ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने लॉन बॉल्स प्रतियोगिता में दमदार शुरुआत करते हुए पहले ही दिन शानदार प्रदर्शन किया हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि पुरुष एकल स्पर्धा में देखने को मिली, जहां भारत के पुतुल सोनोवाल ने कनाडा के मौजूदा विश्व चैंपियन रायन बेस्टर को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया हैं। इस जीत ने न सिर्फ भारतीय दल का आत्मविश्वास बढ़ाया है, बल्कि आने वाले मुकाबलों के लिए पदक की उम्मीदों को भी मजबूत किया है।
बता दें कि असम के रहने वाले पुतुल सोनोवाल पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने अनुभवी खिलाड़ी के खिलाफ बेहद संयम और आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। मुकाबले का पहला सेट उन्होंने 5-4 से अपने नाम किया। हालांकि दूसरे सेट में रायन बेस्टर ने शानदार वापसी करते हुए 7-3 से जीत दर्ज की और मुकाबला बराबरी पर ला दिया है।
इसके बाद फैसला टाई ब्रेकर से हुआ, जहां पुतुल सोनोवाल ने दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल कर ली। गौरतलब है कि रायन बेस्टर लॉन बॉल्स के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उनके नाम कई राष्ट्रमंडल खेल पदक दर्ज हैं। उन्होंने वर्ष 2023 में विश्व चैंपियनशिप का एकल स्वर्ण पदक भी जीता था और वर्ष 2025 में उन्हें विश्व लॉन बॉल्स सम्मान सूची में भी शामिल किया गया था। ऐसे खिलाड़ी के खिलाफ मिली जीत भारतीय खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
उधर महिला युगल स्पर्धा में भी भारत ने विजयी शुरुआत की हैं। रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह की अनुभवी जोड़ी ने माल्टा की रेबेका लुईस रिक्सन और कोनी-ली रिक्सन को रोमांचक मुकाबले में हराया हैं। भारतीय जोड़ी ने पहला सेट 7-1 से आसानी से जीत लिया था, लेकिन दूसरे सेट में माल्टा ने 4-3 से जीत दर्ज कर मुकाबले को टाई ब्रेकर तक पहुंचा दिया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार निर्णायक टाई ब्रेकर में एक समय भारतीय टीम पीछे चल रही थी। इसी दौरान पिंकी सिंह ने अंतिम गेंद पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को यादगार जीत दिला दी हैं। अब भारतीय महिला जोड़ी का अगला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा।
गौरतलब है कि रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह वर्ष 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला चौकड़ी का भी हिस्सा रही थीं। हालांकि इस बार चौकड़ी स्पर्धा को प्रतियोगिता से हटा दिया गया है और केवल एकल तथा युगल मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में भारत की नजर अब इन स्पर्धाओं में पदक जीतने पर टिकी हुई हैं।
