कांग्रेस ने गुरुवार को उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद रैली स्थल के ‘शुद्धिकरण’ की निंदा की और आरोप लगाया कि यह घटना भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ‘दलित-विरोधी’ मानसिकता को दर्शाती है। इसको लेकर उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि खड़गे जी एक बहुत सम्मानित राष्ट्रीय नेता हैं। उनके अपमान के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। धार्मिक भावनाएं आहत होने पर कुछ संगठनों ने वहां विरोध किया था; कांग्रेस पार्टी ने इसे दलित मुद्दा बनाने की कोशिश की।
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धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग इसे अच्छी तरह देख सकते हैं। देश भी यह देख रहा है। BJP से जुड़ा कोई भी व्यक्ति वहां नहीं था… इसे ऐसा रंग देना दिखाता है कि कांग्रेस पार्टी किसी भी तरह सत्ता चाहती है। वे विक्टिम कार्ड खेलना चाहते हैं। पूरा देश जानता है कि उन्होंने बाबू जगजीवन राम, सीताराम केसरी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के साथ क्या किया था। इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता खड़गे ने भी सदन में यह मुद्दा उठाया और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ ‘अस्पृश्यता निवारण अधिनियम’ के तहत मामला दर्ज करने की मांग की। वहीं, चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने इस घटना की निंदा की।
खड़गे ने पूछा कि क्या लोकतंत्र ऐसे ही काम करता है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? उन्होंने यह भी कहा कि उनका मकसद इस मुद्दे का राजनीतिकरण करना नहीं है, लेकिन मंच को शुद्ध करके उन्होंने उनका ‘अपमान’ किया है। नड्डा ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती है। हम इसकी जांच करेंगे और मैं इस घटना की निंदा करता हूं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि जनसभा के बाद मंच का ‘शुद्धिकरण’ करना ‘सिर्फ़ एक व्यक्ति का अपमान नहीं है, बल्कि यह उस संविधान का अपमान है जिसने छुआछूत को अपराध घोषित किया था’।
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उन्होंने ‘X’ पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, ‘और यह कोई अकेली घटना नहीं है। यह बीजेपी-आरएसएस द्वारा बरसों से पाले-पोसे गए मनुवादी सोच का नतीजा है – वह घिनौनी सोच जो आज भी इंसान का दर्जा उसकी बराबरी और इंसानियत से नहीं, बल्कि उसके जन्म से तय करती है।’ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, उत्तराखंड के लिए कांग्रेस की प्रभारी महासचिव कुमारी शैलजा ने FIR दर्ज करने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने राज्य को ‘शर्मिंदा’ किया है।
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