प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को बताया कि पिछले सप्ताह पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम (पीएसआईईसी) के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ धन शोधन के एक मामले के तहत की गई छापेमारी के दौरान करीब चार करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि के लेन-देन पर रोक लगा दी। यह जांच निगम के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक सुरिंदर पाल सिंह और पूर्व महाप्रबंधक जसविंदर सिंह रंधावा द्वारा अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और अन्य सहयोगियों के नाम पर औद्योगिक भूखंडों के कथित तौर पर वैध आवंटन से जुड़ी है। ईडी ने बताया कि छापेमारी के दौरान 12.15 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई।
एजेंसी ने बताया कि इसके अलावा सिंह और रंधावा के बैंक खातों में जमा 4.01 करोड़ रुपये की राशि के लेन-देन पर रोक लगा दी गई। ईडी ने दावा किया कि अधिकारियों ने “भारी रिश्वत” के बदले “अवैध” भूखंड आवंटित किए गये। एजेंसी के अनुसार, रिश्वत की रकम अधिकारियों को सीधे या परोक्ष रूप से नकद लेन-देन और कई बार में किये गये भुगतान के जरिए मिली।
