(जी उन्नीकृष्णन)
कोलंबो, 22 अगस्त पहले टेस्ट मैच में बड़ी जीत से उत्साहित भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ रविवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच में अपना विजय अभियान जारी रखकर विदेशी धरती पर तीन साल में पहली टेस्ट श्रृंखला जीतने की कोशिश करेगी जबकि कप्तान शुभमन गिल और सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की निगाह बड़ा स्कोर बनाने पर होगी। भारत ने विदेश में अपनी आखिरी टेस्ट श्रृंखला जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीती थी। उसके बाद से भारत को ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा जबकि उसने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के साथ उनके घरेलू मैदान पर श्रृंखला बराबर की थी।
इस बीच उसे न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका से घरेलू धरती पर हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब भारत ने गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में 165 रन की शानदार जीत के साथ कुछ हद तक वापसी की है जिससे कप्तान गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर को राहत मिली होगी। भारत अगर इस श्रृंखला में 2-0 से क्लीन स्वीप कर लेता है, तो वह 57.58 प्रतिशत अंकों के साथ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंच सकता है।
लेकिन यह बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में हार पर ही संभव हो पाएगा। डार्विन में पहले टेस्ट में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाला बांग्लादेश अभी चौथे स्थान पर है। भारत को इस मैच में गिल और जायसवाल से बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी।
गिल अच्छी फॉर्म में नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपनी पिछली छह पारियों में दो शतक बनाए हैं। लेकिन पिछले मैच में उनका बल्ला नहीं चल पाया था।
उन्हें विशेषकर बाएं हाथ की स्पिनर के सामने दिक्कत हो रही है। गॉल में दोनों पारियों में उन्हें खब्बू स्पिनर प्रभात जयसूर्या ने आउट किया। इसके अलावा कप्तान के रूप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है।
गिल ने कप्तानी संभालने के बाद 10 टेस्ट मैचों में 73 से अधिक के औसत से 1100 रन बनाए हैं। वह कप्तान के रूप में विदेश में अपनी पहली टेस्ट श्रृंखला जीतने के लिए भी प्रतिबद्ध होंगे। जायसवाल की समस्या थोड़ी और गंभीर है।
पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ नयी दिल्ली में शतक बनाने के बाद इस सलामी बल्लेबाज ने अपनी पिछली आठ पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक बनाया है। जायसवाल तेज गेंदबाजों के खिलाफ कट या चिप शॉट खेलकर आउट हो रहे हैं जो चिंताजनक है। गॉल में पहली पारी में रन आउट होने के बाद जायसवाल दूसरी पारी में भी इसी तरह से आउट हुए थे।
बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपने खेल के इस पहलू में सुधार करने के लिए शुक्रवार को एसएससी में नेट पर काफी समय बिताया। भारत के तेज गेंदबाजों और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने ऑफ स्टंप के बाहर की उस लाइन को निशाना बनाया, जिससे जायसवाल को कट या चिप शॉट खेलने के लिए लुभाया जा सके। लेकिन इस 24 वर्षीय खिलाड़ी ने इस तरह की गेंदों को बिना छेड़े हुए स्टंप्स के पास से बिना गुजरने दिया।
अगर वह मैच में भी इसी तरह का धैर्य बनाए रखते हैं तो बड़ी पारी खेल सकते हैं। इस पर भी सब की नजर रहेगी कि कुलदीप यादव अंतिम एकादश में जगह बना पाते हैं या नहीं। पहले मैच में पिच से काफी मदद मिलने के बावजूद उन्होंने दो पारियों में 25 ओवरों में सिर्फ एक विकेट लिया था।
कुलदीप पहले टेस्ट मैच में गेंदबाजों में सबसे महंगे साबित हुए, उन्होंने प्रति ओवर चार से अधिक रन लुटाए। श्रीलंका की टीम में बाएं हाथ के अधिक बल्लेबाजों को देखते हुए ऑफ स्पिनर सारांश जैन को पदार्पण का मौका मिल सकता है। लेकिन सिर्फ एक मैच के बाद किसी सीनियर गेंदबाज को टीम से बाहर करना गलत संकेत दे सकता है।
कुलदीप ने शुक्रवार को अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया था जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिलेगी। लेकिन अंतिम निर्णय काफी हद तक यहां की पिच पर निर्भर करता है, जिसे पिछले दो दिनों में पानी डालकर उसकी पकड़ बनाए रखी गई है। श्रीलंका को अगर श्रृंखला में वापसी करनी है तो उसके शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को धैर्य के साथ खेलना होगा।
उन्हें उम्मीद होगी कि शानदार फॉर्म में चल रहे कामिल मिशारा और साहन अरच्चिगे को टीम में शामिल करने से सकारात्मक बदलाव आएगा। टीम इस प्रकार हैं:
भारत: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, औकिब नबी, सरफराज खान। श्रीलंका: धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरु उदारा, कामिल मिशारा, पसिंदु सोरियाबंदरा, कामिंदु मेंडिस, साहन अरच्चिगे, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला, केशरा नुवांता, प्रभात जयसूर्या, मिलन रत्नायका, लाहिरू कुमारा, असिथा फर्नांडो, विश्वा फर्नांडो।
मैच भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा।
