 21 प्रतिशत घटकर करीब 40,000 करोड़ रुपये रह गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच कुछ बड़ी कंपनियों ने आवासीय परियोजनाएं शुरू नहीं कीं, जिससे बिक्री पर असर पड़ा। निवेशकों को दी गई प्रस्तुतियों से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, 28 प्रमुख सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों की कुल बिक्री बुकिंग यानी पूर्व-बिक्री चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 39,964 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले इसी अवधि में 50,900 करोड़ रुपये थी।
बिक्री बुकिंग में सबसे बड़ा योगदान आवास क्षेत्र का रहा। बिक्री बुकिंग के मामले में गोदरेज प्रॉपर्टीज सबसे बड़ी सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनी रही। उसकी बिक्री बुकिंग जून तिमाही में 8,651 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 7,082 करोड़ रुपये थी।
कुल 28 कंपनियों में से 19 ने बिक्री-बुकिंग में वृद्धि दर्ज की। इनमें गोदरेज प्रॉपर्टीज, लोढ़ा, सोभा, मैक्स एस्टेट्स, पूर्वांकरा, कल्पतरु, एम्बैसी डेवलपमेंट्स, महिंद्रा लाइफस्पेस, रेमंड रियल्टी, सनटेक रियल्टी, कोल्टे-पाटिल, श्रीराम प्रॉपर्टीज, अजमेरा रियल्टी, अरविंद स्मार्टस्पेसेज, टार्क, श्री लोटस डेवलपर्स, अरिहंत सुपरस्टक्चर्स, आर्केड और सूरज एस्टेट शामिल हैं। वहीं, डीएलएफ, प्रेस्टीज, ओबेरॉय रियल्टी, सिग्नेचर ग्लोबल, आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट, ब्रिगेड, आशियाना हाउसिंग और एल्डेको नौ सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों ने बिक्री बुकिंग में गिरावट दर्ज की।
आंकड़ों के अनुसार, बेंगलुरु स्थित प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स लिमिटेड 6,579.3 करोड़ रुपये की बिक्री बुकिंग के साथ अप्रैल-जून तिमाही में दूसरे स्थान पर रही। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 12,126.4 करोड़ रुपये थी। मुंबई स्थित लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड की बिक्री बुकिंग बढ़कर 4,630 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 4,450 करोड़ रुपये थी।
वहीं, बेंगलुरु स्थित सोभा लिमिटेड की बिक्री बुकिंग 2,079 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,656 करोड़ रुपये हो गई। सिग्नेचर ग्लोबल 1,970 करोड़ रुपये की बिक्री बुकिंग के साथ पांचवें स्थान पर रही। एक साल पहले उसकी बिक्री बुकिंग 2,640 करोड़ रुपये थी।
बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ लिमिटेड की बिक्री बुकिंग 11,425 करोड़ रुपये से घटकर महज 657 करोड़ रुपये रह गई। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कोई परियोजना शुरू नहीं की। रियल एस्टेट सलाहकारों के अनुसार, इन सूचीबद्ध कंपनियों की सामूहिक बिक्री में गिरावट के पीछे प्रमुख कंपनियों द्वारा नई परियोजनाएं शुरू नहीं करना, पिछले साल का ऊंचा आधार प्रभाव और पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण संभावित घर खरीदारों का सतर्क रुख जैसे कारक रहे।
