अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध ने अब पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत की भी चिंता बढ़ा दी है। इस महायुद्ध का सीधा असर अब भारतीयों पर भी देखने को मिल रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के हमले का शिकार बने साइप्रस देश के झंडे वाले व्यापारिक कंटेनर जहाज जीएफएस गैलेक्सी (GFS Galaxy) पर भारतीय चालक दल भी सवार था। भारत सरकार ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताया है और पुष्टि की है कि जहाज पर मौजूद भारत के 10 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक अब भी लापता है।
विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “सरकार इस पूरे मामले पर लगातार अपनी नजर बनाए हुए है और इससे जुड़े देशों के साथ लगातार बातचीत कर रही है। हमारे भारतीय मिशन प्रभावित चालक दल की सुरक्षा पक्की करने और लापता भारतीय नागरिक की तलाश करने की कोशिशों में जुटे हैं। क्षेत्र में बढ़ता यह सैन्य तनाव पूरी दुनिया की समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।”
MEA issues an official statement condemning the attack on the commercial vessel GFS Galaxy off the coast of Oman earlier today.
MEA says, “Of the 11 Indian nationals on board, 10 have been rescued so far, while 1 Indian National is reportedly missing… The continuing incidents… pic.twitter.com/V0tgkFF5aA
— ANI (@ANI) July 12, 2026
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड की रिपोर्ट
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, जब जीएफएस गैलेक्सी जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था, तभी ईरान ने उस पर निशाना साध कर हमला कर दिया। इस हमले की वजह से जहाज के इंजन रूम को बहुत भारी नुकसान पहुंचा है। हमले के तुरंत बाद राहत और बचाव काम शुरू करके चालक दल के कई सदस्यों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन एक भारतीय क्रू मेंबर का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है।
क्यों खास है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्तों में से एक है। दुनिया भर में सप्लाई होने वाले कच्चे तेल और गैस का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। यही वजह है कि इस इलाके में होने वाला कोई भी सैन्य तनाव न केवल इस क्षेत्र को बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ईंधनों की सप्लाई को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
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ओमान के दुकम बंदरगाह पर भी भारी बमबारी
इस बीच, अमेरिका ने ईरान पर आज तीसरे दौर की सैन्य कार्रवाई पूरी की, लेकिन ईरान ने भी पीछे हटने से साफ मना कर दिया है। ईरान लगातार इन हमलों का जवाब दे रहा है और उसने ओमान, कतर व बहरीन जैसे खाड़ी देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। बढ़ते तनाव के बीच, ईरान की सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने ओमान के दुकम बंदरगाह पर स्थित अमेरिकी विमानवाहक जहाजों की मदद करने वाले और ईंधन भरने वाले प्लेटफार्म पर भारी हमला किया है। ईरान का दावा है कि यह हमला अमेरिकी आक्रामकता के जवाब में की गई उसकी तीसरे चरण की कार्रवाई है।
