आईटी सिटी बेंगलुरु के एक नामी कॉर्पोरेट कैंपस से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कैपजेमिनी (Capgemini) कंपनी के इन-हाउस डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ शारीरिक और मानसिक दुर्व्यवहार के मामले में बेंगलुरु पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। इस घटना के बाद से बाल अधिकार अधिकारियों ने भी समानांतर जांच शुरू कर दी है, जिससे डेकेयर सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी महिला गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार की गई महिला की पहचान विजयलक्ष्मी के रूप में हुई है, जो इसी डेकेयर सेंटर में काम करती थी। हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ बेहद परेशान करने वाले वीडियो वायरल हुए थे, जिसने लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। विजयलक्ष्मी की पहचान उसी मुख्य महिला के तौर पर हुई है जो वीडियो में मासूमों के साथ क्रूरता करती दिखाई दे रही थी।
पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
वॉशिंग मशीन में डालना और जेट स्प्रे से प्रताड़ना: वीडियो में दिखी बर्बरता
यह पूरा मामला तब रोशनी में आया जब डेकेयर के अंदर के कुछ सीसीटीवी फुटेज और वीडियो ऑनलाइन लीक हो गए। इन वीडियो में कैपजेमिनी के बेंगलुरु कैंपस में चल रहे डेकेयर के अंदर करीब दो साल तक के मासूम बच्चों के साथ ऐसा बर्ताव देखा गया जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए:
वॉशिंग मशीन का इस्तेमाल: वायरल फुटेज में देखा गया कि आरोपी महिला रोते हुए मासूम बच्चों को जबरदस्ती एक फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के ड्रम के अंदर डाल रही थी।
मुंह पर जेट स्प्रे: बच्चों को चुप कराने या प्रताड़ित करने के लिए उनके मुंह पर सीधे पानी के जेट स्प्रे से बौछार की जा रही थी।
बाथरूम में कैद करना: अगर कोई बच्चा ज्यादा रोता था, तो उसे सजा के तौर पर अंधेरे बाथरूम में अकेला बंद कर दिया जाता था।
सुरक्षा व्यवस्था और कॉर्पोरेट जवाबदेही पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा संचालित डेकेयर सेंटर्स में बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता में भारी चिंता और डर का माहौल है। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और अधिकारियों ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस कृत्य में डेकेयर का अन्य स्टाफ भी शामिल था और मैनेजमेंट की तरफ से इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।