अमेरिका की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा बदलाव सामने आया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट महीने के अंत में अपने पद से हट जाएंगी। लेविट ने यह फैसला अपने छोटे बच्चों और परिवार को ज्यादा समय देने के लिए लिया है। हालांकि, व्हाइट हाउस से उनकी विदाई पूरी तरह राजनीतिक दूरी बनाने वाली नहीं होगी। ट्रंप के मुताबिक, वह आगे भी उनकी बाहरी सलाहकार टीम का अहम हिस्सा बनी रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी में अपनी सक्रिय भूमिका जारी रखेंगी।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लेविट की तारीफ करते हुए उन्हें अपनी सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि लेविट के फैसले को वह पूरी तरह समझते हैं और उसका सम्मान करते हैं। राष्ट्रपति ने यह भी साफ किया कि व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद लेविट की राजनीतिक भूमिका खत्म नहीं होगी। वह उनके शीर्ष बाहरी सलाहकारों में शामिल रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक प्रभावशाली आवाज के तौर पर काम करती रहेंगी। ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन आने वाले मध्यावधि चुनावों में बड़ी जीत हासिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है और इस दौरान लेविट की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। ट्रंप ने लेविट के काम की तारीफ करते हुए उन्हें व्हाइट हाउस के इतिहास की बेहतरीन प्रेस सचिवों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि लेविट ने 2018 से ही न्याय, स्वतंत्रता और आजादी के मुद्दों पर शानदार काम किया है और 2024 के उनके ऐतिहासिक चुनाव अभियान में भी अहम योगदान दिया।
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लेविट बोलीं- यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान रहा
कैरोलिन लेविट ने भी सोशल मीडिया पर अपने फैसले के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पिछले करीब डेढ़ साल तक व्हाइट हाउस प्रेस सचिव के रूप में काम करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। लेविट ने राष्ट्रपति ट्रंप का आभार जताते हुए कहा कि इस जिम्मेदारी ने उन्हें ऐसे अनुभव दिए, जिन्हें वह जिंदगी भर याद रखेंगी। वेस्ट विंग में काम करने से लेकर ओवल ऑफिस में लंबे घंटे बिताने, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करने और विदेशी नेताओं से मिलने तक, उन्होंने इस कार्यकाल को बेहद खास बताया। उनके मुताबिक, इस भूमिका का सबसे बड़ा सम्मान व्हाइट हाउस के प्रेस पोडियम से राष्ट्रपति की ओर से अमेरिकी जनता को संबोधित करना था। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रशासन की कई बड़ी उपलब्धियों के बारे में बात करने और ट्रंप की नीतियों व कामकाज को जनता के सामने रखने पर गर्व रहा। लेविट ने मीडिया को लेकर भी अपनी भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रशासन के नजरिए को सामने रखने, उदारवादी मीडिया को जवाब देने और अमेरिकी लोगों तक ट्रंप की उपलब्धियों की जानकारी पहुंचाने में कोई झिझक नहीं रही।
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लेविट के बयान का सबसे निजी हिस्सा उनके परिवार और बच्चों को लेकर था। उन्होंने माना कि मां बनने के साथ दुनिया की सबसे कठिन और व्यस्त राजनीतिक नौकरियों में से एक को संभालना आसान नहीं रहा। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म के बाद जब वह व्हाइट हाउस लौटीं, तभी से उनके मन में यह सवाल बना रहा कि क्या वह प्रेस सचिव की नौकरी के लिए जरूरी समय, ऊर्जा और ध्यान देने के साथ अपने दोनों छोटे बच्चों की जरूरतों के मुताबिक एक अच्छी मां बन पा रही हैं। यही सवाल आखिरकार उनके फैसले की वजह बना। लेविट ने माना कि व्हाइट हाउस छोड़ने का निर्णय उनके लिए भावुक भी था और मुश्किल भी, लेकिन अब वह अपनी जिंदगी के एक नए अध्याय की शुरुआत करना चाहती हैं।
राजनीति से दूरी नहीं बनाएंगी लेविट
हालांकि, व्हाइट हाउस से विदाई के बाद लेविट पूरी तरह राजनीतिक पर्दे के पीछे नहीं जाने वाली हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें बाहर से अपने शीर्ष सलाहकारों में से एक के तौर पर काम जारी रखने को कहा है, जिसे लेविट ने स्वीकार किया है। उन्होंने साफ किया कि वह ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ और रिपब्लिकन पार्टी के लिए अपनी आवाज उठाती रहेंगी। लेविट ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर भी तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि पार्टी लगातार ज्यादा कट्टरपंथी होती जा रही है और अमेरिका के लिए गंभीर खतरा बन रही है।
लेविट ने कहा कि देश की चिंता करने वाले लोगों की जिम्मेदारी है कि वे इस चुनौती के खिलाफ अपनी भूमिका निभाएं। उनके शब्दों में, उनकी राजनीतिक लड़ाई खत्म नहीं हुई है, बल्कि अब वह एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। इस तरह लेविट का व्हाइट हाउस से जाना एक सामान्य प्रशासनिक बदलाव से कुछ ज्यादा नजर आता है। एक तरफ वह अपने परिवार और छोटे बच्चों को प्राथमिकता देने जा रही हैं, तो दूसरी तरफ ट्रंप के साथ उनकी राजनीतिक साझेदारी जारी रहेगी। यानी व्हाइट हाउस का पोडियम जरूर छूटेगा, लेकिन अमेरिकी राजनीति में कैरोलिन लेविट की आवाज फिलहाल सुनाई देती रहेगी।
