इंदौर (मध्यप्रदेश), सात अगस्त देश के पश्चिमी क्षेत्र के पुलिस प्रमुखों ने साइबर अपराध, नशीले पदार्थों के नेटवर्क, संगठित अपराध और वर्ष 2028 के दौरान उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ मेले की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए शुक्रवार को संयुक्त रणनीति तैयार की। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार राज्य के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में 13वीं पश्चिम क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति की बैठक इंदौर में संपन्न हुई। बैठक में मेजबान मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, दमन एवं दीव और दादरा एवं नगर हवेली के पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
विज्ञप्ति के मुताबिक बैठक में सिंहस्थ 2028 जैसे बड़े धार्मिक आयोजन की सुरक्षा एवं प्रबंधन, गुमशुदा बच्चों की शीघ्र खोज, साइबर अपराध, संगठित अपराध, पुलिस तंत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ समन्वित कार्रवाई सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। विज्ञप्ति में कहा गया कि अंतरराज्यीय अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्यों के बीच वास्तविक समय में खुफिया सूचनाएं साझा करने, निरंतर संपर्क बनाए रखने तथा प्रत्येक राज्य में नोडल अधिकारी नियुक्त करके नियमित समीक्षा और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने पर सहमति बनी। विज्ञप्ति के अनुसार नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण, परिवहन और उपयोग के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।
संबंधित राज्यों द्वारा संयुक्त कार्ययोजना तैयार करके एक साथ विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया ताकि इन पदार्थों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। बैठक में पुलिस विभाग द्वारा उच्च शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा विभाग के साथ समन्वय करके शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में नशामुक्ति, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा जैसे विषय शामिल कराने के प्रयास करने का भी निर्णय लिया गया। संगठित अपराध और राष्ट्रीय तथा अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न राज्यों के वांछित एवं इनामी अपराधियों की जानकारी भी साझा की गई।
भविष्य में संयुक्त अभियान चलाने और अपराधियों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी। पुलिस प्रमुखों ने 14वीं पश्चिम क्षेत्रीय पुलिस समन्वय समिति की बैठक गोवा में आयोजित करने का निर्णय किया।
