चीन की राजधानी बीजिंग शाम का वक्त और अचानक आसमान से मौत बरसने लगती है। 1700 फीट ऊंची बीजिंग की सबसे गगनचुंबी इमारत सिट्रिक टावर से एक ऐसा मंजर टकराता है जिसे देख पूरी दुनिया दहल जाती है। बीजिंग की 109 मंजिला ऊंची इमारत जो आसमान को चीरती हुई खड़ी है उससे एक छोटा विमान यानी कि लाइट स्पॉट एयरक्राफ्ट सीधे जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि 109वीं मंजिल की खिड़कियां कांच के पत्तों की तरह बिखर गई। इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर मलबे की बारिश होने लगी और देखते ही देखते धुएं का गुबार आसमान छूने लगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस विमान ने महज 30 मिनट पहले शिफोसी एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। पायलट अकेला था। सब कुछ सामान्य लग रहा था। शाम के 5:40 बज रहे थे। विमान लैंडिंग के लिए वापस मुड़ने ही वाला था। लेकिन तभी किस्मत ने करवट ली।
फ्लाइट मॉनिटरिंग सिस्टम के डाटा के मुताबिक विमान अपने तय रास्ते से बुरी तरह भटक गया। रडार पर सिग्नल तब दिखा जब तक वो बीजिंग की ईस्ट फिफ्थ रिंग रोड के पास नहीं पहुंचा और फिर सन्नाटा विमान का संपर्क टूट गया और कुछ ही मिनटों बाद वो 1700 फीट ऊंचे टावर के सीने में समा चुका था। जैसे ही टक्कर हुई बीजिंग की सड़कों पर अफरातफरी मच गई। सीएनए के पत्रकारों और चश्मदीदों ने बताया कि इमारत से लोग पागलों की तरह बाहर भाग रहे थे। पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की कतारें लग गई। 109 मंजिला इस इमारत में कितने लोग फंसे थे, इसका अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल था। ऊपर की मंजिलों पर फंसे लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। जबकि नीचे मलबे के बीच से धुआं उठ रहा था। यह किसी हॉलीवुड फिल्म के क्लाइमेक्स जैसा था। लेकिन यह सब हकीकत थी। हैरानी की बात तो यह है कि चीन ने हाल ही में बीजिंग को ड्रोन मुक्त शहर घोषित किया था।
1 मई से यहां बिना इजाजत एक पत्ता भी नहीं हिल सकता था। फिर एक पूरा विमान इस सुरक्षा घेरे को तोड़कर शहर की सबसे ऊंची इमारत तक कैसे पहुंच गया? क्या यह सिस्टम की नाकामी है? दरअसल, फ्लाइट ट्रेडर 24 का डाटा बताता है कि विमान का रास्ता सामान्य नहीं था। क्या पायलट बेहोश हो गया था या प्लेन में कोई तकनीकी खराबी थी? जब आप अभी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। विमान का रजिस्ट्रेशन कोड बताता है कि यह चीन में ही बना एक हल्का स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट है जो एक स्थानीय जनरल एिएशन कंपनी का था। टक्कर इतनी भीषण थी कि एयरक्राफ्ट के परखच्चे उड़ गए। फिलहाल हताहतों की सटीक संख्या सामने नहीं आई है। लेकिन यह टक्कर 109वीं मंजिल पर हुई है जो बताती है कि नुकसान कितना बड़ा हो सकता है। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है।