राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को वैश्विक चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के पास एक ऐसी समग्र और एकीकृत दृष्टि (Holistic Vision) है, जिसमें वर्तमान समय में दुनिया के सामने मौजूद सभी संकटों और चुनौतियों का स्थायी समाधान छिपा है। भागवत ने जोर देकर कहा कि विश्व को पूर्णता प्रदान करना और उसे सही दिशा दिखाना ही भारत की मुख्य भूमिका है।
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उन्होंने कहा कि दुनिया को पूर्णता प्रदान करना भारत की भूमिका है।
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय शिक्षण मंडल की ओर से आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि विश्व के सभी प्राणियों के कल्याण के लिए भारत की बात सुनी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘ दुनिया को पूर्णता प्रदान करने के लिए हमारी समग्र दृष्टि के आधार पर विश्व के सभी प्राणियों के कल्याण के लिए भारत की बात सुनी जानी चाहिए। यह अपरिहार्य है।’’
उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक ढांचे केवल आंशिक दृष्टिकोण ही पेश करते हैं और समय की चुनौतियों का पूरी तरह से समाधान नहीं कर सकते।
भागवत ने इस अवसर पर भारतीय शिक्षण मंडल (बीएसएम) की नई वेबसाइट की शुरुआत की।
विज्ञप्ति के अनुसार, देशभर से आए करीब 380 प्रतिनिधियों की भागीदारी वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन शुक्रवार को कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने किया था।
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नई वेबसाइट की शुरुआत और सम्मेलन का विवरण
इस विशेष अवसर पर मोहन भागवत ने ‘भारतीय शिक्षण मंडल’ (BSM) की नई आधिकारिक वेबसाइट का भी शुभारंभ किया।
प्रतिनिधियों की भागीदारी: इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के कोने-कोने से आए लगभग 380 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
भव्य उद्घाटन: विज्ञप्ति के मुताबिक, शुक्रवार को इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा किया गया था।
