पूंजी बाजार नियामक सेबी ने पंजीकरण प्रमाणपत्र को प्रभावी बनाए रखने के लिए अनिवार्य नवीनीकरण शुल्क जमा नहीं करने पर 12 शोध विश्लेषकों का पंजीकरण रद्द कर दिया है।
सेबी (मध्यस्थ) विनियम, 2008 के तहत यह कार्रवाई की गई। संबंधित संस्थाओं को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद उन्होंने अपना पंजीकरण नवीनीकृत नहीं कराया।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बृहस्पतिवार को जारी आदेश में कहा कि जिन संस्थाओं का पंजीकरण रद्द किया गया है, उनमें अर्जुन लेनिन, सीएनआई रिसर्च लिमिटेड, ईस्ट ब्रिज एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड, कुशांक कमल पोद्दार और आर के ग्लोबल शेयर्स एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड शामिल हैं।
सेबी के नियमों के अनुसार, प्रत्येक पंजीकृत शोध विश्लेषक को अपना पंजीकरण प्रमाणपत्र वैध बनाए रखने के लिए पंजीकरण की तारीख से प्रत्येक पांच वर्ष पर नवीनीकरण शुल्क जमा करना होता है।
बाजार नियामक ने पाया कि इन 12 संस्थाओं ने मार्च, 2025 से अप्रैल, 2026 के बीच निर्धारित अपनी-अपनी समयसीमा तक यह शुल्क जमा नहीं किया।
सेबी ने इस वर्ष मई और जून में इन संस्थाओं को नोटिस जारी कर पूछा था कि उनका पंजीकरण क्यों रद्द या निलंबित न किया जाए। हालांकि,किसी भी संस्था ने निर्धारित अवधि के भीतर कोई जवाब नहीं दिया।
इसके बाद नियामक ने इन 12 संस्थाओं के शोध विश्लेषक के रूप में पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द कर दिए।
सेबी ने अपने आदेश में कहा कि यह कार्रवाई समाप्त हो चुके पंजीकरण प्रमाणपत्रों के संभावित दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से की गई है।
साथ ही उसने स्पष्ट किया कि पंजीकरण रद्द होने के बावजूद ये संस्थाएं शोध विश्लेषक के रूप में अपने द्वारा किए गए या नहीं किए गए किसी भी कार्य के लिए उत्तरदायी बनी रहेंगी।
