नीट (NEET-UG) परीक्षा धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर जारी आंदोलनों की तपिश अब दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस के व्यापार पर भारी पड़ने लगी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उग्र होते प्रदर्शनों और सुरक्षा चिंताओं के बीच एनडीटीए (NDTA) द्वारा शाम 6:30 बजे ही बाज़ार बंद करने के फैसले ने स्थानीय कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। पीक आवर्स में बाज़ार पर ताला लटकने से जहां एक तरफ व्यापारियों को रोजाना करोड़ों रुपये के भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है, वहीं दूसरी तरफ पूरे कमर्शियल हब में डर और अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है।
कारोबार पर पड़ा सीधा असर: शाम ढलते ही थम जाएगा दिल्ली का ‘कमर्शियल हब’
कनॉट प्लेस न केवल रिटेल आउटलेट्स और नेशनल-इंटरनेशनल ब्रांड्स का केंद्र है, बल्कि यहाँ सैकड़ों कॉरपोरेट दफ़्तर, बैंक और मशहूर रेस्टोरेंट स्थित हैं। एनडीएमसी (NDMC) की सलाह के बाद जारी इस इमरजेंसी बंद के आदेश से यहाँ के व्यापारियों में भारी चिंता का माहौल है।
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अमूमन शाम 6:30 बजे के बाद ही सीपी के बाजारों और रेस्टोरेंट्स में फुटफॉल (ग्राहकों की आवाजाही) चरम पर होता है। ऐसे पीक आवर्स में बाज़ार बंद होने से व्यापारियों को सीधे तौर पर भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा। NDTA का कहना है कि दुकानदारों की सुरक्षा और संपत्तियों को असामाजिक तत्वों के नुकसान से बचाना इस वक्त पहली प्राथमिकता है।
खौफ के साए में व्यापारी और ग्राहक
बीते दिनों जंतर-मंतर पर हुई हिंसा, पुलिस अधिकारियों पर हमलों और पथराव की घटनाओं के बाद से पूरे कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में डर का माहौल बना हुआ है। कई मल्टीनेशनल कंपनियों ने एहतियात के तौर पर अपने कर्मचारियों को हाफ-डे देकर घर भेजना शुरू कर दिया है।
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व्यापारियों का कहना है कि आंदोलन के दूसरे महीने में प्रवेश करने और सुरक्षा कड़ा होने के कारण आम ग्राहकों ने लुटियंस दिल्ली के इस प्रमुख बाजार का रुख करना कम कर दिया है, जिससे दैनिक बिक्री पर 40 से 50 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की जा रही है।
प्रशासनिक कदम और आर्थिक चिंताएँ
पुलिस प्रशासन ने कनॉट प्लेस के सभी इनर और आउटर सर्कल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। हालांकि, दुकानदारों और रेस्टोरेंट एसोसिएशन का मानना है कि यदि यह गतिरोध जल्द नहीं सुलझा और रोजाना शाम को बाज़ार बंद करने जैसी स्थिति बनी रही, तो मध्य दिल्ली के पूरे व्यापारिक तंत्र को लंबे समय तक इसका गंभीर आर्थिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
